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Saturday, December 3, 2011

UP TET may again Wrong Evaluation of OMR Answer Sheets

एक ही विकल्प पर कुछ को नंबर दिए, कुछ के काटे

(UP Board Highschool / Intermediate, TET exam may  Wrong Evaluation of  Answer Booklets)


Some candidates raise objection for new evaluation of TET OMR answer sheets.
Candidates who objected / making complaint got reevalaution and more marks for  same question while others who have not given any complaint geting no marks for same question.
Candidates demanded cancel TET exam and start afresh TET exam.

इलाहाबाद। हाईस्कूल, इंटर परीक्षा के मूल्यांकन में भारी गड़बड़ियों के कारण इस सत्र में अब तक यूपी बोर्ड को चार लाख रुपये जुर्माना देना पड़ा है। 75 के बजाय छात्र को पांच अंक मिल गए तो 88 के बजाय 18। टीईटी परीक्षा में भी बोर्ड ने ऐसी ही गड़बड़ियां की हैं। एक सवाल के एक विकल्प पर किसी को नंबर दिए तो किसी के काट लिए। बोर्ड का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने आपत्ति की, उनके नंबर जोड़े गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि किसी सवाल का कोई विकल्प सही ठहराया जाएगा तो वह सभी के लिए होगा न कि आपत्ति के हिसाब से जवाब सही या गलत होंगे।
अभ्यर्थियों ने प्राथमिक स्तर की परीक्षा में आठ और जूनियर स्तर पर 11 सवाल चिन्हित किए हैं जिनके एक जवाब पर कुछ लोगों को नंबर दिए गए, बाकी को नहीं। मसलन यदि सवाल का बी विकल्प सही है और 70 फीसदी अभ्यर्थियों ने उस पर ही गोला काला किया तो उसमें से 75 फीसदी को नंबर मिले, 25 फीसदी को नहीं मिले। अभ्यर्थियों का कहना है कि आपत्ति के बाद यदि बोर्ड जवाब में संशोधन कर रहा है तो उस जवाब पर गोला भरने वाले सभी अभ्यर्थियों को अंक मिलने चाहिए। इससे आपत्ति करने का कोई वास्ता नहीं होना चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं दिख रहा।
तेलियरगंज निवासी अभिषेक सिन्हा, रंजना सिंह, केसरी देवी, पंखुरी पटेल, मम्फोर्डगंज की अफशां, नलिनी त्रिपाठी, करेली निवासी तरन्नुम, फिरोज आदि ने अपने और कई अन्य अभ्यर्थियों के परिणाम की तुलना की है। उनका दावा है कि कई सवालों के समान विकल्प होने पर भी उन्हें अंक नहीं मिले, दूसरों को मिले। इसे लेकर शनिवार को बोर्ड दफ्तर जाएंगे और सुधार न हुआ तो न्यायालय में रिट दायर कर शिक्षक चयन प्रक्रिया रोकने की अर्जी देंगे। टीईटी परिणाम में संशोधन के नाम पर बोर्ड ने ऐसी गड़बड़ियां कर दी हैं कि अभ्यर्थी चकरा गए हैं। वीरेंद्र कुमार, तनुज कुमार भारतीय, शशिकांत सिंह, फूलचंद, रमेश, राहुल प्रिय गौतम समेत 20 अभ्यर्थियों ने यूपी बोर्ड और मुख्यमंत्री को लिखित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के मुताबिक नए परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों के 93 के स्थान पर 39 लिख गए तो 62 के स्थान पर 26 लिख गए। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि टीईटी में अब तक 25 सवालों में विसंगतियां मिल चुकी हैं जो साफ दर्शाता है कि रिजल्ट तैयार करने में अनियमितता बरती गई है। अभ्यर्थियों ने रिजल्ट रद्द कर नए सिरे से परीक्षा की मांग की है। यूपी बोर्ड की गड़बड़ियों से नाराज तमाम अभ्यर्थियों ने टीईटी के आधार पर चयन को गलत ठहराया है। हरिमोहन सिंह समेत कई अभ्यर्थियों ने एनसीटीई को पत्र भेज इस पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि टीईटी केवल पात्रता परीक्षा है, इसकी मेरिट को चयन का आधार बनाना नियमानुसार गलत है, इस पर रोक जरूरी है। टीईटी में शामिल सामान्य वर्ग की छात्राओं ने पास प्रतिशत में पांच फीसदी छूट की मांग की है। उनका तर्क है कि यूपी टीईटी के सवालों का मानक एनसीटीई और एनसीईआरटी के मानकों के विपरीत है। वहां ऐसी परीक्षा में गणित के 15 सवाल पूछे जाने का प्रावधान है जबकि यूपीटीईटी में 30 पूछे गए। प्रियंका सिंह समेत कई अभ्यर्थियों का तर्क है कि हाईस्कूल में गृहविज्ञान पढ़ने वाली छात्राओं का परिणाम इससे प्रभावित
हो रहा है। प्रियंका ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज पांच फीसदी छूट की मांग रखी है।
News : Amar Ujala (3.12.11)
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3 comments:

