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Monday, April 30, 2012

UPTET : Relief to TET candidates in Allahabad High court

न्याय के मंदिर में (30-04-2012 )  टीईटी  अभ्यर्थीयों  को राहत 
UPTET : Relief to TET candidates as positive indication appears in today hearing in Allahabad High court 













नयी तारीख 2 मई , लगता है फेसले की अंतिम सुनवाई और फेसले की घड़ी 


आज के घटनाक्रम ( आज जिस प्रकार से लोगो ने ब्लॉग पर आकर सूचनाएँ दी  ) को देख कर ऐसा लगता है की कोर्ट का निर्णय  टीईटी  अभ्यर्थीयों को जरूर राहत देगा |
 (आज जिस प्रकार से लोगो ने ब्लॉग पर आकर सूचनाएँ दी)


कारण साफ़ है की जज साहब को भी लग रहा है कि कपिल देव की याचिका सिर्फ मामला लटकाने के लिये दायर की गयी है

Information given by Mr. Ashish Srivastava :-
जब उन्होंने कपिल यादव के वकील से पूछा कि आपको कोई समस्या है अगर बी एस ए की जगह सचिव ने विज्ञापन निकाला तो जवाब देते नहीं बना 
कपिल  ने  जब   टीईटी  पास  किया  है  तो  उसको  विज्ञापन  निरस्त  कराने  से  क्या  मतलब ?
क्या  बी एस   ए  के  अधिकार  में  कमी  आने  से  कपिल  को  कोई  नुकसान  हो  रहा  था ?
क्या  कपिल  बी. एस.  ए  है ?


फैसला  आज  आ   सकता था  आज  ही  लेकिन  सरकारी  वकील  ने  टांग लगा  दी  और  दो   दिन  का  टाइम  मांग  लिया .कपिल  का  वकील  तो  अकैडमिक वर्सस टीईटी  करने  लगा  तो  जज  ने  फिर  उसको  डाट  पिलाई  और  कहा  कि  जिस  मुद्दे  पे  केस  चल  रहा  है  सिर्फ  उसपे  बात  करो .


बस  यही  संदेह है कि  सरकारी  वकील  ने  किसलिए  डेट  मांगी  है ?
दाल  में  अभी  भी  कुछ  काला  है .सरकार  कि  नियत  साफ़ नहीं


1. में इसमें कुछ जोड़ना चाहती हूँ कि अगर बी एस ए को सचिव के विज्ञापन निकलने को लेकर आपत्ति थी तो उन्होंने विज्ञापन  प्रकाशित होने के बाद अपनी आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई और अगर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई तो मामला साफ़ है कि उनको आपत्ति नहीं थी 

2. अगर उन्होंने अपनी अनापत्ति प्रमाण  न्यायलय में प्रस्तुत किया है तो और भी अच्छा है (क्योंकि ये मामला दिसंबर से अदालत में चल रहा है और ऐसा कुछ भी अभी  तक प्रतीत नहीं हुआ कि  बी एस ए  की तरफ से कोई आपत्ति थी , मीडिया आदि द्वारा )

3. अभी तक सिर्फ आवेदन पात्र जमा हुए हैं , और कोई काउंसलिंग / नियुक्ति पत्र नहीं दीया गए हैं , ये आवेदन पत्र भी जिलावार ही दीया गए हैं | तो भर्ती के महत्वपूर्ण चरण बाकि हैं जिसमें बी एस ए द्वारा काउंसलिंग के लिये बुलाया जा सकता है व नियुक्ति पत्र दीया जा सकते हैं (इससे उनके अधिकारों में कोई समस्या नहीं आयेगी )

4. यह आवेदन सरकार ने ही निकाला है तो सरकारी वकील का फर्ज बनता है कि विज्ञापन को मजबूती प्रदान करे , अन्यथा कोई अपने पाँव पर कुल्हाडी क्यूँ मारेगा |
और सचिव को क्यूँ गलत साबित करेगा 

5. इलाहबाद हाई कोर्ट पूर्व में निर्णय दे चुक है कि -
टी ई टी अंकों से चयन , एन सी टी ई के नियमानुसार है व एक बार प्रक्रिया निर्धारित होने के बाद उसका बदला जाना पक्षपात पूर्ण है (जब गेम / प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो, 
तो कपिल के वकील के वकील कि  अकैडमिक वर्सस टीईटी की बात महत्वहीन , तर्क रहित व मूल मुद्दे से भ्रमित करने वाली है 
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टीईटी चयन मामले की सुनवाई कल


विसं, इलाहाबाद : टीईटी में चयनित 72,800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक के मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरुण टण्डन ने दो मई की तिथि नियत की है। याची अधिवक्ता आलोक यादव का कहना है कि उप्र. बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को ही नियुक्ति का अधिकार है। नियम के विपरीत चयन बोर्ड ने सभी बीएसए की तरफ से नियुक्ति अधिसूचना जारी की है। याची का यह भी कहना है कि शासनादेश के तहत चयन की विज्ञप्ति स्वयं उस शासनादेश के विपरीत है। चयन का आधार शैक्षिक योग्यता को मानक बनाया जाएगा न कि टीईटी के प्राप्तांक को

News : Jagran (30.4.12)
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उपरोक्त बिन्दुओं को देख कर ऐसा प्रतीत होता है , कि न्यायलय विज्ञापन में पुन संशोधन का आदेश जारी कर सकता है ( जैसा कि ५ जिलों से सारे जिलों में आवेदन  के लिया दीया गया था ) ,
क्योंकी   विज्ञापन निकलने में  टीईटी  अभ्यर्थीयों  का कुछ लेना देना / नहीं | उन्होंने तो आवेदन व परीक्षा सरकार के निर्देशानुसार ही दी थी |

टीईटी  अभ्यर्थीयों  को बेवजह परेशान नहीं होना चाहिए , जब तक अधिकृत सूचनाएँ नहीं आती |
भगवान् पर भरोसा रखें 
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If somebody have better information then please share it through comments for update.
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Ashish Srivastava said...
DOSTO AJ COURT ME JO KUCH HUA WO MAI LIKH RHA HUN
Aj jo kuch hua court me wo 4month pahale hona chahiye tha.
Mera ek dost tha waha court me.usnne bataya ki judge sahab ne kapil k vakil ki jam ke class li.unone aj puchha ki agar vigyapan me koi galti thi toh usse tum kaha se prabhavit ho rhe the?kapil ne jab TET pass kiya hai toh usko vigyapn nirast karane se kya matlab?kya BSA ke adhikar me kami aane se Kapil ko koi nuksan ho rha tha?kya kapil BSA hai?ye saare sawal judge ne puchha.
Faisla asakta tha aj hi lekin sarkari vakil ne tang laga di aur 2 din ka time maang liya.kapil ka vakil toh accd vs TET karne laga toh judge ne fir usko daat pilayi aur kaha ki jis mudde pe case chal rha hai sirf uspe baat karo.
Bas yahi doubt full hai ki sarkari vakil ne kisliye date maangi hai?
Daal me abhi b kuch kaal hai.sarkar ki niyaat bahut gandi hai.
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As a blog writer, I persoanlly felt :-

Chyan ka aadhar sansodhit hone mein constitutional problem hai -
Matlab kisee ka paksh/hit sadhna, jabki game samapti par hai

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Jabki vigapan ka mala doosra hai, ki vigapan kon jaree kare.

Aur ismen agar aage kee karyvahee BSA ka haath mein de dee jatee hai, to mala swat hal ho jayega

Abhee na to counsling huee hai/ na hee kisee ko niyukti patr deeye gaya hain.

Mehtvpoorn adhikaar baki hain.

