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Saturday, October 1, 2011

टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा - उत्तर प्रदेश

 झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य किए जाने के बाद पहली बार होने वाली इस परीक्षा के प्रारूप को लेकर बीएड डिग्रीधारकों में चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म कर दी गई है। शिक्षा विभाग द्वारा स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जून माह में आयोजित सीटीईटी परीक्षा (CTET Exam 2011)  का परिणाम बेहद निराशाजनक रहा था। परीक्षा में सात लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, परंतु सफलता एक लाख के भी हाथ नहीं लगी थी। इसकी प्रमुख वजह प्रश्न पत्र को लेकर असमंजस की स्थिति थी। लेकिन, अभ्यर्थियों को इस स्थिति का सामना यूपीटीईटी में नहीं करना होगा। यूपीटीईटी के प्रश्नपत्रों की मौलिक संरचना स्पष्ट कर दी गई है। प्राइमरी स्तर पर होने वाली टीईटी परीक्षा में 150 नंबर के 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें बाल विकास एवं अभिज्ञान, भाषा 1 (हिंदी), भाषा 2 (अंग्रेजी या उर्दू), गणित तथा पर्यावरणीय शिक्षा विषयों से तीस - तीस प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, जूनियर हाईस्कूल स्तर की परीक्षा में बाल विकास एवं अभिज्ञान, भाषा 1 (हिंदी) व भाषा 2 (अंग्रेजी या उर्दू) के तीस - तीस प्रश्न पूछे जाएंगे। जबकि, गणित तथा विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन एवं अन्य समस्त विषय में से अभ्यर्थी को कोई एक चुनना होगा। इसके साठ प्रश्न पूछे जाएंगे। दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम स्तर के होंगे। अभ्यर्थियों को 150 प्रश्नों के हल के लिए डेढ़ घंटे का समय दिया जाएगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि अभी यूपीटीईटी परीक्षा का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। लेकिन, जल्द ही इसके घोषित होने की संभावना है।

News Source : Bundelkhand Samachar Epaper - 13 September 2011

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