Tuesday, February 26, 2013

Basic Shiksha Parishad UP News : बेसिक शिक्षिकाओं की तैनाती पर हाईकोर्ट सख्त


Basic Shiksha Parishad UP News : बेसिक शिक्षिकाओं की तैनाती पर हाईकोर्ट सख्त



इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता। अंतर-जनपदीय तबादले के तहत शिक्षिकाओं की तैनाती में पारदर्शिता को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद शिक्षा अधिकारियों ने तैनाती नहीं की तो एक शिक्षिका ने अवमानना याचिका दायर कर दी। इसकी सुनवाई करते हुए जस्टिस देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बीएसए और डायट प्राचार्य को नोटिस जारी कर 8 अप्रैल तक जवाब तलब किया है।


हालांकि शिक्षा अधिकारियों को पूर्व के आदेश का अनुपालन करने का अंतिम मौका भी दिया गया है। पिछले साल अंतर-जनपदीय तबादले के तहत इलाहाबाद आईं शिक्षिकाओं ने तैनाती में मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन कर दिया था। इलाहाबाद से लखनऊ तक चले आंदोलन में महिलाओं ने पूर्व बीएसए दिनेश यादव को कटघरे में खड़ा कर दिया था। इसमें डीएम को हस्तक्षेप करना पड़ा और सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन करना पड़ा था। जांच समिति की रिपोर्ट से असंतुष्ट शिक्षिकाओं ने आंदोलन जारी रखा जिसका परिणाम यह हुआ कि दिनेश यादव को बीएसए पद से हटा दिया गया।
इसके बाद कुछ शिक्षिकाओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। शिक्षिकाओं का तर्क था कि शासनादेशों की अनदेखी करते हुए तत्कालीन बीएसए दिनेश यादव ने मनमाने तरीके से तैनाती कर दी। जस्टिस वीके शुक्ला ने 29 नवंबर 2012 को नए सिरे से तैनाती किए जाने का आदेश जारी किया। आदेश का पालन न होने पर विभा कैथवास व अन्य ने अवमानना याचिका दायर कर दी। 21 फरवरी को इसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिला पदस्थापना समिति के अध्यक्ष और डायट प्राचार्य समेत बीएसए को नोटिस जारी कर 8 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हालांकि इस दौरान अधिकारी 29 नवंबर के आदेश का अनुपालन कर सकते हैं। शिक्षिकाओं के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले जनसंघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि पारदर्शी तरीके से तैनाती नहीं हुई तो फिर से आंदोलन किया जाएगा


News Source : livehindustan.com(26-02-13 12:16 AM)
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