UPTET : टीईटी अभ्यर्थीयों के फेसले का दिन न्याय के मंदिर में - 30 अप्रेल 2012


UPTET : टीईटी अभ्यर्थीयों  के फेसले  का दिन न्याय के मंदिर में  - 30 अप्रेल 2012



 
 For Final Hearing/Disposal
 WRIT - A                                
 155. DF    76039/2011 YADAV KAPILDEV LAL BAHADUR      ALOK KUMAR YADAV,                       RAJESH YADAV Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                                       K.S. KUSHWAHA

http://allahabadhighcourt.in/causelist/courtA.jsp ( Site -> http://allahabadhighcourt.in -> Cause List ->
->Date -> Court No. 33


लगता है  आज  अदालत का निर्णय टीईटी अभ्यर्थीयों के लिये भारी राहत लेकर आएगा
इससे पहले भी एक बार अदालत टीईटी अभ्यर्थीयों के हितों का ध्यान रखते हुए विज्ञापन में संशोधन का निर्णय दे चुका है
जिसमें अभ्यर्थीयों को ५ जिलों के स्थान पर सभी जिलों में आवेदन की छूट दी गयी थी

टीईटी अभ्यर्थीयों की तादाद व उनकी परेशानीयों (जिसमें आवेदन शुल्क , मेहनत परीक्षा उत्तीर्ण  करने में व् आवेदन के दोरान  परेशानीयां , समय इत्यादि शामिल है )  को देखते हुये ऐसा प्रतीत होता है कि विज्ञापन एक बार पुन : संशोधित हो सकता है या कोई जनहित में निर्णय  (और अधिकारीओं की गलती,  अभ्यर्थीयों को न भुगतनी पड़े ) आ सकता है |

 शायद  आज  फेसले के दिन हो ( क्योंकी इलाहबाद हाई कोर्ट डबल बेंच ने इस मामले को शीघ्र हल करने पर जोर दीया है |
और उसके बाद भर्ती प्रक्रिया पुन:  प्रारंभ हो सकती है , जिसमें काउंसलिंग के जरिये नियुक्ति पात्र दीये जाने बाकि हैं

UPTET : भर्ती प्रक्रिया रद हुई तो करेंगे आंदोलन


UPTET : भर्ती प्रक्रिया रद हुई तो करेंगे आंदोलन 

आलीपुर खेड़ा (ब्यूरो)। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने कहा है कि यदि शासन टीईटी भर्ती प्रक्रिया निरस्त करता है तो अभ्यर्थी आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। इस संबंध में अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर युवा बेरोजगारों के पक्ष में निर्णय लेने की मांग की है।
रविवार को बनवारी लाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवपालपुर में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें अजंट सिंह राजपूत ने कहा कि बसपा शासनकाल में उन्होंने टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन तैनाती होने से पूर्व ही सरकार बदल गई। सपा सरकार द्वारा युवा बेरोजगारों के लिए घोषणा पत्र में भी स्थान दिया गया है। यदि सरकार युवाओं की सच्ची हितैषी है तो टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के पक्ष में निर्णय ले। नीतू सिंह ने कहा कि राजनीति की गंदी चालों में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का भविष्य लटक गया है। रंजीत सिंह सिसौदिया ने कहा कि सरकार शीघ्र ही टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नौकरी दे अन्यथा सरकार के विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा। बैठक को रामधनी शाक्य, श्याम सिंह राजपूत, अजय यादव, सतेंद्र सिंह, नसीम खां, प्रियंका राजपूत, राहुल आदि थे।


सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
ललितपुर। टीईटी उत्तीर्ण छात्रों की बैठक में सरकार की मंशा पर सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया टालने के उद्देश्य से सरकार कोई निर्णय लेने से कतरा रही है।
उन्होंने कहा कि टीईटी उत्तीर्ण छात्र नौकरी लेकर रहेंगे। यदि सरकार ने विपरीत निर्णय लिया तो आंदोलन तेज करने के बाध्य हो जाएंगे। बैठक में अंतिम कुमार जैन, नीलेश पुरोहित, राहुल तिवारी, दीपक गुप्ता, प्रदीप सैनी, विजय रावत, रवींद्र साहू, अनुपम गुप्ता, अनुराग शर्मा, अजय रैकवार, लखनलाल, वर्षा बबेले, राजेंद्र राठौर, अंसार खां, शरद सोनी, प्रीति सोनी, मनीष रैकवार आदि उपस्थित रहे।



लाठीचार्ज छात्र विरोधी मानसिकता
गाजीपुर(ब्यूरो)। भाजयुमो कार्यकर्ताओं की बैठक शाहीपुरा स्थित मंदिर परिसर में हुई। इसमें मोर्चा के निवर्तमान अध्यक्ष योगेश सिंह ने कहा कि सपा की सरकार आते ही प्रदेश में नौजवानों के ऊपर जुल्म शुरु हो गया है। टीईटी अभ्यर्थियों तथा इलाहाबाद विवि के छात्रों पर लाठीचार्ज सरकार की छात्र नौजवान विरोधी मानसिकता का परिचायक है।
रविवार को हुई बैठक में नगर उपाध्यक्ष मनोज गुप्त ने कहा कि परीक्षा चल रही है बावजूद इसके बेतहाशा बिजली कटौती की जा रही है। अगर समय रहते कटौती में सुधार नहीं हुआ तो मोर्चा कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को तैयार हैं। इस अवसर पर चंदन आर्य, आशुतोष पांडेय, अभिषेक सिंह, अभिषेक राय, मनोज गुप्त, रामसेवक यादव, शंभू, रमेश वर्मा, प्रदीप, शिवजी, वेदमणि, रिंकू आदि थे। अध्यक्षता रासबिहारी राय, संचालन प्रमोद ने किया।


News : Amar Ujala (30.4.12)

UP Lectureres / Teachers : माध्यमिक के 1500 प्रवक्ताओं की जा सकती है नौकरी


UP Lectureres / Teachers : माध्यमिक के 1500 प्रवक्ताओं की जा सकती है नौकरी


स्कूलों में दस वर्षों में तैनात शिक्षकों की जांच में खुलासा
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के कई बाबुओं पर भी कसा फंदा 


इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित लगभग 1500 सहायक अध्यापकों, प्रवक्ताओं की नौकरी जा सकती है। पिछले दस वर्षों में नियुक्त शिक्षकों के कागजात की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदेश के 995 माध्यमिक स्कूलों में तैनात इन प्रवक्ताओं की नियुक्ति गलत तरीके से की गई है। इन शिक्षकों में से कई ने तो चयन बोर्ड की परीक्षा के लिए आवेदन ही नहीं किए जबकि कुछ मुख्य परीक्षा में फेल हो गए, उसके बाद भी नियुक्ति पा ली। 

जांच में यह तथ्य सामने आया कि तीन सौ से अधिक ऐसे मामले हैं जिनके पत्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर जारी ही नहीं किए। इन शिक्षकों ने कुछ बाबुओं, सदस्यों के सहारे फर्जी नियुक्ति पत्र हासिल किए। कई मामलों में संबधित डीआईओएस दफ्तर के कुछ बाबुओं की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इस मामले में कई शिक्षकों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

नियुक्ति में गड़बड़ी के सर्वाधिक मामले इलाहाबाद मंडल, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती, झांसी, कानपुर और आगरा मंडलों में हैं। गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती में ही 580 फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला पकड़ा गया है। इलाहाबाद मंडल में 72, वाराणसी में 106, कानपुर में 129, झांसी में 37 नियुक्तियां फर्जी चिन्हित की गई हैं। मामले में जांच के लिए शासन ने पिछले साल दो कमेटियां बनाई थीं। सीबीसीआईडी के अलावा माध्यमिक शिक्षा अभियान की टीम भी जांच कर रही थी। जांच टीम के सदस्य और शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश दिवाकर ने बताया कि पूरी रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। अपने पक्ष में तथ्य पेश करने के लिए छह माह का समय देने के बाद उनकी बर्खास्तगी भी हो सकती है।

