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Tuesday, December 6, 2011

Shortage of Primary Teachers in Noida can not be solved with 12 Teachers

नोएडा प्राइमरी स्कूलों में नहीं हैं टीचर्स
( Shortage of Primary Teachers in Noida can not be solved with 12 Teachers)

नोएडा जिले के प्राइमरी स्कूलों में टीचर्स की कमी है। स्कूलों में पढ़ने वाले 54 हजार स्टूडेंट्स के लिए सिर्फ 2100 टीचर्स हैं। इस कमी के चलते एक अध्यापक को 100 छात्रों की क्लास संभालनी पड़ रही है। बता दें कि जिले में 465 प्राइमरी स्कूल हैं, जिनमें 54 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। जिले के प्राइमरी स्कूलों में करीब 200 टीचर्स की कमी है। गाइडलाइंस के अनुसार प्राइमरी स्कूल की एक क्लास में 45 स्टूडेंट्स से ज्यादा नहीं हो सकते, लेकिन गौतमबुद्धनगर के स्कूलों की हालत कुछ अलग ही है। इस कमी को देखते हुए कांशीराम और कस्तूरबा गांधी योजना के तहत चलने वाले स्कूलों में अलग से अध्यापक नियुक्त किए गए हैं।

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार प्राइमरी स्कूलों में टीचर्स स्टूडंेट्स को पढ़ाने में रुचि भी नहीं लेते। हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने टीईटी टेस्ट से मेरिट बेस पर 73 हजार अध्यापकों की भर्ती की गई, लेकिन इनमें से सिर्फ 12  टीचर्स ही नोएडा को मिले। 53 पर्सेंट अध्यापकों को पूर्वांचल के लिए चुना गया है। इस बारे में बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास का कहना है कि जिले के प्राइमरी स्कूलों में टीचर्स की कमी है, लेकिन यह कमी बहुत ज्यादा नहीं है। 200 टीचर्स स्कूलों को मिलने पर सारी परेशानी खत्म हो जाएगी
News : Navbharat Times Noida (6.12.11)
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UP Basic Education Department allotted only 12 seats in Noida (Gautam Buddh Nagar) while as per guidelines teacher-student ratio 1:45, and therefore shortage of teacher problem can not be solved with 12 teacher.
53 percent UPTET seats are given to Purvanchal.