  1. उत्तर प्रदेश प्रशासनिक व्यवस्था बिलकुल ही सड़क छाप हो चली है| सरकार के अफसर जनता के लिए नहीं बल्कि सत्ताधारी दल के लिए काम करते करते अपनी जिम्मेदारिओं को भूल चुके हैं| केवल सत्ताधारी दल की सरकार की इज्जत बचाने की खातिर उत्तर प्रदेश के अफसर आम जनता की सुविधा और कानून की परवाह किये बिना सब कुछ सफ़ेद स्याह करने पर तुले हैं| ताजे मामले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् के अधिकारिओ और बाबुओं ने ये कारनामा कर दिखाया है| उत्तर प्रदेश में अध्यापक पात्रता परीक्षा 2011 में लापरवाही और जल्दबाजी के चक्कर में जबरदस्त गलतियाँ हुई और अब नाकामी छुपाने के लिए सरकारी वेबसाईट से वो सभी जानकारी ही हटा दी गयी जिससे जनता नयी शिकायत ही न कर सके| उत्तर प्रदेश में अध्यापक पात्रता परीक्षा 2011 कराने के लिए uptet2011.com वेबसाईट बनायीं गयी| UPTET सम्पन्न कराने का काम उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् इलाहाबाद को सौपा गया या यूं कहें की इस काम में बड़ी धनराशी के आय व्यय की सम्भावना के चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद् के कारिंदों ने इस काम को लपक लिया| वेबसाईट भी प्राइवेट हाथो में सौप दी गयी जबकि NIC इस काम को कर सकता था| पोर्टल के लिए .कॉम चुना गया जबकि सरकारी काम के नाते .gov.in भी मुफ्त में मिल सकती थी| खैर ये तो छोटी मोटी अनियमितताएं थी| मगर परीक्षा का पूरा काम एक प्राइवेट कम्पनी को सौपा गया जिसने अपनी वेबसाईट की हिटिंग बढ़ाने के लिए जानबूझ कर गलतियाँ की ताकि अधिक से अधिक बार परीक्षार्थी वेबसाईट पर आये और वेबसाईट की हित्तिंग बढ़ सके| वेबसाईट से answar sheet हटा दी गयी| मगर इन सब के बीच माध्यमिक शिक्षा परिषद् की मुसीबते बढ़ने लगी| माध्यमिक शिक्षा परिषद् की वेबसाईट upmsp.nic.in पर उपलब्ध अधिकारिओ के नाम पते और फोन नंबर को खोज कर परीक्षार्थियो ने घंटी बजाना शुरू किया तो माध्यमिक शिक्षा परिषद् के सचिव से लेकर बाबू तक की जानकारी हटा दी गयी| अब इस वेबसाईट से वो अब जानकारी हटा दी गयी जिससे आम आदमी उत्तर प्रदेश के इस सबसे नाकाम और चोर टाइप विभाग से सम्पर्क न कर सके

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  2. my friends 10 se bed tak merit banane ka faisla govt ne kiya tha aur ab yadi govt apna decision change karke uptet se merit banati hai to problem kya hai while everyone has got the equal opportunity to get sellected if some one fails or inable to get a job then he itself is responsible govt should not be blamed as far as irregularties are concern govt should have done little better. lekin main fir kahunga merit tet k hisab se hi banani chahiye kyonki hame ye nahi bhoolna chahiye ki age 18 se 40 hai aur jinhone pahle padhai ki hai unke saath nainsafi hogi

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  3. Almost every States are conducting the TET Test but they have transparent rules and their system but unfortunately I am bound to say that UPTET staff/ management is disable and blunt and have no transparent rules for evaluation.This test is just a joke not an ability test and its Cancellation necessary.

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