नौकरी के नाम पर झांसा

कुंडा (प्रतापगढ़)। उत्तर प्रदेश ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के नाम से एक संस्था बनाकर स्वास्थ्य संबंधी नौकरी का दिवास्वप्न दिखाकर बेरोजगारों को लूटने का भांडा रविवार को फूट गया। समिति के लोग अपने मकसद में कामयाब होते इससे पहले वे प्रशासन के शिकंजे में आ गए।



बेरोजगारों को लूटने का भंडाफोड़



प्रतापगढ़ में नौकरी के नाम पर झांसा देने वाले गिरफ्त में 


कुंडा (प्रतापगढ़)। उत्तर प्रदेश ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के नाम से एक संस्था बनाकर स्वास्थ्य संबंधी नौकरी का दिवास्वप्न दिखाकर बेरोजगारों को लूटने का भांडा रविवार को फूट गया। समिति के लोग अपने मकसद में कामयाब होते इससे पहले वे प्रशासन के शिकंजे में आ गए। रविवार देर रात तक समिति के अफसरों के ठिकाने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी छापेमारी करते रहे।
अखबारों में 27 मार्च 2012 को उक्त समिति ने विज्ञापन प्रकाशित कर स्वास्थ्य संबंधी कई पदों के लिए रिक्तियां दर्शाते हुए बेरोजगाराें से आवेदन मांगा था। आवेदन के साथ ही ड्राफ्ट भी मांगा गया था। समिति ने बेरोजगाराें को धोखा देने के लिए रिक्तियां सरकारी विज्ञापन की तर्ज पर निकाली थीं। इसके अधिकारियाें ने कुंडा प्रेमनगर निवासी मकदूम जायसवाल के मकान में अपना कार्यालय खोल रखा था। यहां आने वाले आवेदन को कार्यालय कर्मी अपने आवास शाहपुर गोपालगंज उठा ले जाते थे। विज्ञापन प्रकाशन के बाद मामला संज्ञान में आया तो सीएमओ ने डीएम को अवगत करा जालसाजी का अंदेशा जताया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम कुंडा राम प्रकाश मिश्र, सीओ वीएस राणा, कोतवाल सर्वेश मिश्र ने रविवार देर रात कुंडा कस्बा स्थित समिति के कार्यालय पर छापा मारा। वहां से रजिस्टर, मुहर सहित तमाम अभिलेख बरामद हुए। कार्यालय में मौजूद लिपिक अजय केसरवानी सहित दो लोगाें को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी निशानदेही पर अफसराें ने शाहपुर गोपालगंज स्थित एक घर में छापा मारा। वहां कंपनी का एक अधिकारी रहता था। वहां से चार बोरे में भरे आवेदन पत्र और ड्राफ्ट मिले। पुलिस के पहुंचते ही वहां रहने वाला समिति का अधिकारी भाग निकला। पकड़े गए दोनाें कर्मचारियाें को कुंडा कोतवाली ले जाया गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद देर रात तक छापेमारी जारी रही।



News : Amar Ujala (30.4.12)
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सूबे के सैकड़ों इंटर कॉलेजों में अध्यापकों का है टोटा
जीआईसी में सात हजार शिक्षकों के पद हैं खाली


लखनऊ। सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद कोर्ट केस के चक्कर में सूबे के माध्यमिक शिक्षा की स्थिति साल दर साल लचर होती जा रही है। सैकड़ों स्कूलों और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों का टोटा है। एक-एक शिक्षक के भरोसे इंटर कॉलेज चल रहे हैं, जबकि इन कॉलेजों में 13 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। यह खुलासा माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्ति विभाग को भिजवाई गई रिपोर्ट में किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार सूबे के करीब 600 राजकीय इंटर कॉलेजों में 7 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। यही स्थिति प्रिंसिपल के पद को लेकर है। इन स्कूलों में 80 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में प्रिंसिपल के पद खाली हैं। शिक्षकों के टोटा वाले कॉलेजों में पुराने राजकीय इंटर कॉलेज और अपग्रेडेड इंटर कॉलेज शामिल हैं। बता दें कि 20 अप्रैल को नियुक्ति विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों और सचिवों को पत्र लिखकर खाली पदों का विस्तृत ब्योरा भिजवाने के निर्देश दिए थे। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव राजीव कुमार ने सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक के खाली पदों का ब्योरा भिजवाएं। उन्होंने यह भी कहा था पद खाली रहने और नियुक्ति नहीं होने के पीछे क्या कारण यह भी बताएं।


News : Amar Ujala (30.4.12)

HTET Haryana : हरियाणा सरकार को शिक्षकों ने दी धमकी


HTET Haryana : हरियाणा सरकार को शिक्षकों ने दी धमकी


हरियाणा सरकार को पात्र शिक्षकों ने 1 मई को हजारों की संख्या में सीएम सिटी रोहतक में सामूहिक रूप से आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। पात्र शिक्षक 4 साल का अनुभव रखने वाले शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में छूट के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 

सरकार के फैसले से सख्त नाराज पात्र शिक्षकों ने शनिवार को प्रदेश की एजुकेशन मिनिस्टर गीता भुक्कल से मुलाकात की और उनके सामने अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि ये टीचर रेगुलर टीचरों की भर्ती में 4 साल का अनुभव रखने वाले टीचरों को पात्रता टेस्ट से छूट देने के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। इन टीचरों ने मंत्री से सरकार का फैसला वापस लिए जाने की मांग की। इस पर मंत्री भुक्कल ने भरोसा दिया कि वे इस मामला को मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगी और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करेंगी। 

बैठक के बाद पात्र शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजंेद्र शर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि 1 मई को प्रदेश के हजारों पात्र शिक्षक रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। मंत्री से मिलने वाले शिक्षकों के शिष्टमंडल में अर्चना सुहासिनी, प्रेम अहलावत, अनिल अहलावत, राकेश कुमार, संदीप कुमार, गुरदीप, जसपाल, रविंद्र आदि शामिल थे। 




शिक्षकों का प्रदर्शन जारी :-


दूसरी तरफ, पंचकूला स्थित एजुकेशन डायरक्ट्रेट पर पात्र शिक्षक संघ का विरोध-प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी रही। संघ की महिला विंग की अध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने सभा में कहा कि सरकार के नए सर्विस रूल असंवैधानिक हैं, और पात्र शिक्षकों के साथ धोखा है। सरकार रेगुलर भर्ती के नाम पर पिछले डेढ़ साल से बेरोजगारों को बेवकूफ बना रही है। सरकार जहां एक तरफ राइट टू एजुकेशन और विमेन इम्पॉवरमेंट का राग अलाप रही है, वहीं एलिजिबल यूथ के साथ मजाक कर रही है। इस मसले पर प्रदेश प्रवक्ता प्रेम अहलावत ने बताया कि रोहतक में महाबलिदान रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अगर सरकार अपने अडि़यल रवैये पर कायम रही तो प्रदेश के हजारों पात्र शिक्षक अपने जीवन की आहुति देने से नहीं हिचकेंगे। 

News : NavBharat Times ( 29.4.12)

UP polytechnic Admit Card 2012 Download jeecup.org JEECUP Hall Ticket/Admit Card 2012 Download | UP JEECUP Hall Ticket/Admit Card 2012 Download at jeecup.org

UP polytechnic Admit Card 2012 Download jeecup.org JEECUP Hall Ticket/Admit Card 2012 Download | UP JEECUP Hall Ticket/Admit Card 2012 Download at jeecup.org

प्राविधिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश से सम्बद्ध राजकीय/अनुदानित/निजी क्षेत्र की संस्थाओं में चल रहे विभिन्न पाठयक्रमों में प्रवेश हेतु संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पालीटेक्निक) - 2012 का आयोजन 6, 7 एवं 8 मई 2012 को निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार "संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ" के तत्वावधान में होगा। प्राविधिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० से सम्बद्ध संस्थाओं में प्रवेश हेतु उ०प्र० के अभ्यर्थियों की प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांकों के आधार पर योग्यताक्रम सूची तैयार की जायेगी एवं योग्यताक्रम सूची से वर्गवार आरक्षण तथा अन्य आरक्षण सुनिश्चित करते हुए प्रवेश हेतु काउंसलिंग द्वारा अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा।
JEECUP 2012, JEECUP 2012 Admit Card, JEECUP Admit Card 2012, JEECUP Call Letter 2012, JEECUP Hall Ticket 



2012. JEECUP 2012 Admit Card | JEEC UP 2012 Hall Ticket UP JEECUP Hall Ticket/Admit Card 2012 Download at jeecup.org

UP PHD CET Exam New Date 1 june 2012


Ph D Entrance Exam Conducted by Avadh University will be on 1st June 2012

पीएचडी की परीक्षा एक जून को अवध विश्र्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जाने वाली पीएचडी में प्रवेश की संयुक्त पात्रता परीक्षा एक जून को आयोजित की जाएगी। पहले यह परीक्षा 29 अप्रैल को आयोजित की जानी थी। इस परीक्षा के जरिए राज्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश लिए जाएंगे। इसकी सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश में पीएचडी खातिर होखे वाली पात्रता परीक्षा अब एक जून के होखी. परीक्षा डा॰ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय संचालित 
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पांच घंटे की होगी पीएचडी पात्रता परीक्षा

प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में शोध करने की मंशा पाले छात्र-छात्राओं को पहली बार आयोजित होने वाली पीएचडी पात्रता परीक्षा को हर हाल में उत्तीर्ण करनी होगी। पंजीकरण के लिए एक जून को आयोजित होनी वाली पात्रता परीक्षा पांच घंटे की है। पहला प्रश्न पत्र दो घंटे तथा दूसरा तीन घंटे में हल करना होगा। तकरीबन नेट परीक्षा के पैट्रर्न पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को निगेटिव मार्किंग से छूट दी गई है।
काबिलेगौर है कि पहली बार आयोजित होने वाली पीएचडी परीक्षा में अभ्यर्थियाें को दो प्रश्न पत्रों की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। रिसर्च एप्टीट्यूड व सामान्य अभिरुचि की जानकारी पर आधारित प्रथम प्रश्न पत्र एक जून को सुबह आठ बजे से 10 बजे तक तथा विषय पर आधारित दूसरा प्रश्नपत्र दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक रहेगा। पहले प्रश्न पत्र में सौ-सौ तथा दूसरे में विषय से ही दो सौ मल्टीपल च्वाइस के प्रश्न पूछे जाएंगे। अभ्यर्थी तभी परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेगा, जब उसे दोनाें प्रश्न पत्रों में कम से कम 40 फीसदी अंक तथा दोनों में औसतन 50 फीसदी अंक हासिल होंगे। इसमें एस व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच फीसदी अंकों की छूट दी गई है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय इस परीक्षा का भी आयोजन कर रहा है। 37 विषयों में शोध पंजीयन के लिए प्रदेश के दर्जनभर केंद्रों पर 98 हजार परीक्षार्थी एक जून को परीक्षा देंगे। विश्व विद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि यह अद्यतन जानकारी विवि के वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई है।

Sunday, April 29, 2012

UPTET : टीईटी अभ्यर्थीयों के फेसले का दिन न्याय के मंदिर में - 30 अप्रेल 2012


UPTET : टीईटी अभ्यर्थीयों  के फेसले  का दिन न्याय के मंदिर में  - 30 अप्रेल 2012

लगता है कल अदालत का निर्णय टीईटी अभ्यर्थीयों के लिये भारी राहत लेकर आएगा 
इससे पहले भी एक बार अदालत टीईटी अभ्यर्थीयों के हितों का ध्यान रखते हुए विज्ञापन में संशोधन का निर्णय दे चुका है 
जिसमें अभ्यर्थीयों को ५ जिलों के स्थान पर सभी जिलों में आवेदन की छूट दी गयी थी 

टीईटी अभ्यर्थीयों की तादाद व उनकी परेशानीयों (जिसमें आवेदन शुल्क , मेहनत परीक्षा उत्तीर्ण  करने में व् आवेदन के दोरान  परेशानीयां , समय इत्यादि शामिल है )  को देखते हुये ऐसा प्रतीत होता है कि विज्ञापन एक बार पुन : संशोधित हो सकता है या कोई जनहित में निर्णय  (और अधिकारीओं की गलती,  अभ्यर्थीयों को न भुगतनी पड़े ) आ सकता है |

 शायद कल फेसले के दिन हो ( क्योंकी इलाहबाद हाई कोर्ट डबल बेंच ने इस मामले को शीघ्र हल करने पर जोर दीया है |
और उसके बाद भर्ती प्रक्रिया पुन:  प्रारंभ हो सकती है , जिसमें काउंसलिंग के जरिये नियुक्ति पात्र दीये जाने बाकि हैं 

UPTET : नियुक्ति की मांग को लेकर डटे टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी


UPTET : नियुक्ति की मांग को लेकर डटे टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी

चारबाग स्टेशन पर घण्टों मची रही अफरा-तफरी
धरना स्थल पर शुरू किया आमरण अनशन, प्रशासन ने की दबाव बनाने की कोशिश छावनी में तब्दील हुआ धरना-स्थल

लखनऊ (एसएनबी)। टीईटी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर शनिवार को हजारों की संख्या में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी राजधानी पहुंचे। अभ्यर्थियों ने धरना स्थल पहुंचकर अनशन शुरू कर दिया है तथा वे मुख्यमंत्री से वार्ता की जिद पर अड़े हैं। इस दौरान प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें धरना स्थल से हटाने का प्रयास किया लेकिन टीईटी अभ्यर्थी डटे रहे। भारी भीड़ के कारण चारबाग स्टेशन पर घण्टों अफरा-तफरी मची रही। ज्ञात हो गत दिनों टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने टीईटी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर आमरण अंशन शुरू किया था जो आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। मोर्चा को सदस्य सुरेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि गत पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के दौरान आश्वासन मिला था कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर 21 दिनों में पूर्व में जारी विज्ञप्ति के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया के निर्देश दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है तथा अभी तक नियुक्ति के लिए किसी भी तरह के निर्देश नहीं दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि एनसीटीई द्वारा नियुिक्त प्रक्रिया के लिए दिया गया समय भी धीरे-धीरे पूरा होने की कगार पर पहुंच गया है। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के पास मात्र जून माह तक ही समय रह गया है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश व्याप्त है। पूर्व में जारी विज्ञप्ति के अनुसार टीईटी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर शनिवार को प्रात: सात बजे से ही हजारों अभ्यर्थियों की भीड़ चारबाग रेलवे स्टेशन पर एकत्र हो गयी। बड़ी संख्या में इनकी मौजूदगी से चारबाग स्टेशन पर भी अफरा-तफरी मची रही। इसके बाद जब वे धरना स्थल की ओर कूच करने लगे तो उनकी पुलिस बल के साथ नोकझोंक भी हुई। लगभग ग्यारह बजे के बाद अभ्यर्थी धरना स्थल पहुंचे तथा अनशन पर बैठ गये। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के धरना-स्थल पहुंचने पर यहां का माहौल गरम हो गया तथा धरना-स्थल छावनी में तबदील हो गया। इस दौरान धरना स्थल पर भी प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा अभ्यर्थियों पर दबाव बनाकर हटाने की कोशिश की गयी लेकिन अभ्यर्थी डटे रहे। शाम के समय स्थिति तनावपूर्ण हो गयी लेकिन नियंतण्रमें रही। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एकत्र हो जाने से धरना स्थल पर उन्हें पेयजल सहित भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों को पीने के लिए एक टैंकर पानी की व्यवस्था भी की गयी लेकिन वह भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। हालांकि देर रात तक अभ्यर्थी धरना स्थल पर ही डटे रहे। उनका कहना है कि बिना निर्णय वह वापस नहीं जाएंगे। क्ष्/द्रऊ

News : Sahara Samay Live (29.4.12)
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UPTET : टीईटी बेरोजगारों / आंदोलनकारियों के आगे टीईटी नेता फेल


UPTET : टीईटी बेरोजगारों / आंदोलनकारियों के आगे टीईटी नेता फेल

न्यूज़ साभार - युवा दस्तक 


लखनऊ। प्रदेश भर से टीईटी बेरोजगारों ने अचानक लखनऊ आकर डेरा जमा लिया। 30 को राज्‍य सरकार काउंटर लगाइए। पुलिस प्रशासन की अनुमति के बिना विधान सभा के सामने धरना देने जा रहे हजारों युवाओं को पुलिस ने चार बाग रेलवे स्‍टेशन पर ही शनिवार सुबह हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही टीईटी बेरोजगारों के रेले के आगे पुलिस की फौज भी छोटी साबित होने लगी। इसके बाद पुलिस खुद छात्र एवं छात्राओं को विधान सभा के सामने धरना स्‍थल तक पहुंचाया

प्रशासन ने सप्‍ताह भर में वार्ता का समय देकर वापस जाने की चेतावनी दी। इसके बाद टीईटी नेता तो प्रशासन की हां में हां मिलाते दिखे लेकिन प्रदेश भर से जुटे आंदोलनकारियों ने विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया। धरना स्‍थल पर ही नेताओं की बात से इंकार करते हुए प्रदेश भर से जुटे युवाओं ने हंगामा कर दिया। इसके बाद नेताओं ने आंदोलन की बागडोर आंदोलनकारियों के हाथ में सौंपने की पेशकश कर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई तक अनशन करने पर सह‍मति प्रकट की

टीईटी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट में आगामी 30 अप्रैल को सुनवाई होनी है। वहीं प्रदेश सरकार के निर्देश पर मुख्‍य सचिव की अध्‍यक्षता में हाई पावर्ड कमेटी कमेटी की गई है। जो पूरे मामले पर कोर्ट के सामने पक्ष रखेगी। हालांकि हाल ही में मुख्‍य सचिव की ओर भर्ती प्रक्रिया को निरस्‍त करने की सिफारिश के बाद अचानक टीईटी आंदोलनकारियों का भरोसा सरकारी मशीनरी से उठ गया। टीईटी बेरोजगारों ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए शनिवार को मोर्चा खोल दिया

प्रदेशभर से युवा सुबह से ही चार बाग रेलवे स्‍टेशन पर जमा होने लगे। यहां पर यात्रियों और आंदोलनकारियों की फौज के कारण पुलिस के हाथ पैर ढीले हो गए। दूसरी ओर टीईटी बेरोजगार बिना अनु‍मति के मांगे पूरी होने तक हटने को तैयार नहीं थे। बाद में टीईटी बेरोजगारों ने विधान सभा में धरना शुरू कर दिया। यहां पर आपसी मतभेदों के बाद आखिरकार नेताओं को आंदोलनकारियों की बात मानने पड़ी। फिलहाल कोर्ट की सुनवाई होने तक 30 अप्रैल तक विधान सभा के सामने धरना जारी रखने का फैसला लिया गया है


News : http://yuvadastak.com/new/?p=2688
न्यूज़ साभार - युवा दस्तक . कॉम (29.4.12)

HTET : नहीं तो 1 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे अध्यापक


HTET : नहीं तो 1 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे अध्यापक

हिसार -पात्र अध्यापक संघ का प्रतिनिधिमंडल आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल से मिला और उन्हें संघ की सभी मांगों को 1 मई से पहले पूरा करने की बात कही। संघ की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने शिक्षा मंत्री को कहा कि अगर पात्रता परीक्षा पास न करने वालों को भी शिक्षक भर्ती में शामिल किए जाने के नियम को सरकार वापस नहीं लेती तो वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मई के दिन रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे।

उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री ने उनकी 2 मुख्य मांगों पर जल्द विचार कर उन्हें सूचना देने का आश्वासन दिया है। इनमें मुख्य रूप से 12 सप्ताह की गर्भवती महिलाओं के शिक्षक भर्ती में शामिल न किए जाने के नियम को खत्म करने की है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा निजी स्कूलों के 4 साल के शैक्षिक अनुभवी शिक्षकों को सरकार की नियमित भर्ती में योग्य न मानने की मांग पर जल्द मुख्यमंत्री से विचार मंथन करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि 1 मई के संघ के कार्यक्रम को सफल रूप देने और सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए वे प्रदेश के हर जिले में पात्र अध्यापकों से संपर्क कर रहे हैं। 

इसके अलावा पंचकूला स्थित शिक्षा सदन पर भी 19 अप्रैल से पात्र अध्यापकों द्वारा शोक सभा की जा रही है, जो 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की सरकार ने वर्ष 2008 में प्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा लागू की थी। पात्रता परीक्षा को लागू करने वाली सरकार अब अध्यापक भर्ती में एचटैट की छूट देकर चार वर्ष के अनुभव रखने वाले शिक्षकों को मौका दे रही है। ऐसा नियम गैर सवैधानिक है और पात्र अध्यापकों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह नियम बनाकर सीधे रूप से अतिथि अध्यापकों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में 12 सप्ताह की गर्भवती महिला को नौकरी के लिए अस्थाई रूप से अनफिट घोषित कर महिलाओं का घोर अपमान किया है। इस सर्विस रूल को भी संघ किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। शिक्षा मंत्री से मिलने गए संघ के प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, अनिल एहलावत, गुरदीप, राकेश, रविन्द्र, प्रेम एहलावत व जसपाल उपस्थित थे।

News : ramatimes.com / http://ramatimes.com/?p=38198

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It is really shocking to hear. And a solution should be come out as a remedy measure to stop this type of thinking/incident to happen.

Rajasthan Teachers Recruitement : RTET again in July 2012 before 20 thousand teachers recruitment


शिक्षक भर्ती: जुलाई में टेट, फिर होंगी 20 हजार भर्तियां!
(Rajasthan Teachers Recruitement : RTET again in July 2012 before 20 thousand teachers recruitment )

जयपुर.राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण में 20 हजार भर्तियां करने से पहले टेट का आयोजन करेगी। इसका आयोजन जुलाई में होगा और नोडल एजेंसी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ही रहेगा। बोर्ड के सैकंडरी और सीनियर सैकंडरी परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के साथ ही टेट के लिए तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। प्रदेश में फिलहाल प्रक्रियाधीन 41 हजार शिक्षकों की भर्ती में महज तीन लाख टेट उत्तीर्ण अभ्यार्थियों के शामिल होने से सरकार पर अगली टेट को लेकर भारी दबाव है

शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अशोक संपतराम ने बताया कि शिक्षक भर्ती का दूसरा चरण शुरू होने से पहले ही टेट का आयोजन कर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में छात्रों को शिक्षक भर्ती में शामिल होने का मौका मिल सकेगा। इस संबंध में विभागीय स्तर पर फैसला कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि टेट जुलाई के अंतिम सप्ताह में संभावित है और इसकी तिथि कुछ दिनों में तय कर ली जाएगी।
फिलहाल बोर्ड की पहली प्राथमिकता समय पर परिणाम तैयार करना है, ऐसे में जल्दबाजी में टेट नहीं कराई जा सकती। अगली टेट में उन अभ्यार्थियों को भी अंक सुधार का मौका मिलेगा जो कम अंकों से उत्तीर्ण हुए हैं। शिक्षक भर्ती में टेट का 20 प्रतिशत अंक भार होने से यह चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिक्षक भर्ती परीक्षा तिथि अब तय होगी 
41 हजार शिक्षकों की आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परीक्षा तिथि का निर्धारण एक-दो दिनों में कर लिया जाएगा। परीक्षा मई के अंतिम सप्ताह में संभावित है। अधिकारी फिलहाल मई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित सभी परीक्षाओं के कलंडर खंगालने लगे हैं जिससे परीक्षा तिथि का अन्य परीक्षाओं से किसी प्रकार का टकराव नहीं हो। पंचायतीराज विभाग की आयुक्त अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि फिलहाल मंत्री बाहर हैं और उनसे चर्चा के बाद एक-दो दिन में तिथि घोषित कर दी जाएगी।

विषयवार पाठ्यक्रम निर्धारित नहीं होने से अभ्यर्थी परेशान: 
शिक्षक भर्ती के लिए विषयवार पाठ्यक्रम निर्धारित नहीं होने से परीक्षा की तैयारी में लगे अभ्यार्थियों को खासी परेशानी आ रही है। वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर प्रश्न किस टॉपिक से पूछ लिए जाएंगे। इस संबंध में अभ्यार्थियों ने विभाग को शिकायत भी दर्ज कराई है। हालांकि यह पहले ही तय हो चुका है कि विषयवार पाठ्यक्रम घोषित नहीं किया जाएगा। हर विषय में सैकंडरी स्तर तक के प्रश्न पूछे जाएंगे।


News : Bhaskar.com ( 26.04.12)

RTET Rajasthan : 12 Lakh Applications for Grade 3rd Teacher Recruitment in Rajastan


तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती: करीब 12 लाख आवेदन, 16 करोड़ का शुल्क!
(RTET Rajasthan : 12 Lakh Applications for Grade 3rd Teacher Recruitment in Rajastan, 16 crore rupees collected as fees)

Panchayat Raj Vibag / Jila Parsha (District Councils ) are conducting Primary / Upper Primary Teachers Recruiment in Rajasthan

जोधपुर.तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए पंचायतराज विभाग और जिला परिषदों को 11 लाख 93 हजार 448 आवेदन पत्र ऑनलाइन मिले हैं। इन आवेदन पत्रों के साथ परीक्षा शुल्क के रूप में 15 करोड़ 80 लाख 38 हजार 850 रुपए प्राप्त हुए हैं। जोधपुर संभाग में सबसे अधिक 1,13,221 आवेदन पत्रों के साथ 1 करोड़ 41 लाख 52 हजार 550 रुपए की राशि बाड़मेर में, जबकि सबसे कम 9,630 आवेदन पत्रों के साथ 12 लाख 41 हजार 100 रुपए की राशि सिरोही में प्राप्त हुई है। 

राज्य सरकार के पंचायतराज संस्थाओं के माध्यम से तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा कराने के फैसले से पंचायतराज विभाग के साथ सभी जिला परिषदें मालामाल हो गई हैं। तृतीय श्रेणी शिक्षक बनने के लिए आवेदकों ने एक से अधिक जिलों में आवेदन पत्र ऑनलाइन भेजकर करोड़ों रुपए आवेदन शुल्क के रूप में दिए हैं। 

विभाग के अधिकारियों के अनुसार विभाग इसमें से अपने हिस्से की अंश राशि काट कर शेष राशि प्रत्येक जिला परिषद को भेजेगा। जिला परिषदें प्राप्त राशि में से परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाएं करेंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हालांकि इस संबंध में अभी स्पष्ट निर्देश नहीं हैं, फिर भी परीक्षा पर खर्च करने के बाद जो राशि बचेगी, उसका उपयोग जिला परिषदें ही करेंगी।


शासन सचिव ने कहा खाते से मिलान कर लें : एसीईओ सुरेश नवल के अनुसार विभाग ने ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों एवं प्राप्त राशि की सूची भेजी है, ताकि परीक्षा के लिए खोले गए खाते से मिलान कर सकें। इस आवेदन की राशि से ही परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा।

कहां से कितने आवेदन
संभाग के जिले
जिला आवेदन शुल्क राशि
बाड़मेर 1,13,221 1,41,52,550
पाली 1,01,183 1,24,85,650
जोधपुर 56,695 73,64,050
जैसलमेर 48,557 60,53,850
जालोर 13,031 16,92,450
सिरोही 9,630 12,41,100

अन्य जिले
नागौर 1,06,712 1,35,49,280
अजमेर 35,193 48,49,050
जयपुर 34,850 52,47,050
बीकानेर 29,660 39,47,300
कोटा 11,803 17,38,050

News : Bhaskar.com (27.04.12)

Suprme Court turn down Bihar Govt/Patna Hoghcourt decision regarding cancellation of advertisement


Suprme Court turn down Bihar Govt/Patna Hoghcourt decision regarding cancellation of advertisement

Similar Situation arises in UP

See Judgment :-

Court : Supreme Court of India

Brief

As indicated in our order dated 9th December, 2009, this Contempt Petition has a background of alleged breach of an undertaking given on 18th January, 2006 and the order passed on the basis thereof on 23rd January, 2006 in SLP(C)Nos.22882- 22888 of 2004. The said undertaking related to the commitment made by the 

State of Bihar to recruit and fill in the vacant posts of 

teachers in Primary Schools with trained teachers. The undertaking given by the State of Bihar is in that context and reads as follows : “That in the meantime, it has been decided that trained teachers be recruited on the vacant posts available in the State of Bihar. The Bihar Elementary Teachers Appointment Rules, 2003 having been quashed by the Patna High Court, new recruitment rules are contemplated to facilitate recruitment of trained teachers in a decentralized manner, by giving them age relaxation as ordered by the High Court. That Chapters 6 and 7 of the Bihar Education Code relating to oriental education and hostels and messes will be kept in mind, as directed by the Patna High Court, while making recruitment of teachers. That it is respectfully submitted that since the number of available trained teachers in the State is expected to be less than the available vacancies, no test for selection is required to that extent, a reference to this Bihar Public Service Commission for initiating the process of recruitment of trained teachers may not be necessary, and the order of this Hon’ble Court and of the Patna High Court in this regard may be modified”


Citation

Nand Kishore Ojha Vs. Anjani Kumar Singh


Judgement


IN THE SUPREME COURT OF INDIA
CIVIL ORIGINAL JURISDICTION

CONTEMPT PETITION (CIVIL) NO. 297 OF 2007
IN
SPECIAL LEAVE PETITION (C) NO.22882 OF 2004

Nand Kishore Ojha
Vs.
Anjani Kumar Singh

O R D E R

ALTAMAS KABIR, J.

1. As indicated in our order dated 9th December, 2009, this Contempt Petition has a background of alleged breach of an undertaking given on 18th January, 2006 and the order passed on the basis thereof on 23rd January, 2006 in SLP(C)Nos.22882- 22888 of 2004. The said undertaking related to the commitment made by the State of Bihar to recruit and fill in the vacant posts of teachers in Primary Schools with trained teachers. The undertaking given by the State of Bihar is in that context and reads as follows :
“That in the meantime, it has been decided that trained teachers be recruited on the vacant posts available in the State of Bihar. The Bihar Elementary Teachers Appointment Rules, 2003 having been quashed by the Patna High Court, new recruitment rules are contemplated to facilitate recruitment of trained teachers in a decentralized manner, by giving them age relaxation as ordered by the High Court. That Chapters 6 and 7 of the Bihar Education Code relating to oriental education and hostels and messes will be kept in mind, as directed by the Patna High Court, while making recruitment of teachers.
That it is respectfully submitted that since the number of available trained teachers in the State is expected to be less than the available vacancies, no test for selection is required to that extent, a reference to this Bihar Public Service Commission for initiating the process of recruitment of trained teachers may not be necessary, and the order of this Hon’ble Court and of the Patna High Court in this regard may be modified”

2. The said application made for withdrawal of the Special Leave Petition was disposed of by this Court on 23rd January, 2006 on the basis of the submissions made therein.

3. Subsequently, when the State of Bihar failed to abide by its commitments and assurances, the petitioner herein, Nand Kishore Ojha, filed Contempt Petition 297 of 2006, which was disposed of on 19th March, 2007 by the following order :
“In view of the categorical statement now made that the priority will be given to the trained teachers in appointment and also the clarification made in paragraphs 19 to 22 of the aforesaid affidavit dated 7.2.2007, we direct the State of Bihar to implement the undertaking given by the State of Bihar earlier and also now by the present affidavit dated 7.2.2007 in letter and spirit by appointing the trained teachers on priority basis.”

4. Once again on the failure of the State Government to appoint trained teachers as Assistant Teachers in the vacant sanctioned posts carrying a pay-scale, in breach of the undertaking and the assurances given by the Government, the present Contempt Petition was filed. Many applications were made in the Contempt Petition by the trained teachers similarly situated, for being impleaded as parties to the proceedings. Ultimately, the learned Attorney General appeared before us on 25th August, 2009 and assured us that it was not the intention of the State of Bihar to resile from the undertaking given on its behalf, but that the situation had changed over the years, since the undertaking had been given and had become much more complex than was thought of at that point of time. Since no workable solution could be suggested which could satisfy the undertaking given by the State Government and, at the same time, to cause minimum amount of disruption in implementing the same, this Court took note of an advertisement for appointment of Primary Teachers, which was published in December, 2003 and had been struck down by the High Court, for the limited purpose of determining the total number of vacancies which were shown as 34,540. In order to put a quietus to the entire issue, we accepted the figure relating to the vacancies to the posts shown in the advertisement to meet the claims of the trained teachers who were, at the relevant point of time, available for being appointed on a regular basis. Accordingly, notwithstanding the number of trained teachers available, this Court directed that the available 34,540 vacancies shown in the advertisement for appoint of Primary Teachers to be filled up with the said number of trained teachers as a one-timemeasure to give effect to the undertaking which had been given on 18th January, 2006 and 23rd January, 2006. This Court also adjourned the Contempt Petition for implementation of the said order passed by us and for a report to be submitted on the next date as to the result of the discussions held between the petitioner and the concerned authorities.

5. Pursuant to the above directions, the matter was taken up on 6th May, 2010, when an Additional Affidavit affirmed by the Contemnor, Shri Anjani Kumar Singh, was shown to us. The deponent indicated that he was the Principal Secretary, Human Resource Development Department, Government of Bihar, and it was mentioned in paragraph 4 of the said Affidavit that 34,540 posts of Assistant Teachers had been created as a one-time-measure for appointment in Elementary Schools of the State of Bihar and to facilitate the process of recruitment, the Bihar Special Elementary Teachers’ Recruitment Rules, 2010, had been prepared and had been approved by the State Cabinet on 2nd February, 2010. On the said basis, it was averred that by creating 34,540 posts of Assistant Teachers, the State of Bihar had complied with the directions given by this Court on 9th December, 2009 as a one-timemeasure.

6. Mr. P.K. Shahi, learned Advocate General for the State of Bihar, took us to the Bihar Special Elementary Teachers’ Recruitment Rules, 2010, hereinafter referred to as “the 2010 Rules”, and pointed out that the same had been framed to give effect to the undertakings given by the State of Bihar and the orders passed by this Court from time to time. The learned Advocate General, therefore, submitted that in view of such compliance, the contempt proceedings were liable to be dropped.

7. Appearing for the Petitioners in Contempt Petition No.297 of 2007, Mr. R.P. Bhatt, learned Senior Advocate, submitted that although apparently it would appear that by the creation of 34,540 posts, the undertakings given on behalf of the State of Bihar and the orders passed by this Court had been duly complied with, in real fact, the same did not reflect the true state of affairs in view of the framing of the 2010 Rules which were in breach and not in compliance with the said undertakings. In particular, it was pointed out that Rule 4 of the said Rules provided that only those candidates who had passed training upto 1st December, 2003, could apply, which effectively debarred those trained teachers who passed training thereafter and were intended to be covered by the order of 6th May, 2010, for appointment as primary teachers. It was also submitted by Mr. Bhatt that teachers who had completed physical education training had not been included in the definition of the expression “training”, as provided in Rule 2(iv), although they too were to be covered by the order passed on 6th May, 2010, and the earlier orders.

8. Mr. L. Nageshwar Rao, learned Advocate, who appeared for some of the Special Leave Petitioners, submitted that the provision for reservation in Rule 6 of the aforesaid Rules would also result in the exclusion of a large number of trained teachers from the general category, since it was not expected that the total number of posts reserved would be filled from amongst trained teachers belonging to the reserved category. Mr. Rao also pointed out that the provision of Rule 9 were also prejudicial to the Petitioners, who even after their appointment would not be paid their salaries unless their certificates were found to be correct. Mr. Rao Submitted that such a condition could result in an indefinite delay in paying the salaries of the persons appointed.

9. Some of the other learned Advocates appearing for the other Petitioners and those candidates who had been permitted to intervene in these proceedings on the basis of their various applications, echoed the submissions made by Mr. Bhatt and Mr. Rao. All of them in one voice have reiterated the submission that all the 34,540 posts which have been created would have to be filled up without leaving any vacancies on the plea of reservation, as had been undertaken by the learned Advocate General for the State of Bihar, Mr. Shahi.

10. We have carefully considered the submissions made on behalf of the respective parties with regard to the affidavit of compliance filed on behalf of the State of Bihar and have also considered the submissions of the learned Advocate General for the State of Bihar with regard to the 2010 Rules.

11. While we appreciate the fact that the number of posts shown in the advertisement published in 2003 amounting to 34,540 have been created to be filled up by trained teachers, it must be said that it was never our intention that the conditions of the advertisement itself, which had been struck down by the High Court, were to be followed by the Bihar State Government. We had made it very clear in our order that we had referred to the advertisement only for the purpose of determining the number of vacancies which would be required to be filled up from amongst the trained teachers. It was very clearly our intention that all the 34,540 posts were to be filled up with trained teachers who were waiting for appointment, in order of seniority. The question of keeping some of the posts vacant on account of non-availability of reserved candidates was never the criterion in the order passed by us on 9th December, 2009. We must add that we are not for a moment suggesting that candidates from the reserved category should not be accommodated as per the reservation policy. What we intended was that after the number of candidates from the reserved category had been accommodated, the rest of the posts were to be filled up from amongst the candidates from the general category.

12. Having regard to the above, we once again direct that the said 34,540 posts, which have been created, be filled up from amongst the trained teachers in order of seniority after providing for appointment of candidates belonging to the reserved category as a one-time measure as indicated in our earlier orders and as also mentioned in the additional affidavit affirmed on behalf of the State of Bihar.

13. We would like it to be appreciated by the State of Bihar that these directions should be complied with within 31st August, 2010, without further delay. Let this matter stand adjourned till 8th September, 2010 at 3.30 p.m. for filing of compliance report.

…………………………………………J.
(ALTAMAS KABIR)
…………………………………………J.
(H.L. DATTU)
New Delhi
Dated : 12.05.2010


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HC directs to appoint teachers in varsities in Bihar

A old new - Similar situations as in UP

Patna High Court has asked Bihar Government and the Chancellor's secretariat to take steps to fill up all vacant posts of teachers in various universities in the state within 90 days.
A division bench comprising Justices Prakash Chandra Verma and Ahsanuddin Amanullah directed the secretariat of the Chancellor, who is also governor of Bihar, and the state human resource department to make the appointments.
The court acted on a PIL filed by one Vinay Kumar Singh who had pleaded for the court's direction to fill up over 3000 vacant posts of teaching staff in all the universities of Bihar in three months.
The petitioner in his PIL filed in January last year, had alleged that the present crisis of teaching staff in various universities of the state was because of bureaucratic red tape.


Indian Express (8.7.11)
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UPTET candidates are far better situation then details referred as per above case.
Law / Rules are favor in selection of TET ranker, but problem arises delay.

BETET / Bihar TET/ STET Exam Result May be Surprising


टीईटी-एसटीईटी के नतीजे होंगे चौंका देने वाले
BETET / Bihar TET/ STET Exam Result May be Surprising


Result will be announced in 1st Week of May
33 Lakh candidates appeared in Bihar TET / BETE Exam for 1.12 Lakhs of Primary Teacher Jobs (RTE).
1 Lakh Jobs for Primry Teacher , and 12 thousand for Upper Primary Teachers.


In next phase 2 lakh more teachers will be recruited.

पटना : प्राथमिक-मध्य व माध्यमिक-उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बन पाना अब उतना सहज (केक वॉक) नहीं होने वाला है। शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी-एसटीईटी का परीक्षाफल लगभग तैयार है। मई के प्रथम सप्ताह में उसकी घोषणा कर दी जाएगी। मगर, परीक्षा का संचालन करने वाली संस्था बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस बार मूल्यांकन का जो कठोर रवैया अपनाया है, उससे इस अग्निपरीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का प्रतिशत चौंका देने वाला हो सकता है। 1.12 लाख शिक्षक पद पर नियोजन के लिए आयोजित प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में करीब 33 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए।

टीईटी की इस अग्निपरीक्षा में जो सफल हुए उनमें से ही एक लाख प्राथमिक शिक्षकों तथा लगभग 12 हजार उच्च एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों का चयन होना है। मेधा सूची के आधार पर नियोजन किया जाएगा जिसके लिए विभाग ने नियमावली भी तैयार कर ली है। बेसिक ग्रेड एवं स्नातक ग्रेड के शिक्षकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विषय के प्रशिक्षित एवं अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मेधा सूची अलग-अलग तैयार की जाएगी। पात्रता परीक्षा में सफल जिन अभ्यर्थियों का एक लाख चयनित शिक्षकों की सूची में नाम नहीं आ सका, उनके लिए सरकार ने नियुक्ति का एक और दरवाजा खोल रखा है। सरकार ने पोशाक व साइकिल योजना की मानीटरिंग के लिए हर प्रखंड में दो-दो प्रखंड साधन सेवियों को संविदा पर बहाल करने की योजना बनाई है। इससे 17 हजार अन्य सफल अभ्यर्थियों का नियोजन हो सकेगा। नियोजन में प्रशिक्षितों को प्राथमिकता दी जाएगी मगर प्रशिक्षित नहीं मिलने पर उस कोटि के टीईटी पास अप्रशिक्षित उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी।

टीईटी में सफल होने के बावजूद नियोजन पाने में विफल अन्य अभ्यर्थियो को मायूस होने की जरूरत नहीं है। पात्रता परीक्षा के आधार पर जो उत्तीर्ण होंगे उनका पैनल सात वर्ष तक के लिए वैध रहेगा। अगले चरण में अभी दो लाख और शिक्षकों का नियोजन होना है

News : Jagran ( 29.4.12)

यु पी टी ई टी आन्दोलनकारीओं के कारन लखनऊ में ट्रेफिक की भयावह स्थिती


Start recruitment process, demand Teacher Eligibility Test qualifiers

News : Times of India ( 29.4.12) -

LUCKNOW: Thousands of candidates who had cleared the Teacher Eligibility Test staged aprotest at the Dharna Sthal on Saturday morning. The candidates have been protesting against non-fulfilment of their pending demands of beginning the recruitment process for 72,000 vacant posts of teachers in government primary and upper primary schools. 

The agitated candidates blamed the UP chief minister, Akhilesh Yadav for taking no action and putting their future at stake. "Three weeks back, we met the CM, who assured us of an early action. But till date, nothing has been done," said a candidate. The CM on May 5 has constituted a three-member committee under the leadership of chief secretary who would assess the pros and cons of cancelling the test. The committee is to submit its report within three weeks. 

The test conducted for the first time is under a probe which was announced by the Mayawati government following charges of large-scale irregularities. In this regard, the then secondary education director, Sanjay Mohan was arrested and subsequently suspended after his name surfaced in the TET scam. He was alleged of duping unemployed youth by promising them success in the test. Many other education officials are said to be involved in it. Due to these anomalies, the state government has been thinking hard to cancel the test.

However, the qualified TET candidates argued that they cannot be made to suffer because of few candidates who resorted to back door entry by bribing officers. Agitated with this, Shiv Kumar Pathak, a candidate said, "It is the question of 72,000 candidates. Majority of those who took the exam belong to below poverty line families and getting a job through TET was their only hope. The government should think of our future, and take an immediate decision." 

TET was conducted for the first time on November 13, 2011 by the UP Madhyamik Shiksha Parishad. It has been surrounded by anomalies since the beginning. After its results were declared on November 26 last, it was found that some anti-social elements tried to lure youth by promising them success in the test. TET appeared to be a moneymaking deal for the higher ups. As many as 11,53,155 candidates took the test, out of which, 2.7 lakh candidates successfully qualified TET. Out of this, 72,000 are to be selected for the job. 

News : Times of India ( 29.4.12)
Source : http://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/Start-recruitment-process-demand-Teacher-Eligibility-Test-qualifiers/articleshow/12918096.cms
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Daytime nightmare for Lucknow commuters on weekend

News : Times of India ( 29.4.12) -

LUCKNOW: The revival of the city's old Dharna Sthal located near the UP assembly on Vidhan Sabha Marg has undoubtedly hit the normal life. And the first casualty in any of these situations seems to be the commuters and the traffic. The situation was no different on Saturday, as thousands of TET (Teacher Eligibility Test) examinees took out a protest march, thus throwing traffic out of gear on the main Charbagh-Hazratganj route.

According to one of the TET protestors, at least 10,000 of them had to come to the state capital on the day, to show their strength. Even if it wasn't their full strength, the sea of people, on the roads, was enough to give commuters a nightmare in the day time itself.

The protestors not only created chaos on the roads, but also tried to create disturbance at Charbagh station. They had gathered in the circulating area of the station and had planned to sit on a dharna at the station. The crowd was later controlled by the police and protestors were made to move to Dharna Sthal.

The administration, in order to keep the chaos off the roads, transported some of the protestors through buses to the Dharna Sthal. Though the protestors were moving in a queue, with police present at every stretch, there were so many of them that it was rather quite difficult to drive on the roads. As a result, traffic was literally crawling on the main road from Charbagh to Hazratganj. The already crowded and encroached crossings of the city, like Hussainganj and Burlington, were choked, with hardly any space to move. The PAC vans parked alongside roads ate into the already little space available on the roads.

Morning's rush hour traffic also added to the mounting traffic woes. There were also few who tried driving haphazardly, in order to wriggle out of jam, but, in the end, they caused even more chaos. The situation lasted for quite a few hours till the time TET protestors did not reach the Dharna Sthal.

News : Times of India (29.4.12)
Source : http://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/Daytime-nightmare-for-Lucknow-commuters-on-weekend/articleshow/12917081.cms