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Thursday, May 31, 2012

UPTET / Allahabad Highcourt : टी.ई.टी.-उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर लम्बे इंतज़ार का साया

UPTET / Allahabad Highcourt : टी.ई.टी.-उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर लम्बे इंतज़ार का साया

(साभार: राजेश राव जी, टी.ई.टी.संघर्ष मोर्चा सदस्य, इलाहाबाद)




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Case (76039/2011 ) Hearing Details :


उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में दिनांक 29/30 नवम्बर 2011 तथा दिनांक २ दिसंबर २०११ को जारी विज्ञापन द्वारा प्रारंभ 72825 प्रशिक्षु प्राथमिक अध्यापकों की भर्ती-प्रक्रिया पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा यादव कपिलदेव लालबहादुर द्वारा दायर याचिका स. 76039/20111 के जरिये तकनीकी आधार पर 4 जनवरी 2012 को दिए गए स्थगनादेश से इस भर्ती-प्रकिया पर लगे ग्रहण के आज समाप्त होने के न सिर्फ आसार समाप्त हुए बल्कि न्यायालय के द्वारा मामले के आगामी सत्र के पूर्व निस्तारण और और खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों की सम्भावना समाप्त हो जाने से प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था की सक्षमता और प्रदेश के करोडो नौनिहालों के शिक्षा के अधिकार के प्रति प्रदेश की विधायिका, कार्यपालिका के साथ साथ न्याय-पालिका की संवेदनशीलता की कलई भी सरे-आम खुल गई है.


जनवरी 2011 से, अर्थात पिछले 5 महीनो से प्रक्रिया के शुरू होने की उम्मीदें लगाये बैठे लगभग पौने  दो   लाख अभ्यर्थियों और उनके लाखो परिजनों पर इस संवेदनहीन व्यवस्था ने अपनी निष्क्रियता से जो कुठाराघात किया है, उसे ये शायद ही कभी भुला सके. 


आज सुबह जब जज श्री अरुण टंडन पीठासीन हुए तो सभी सम्बंधित पक्षों के वकीलों ने इस केस की गंभीरता, इसके निर्णय से हो रही देरी से न सिर्फ अभ्यर्थियों बल्कि उनके परिवारों तथा प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षा के अधिकार के उद्देश्यों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का हवाला देते हुए उनसे केस को सुनने का अनुरोध किया तो उन्होंने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए इसे 3 जुलाई 2012 को सुनने को कहा.


 मध्यावकाश से पहले गंगा-प्रदूषण से सम्बंधित किसी जनहित याचिका की सुनवाई होती रही एवं मध्यावकाश के बाद वे अदालत में बैठे ही नहीं. उनके उठने के समय भी सभी पक्षों द्वारा एक बार पुनः उनसे इस मामले की सुनवाई आज या फिर शीघ्र किसी तिथि में सुनने की गुजारिश की गई पर उन्होंने इसमें कोई रूचि न लेते हुए अपनी पहले वाली बात इस अंदाज़ में दोहराई जिस से प्रथमतया ऐसा लगा जैसे कि वे जान-बूझकर इस मामले को निस्तारित नहीं कर रहे हैं.


 गौरतलब है कि इस मामले में हो रही देरी से इस प्रक्रिया को बचने के के लिए हमारे २ भाइयों ललित मोहन सिंह व रंजीत सिंह यादव द्वारा दायर स्पेशल लीव पेटीशन 280/2012 के निर्णय में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने स्पष्ट किया था कि चूँकि इस मामले का निस्तारण एकल बेंच के सामने 9 अप्रैल 2012 को प्रारंभ हो रहे हफ्ते में संभावित था, इसलिए इस मामले की अलग से सुनवाई की जरुरत से इंकार किया था पर इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा था कि एकल बेंच को मामले की महत्ता को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इस मामले का निस्तारण करना चाहिए. 


इसके बावजूद जिस प्रकार इस मामले में तारिख पे तारीखें दी जा रही हैं तथा जिस प्रकार से 25 मई 2011 को शुक्रवार मध्यावकाश के बाद पहले नंबर पे तारिख दी गई, जबकि सामान्य कोर्ट प्रैक्टिस के अनुसार शुक्रवार को मध्यावकाश के बाद का समय डबल बेंच द्वारा सुनवाई के लिए निर्धारित होता है. क्या ये सब मात्र अभ्यर्थियों के लिए भारी पड़ने वाले दुर्भाग्यपूर्ण संयोग हैं या फिर मामले का राजनीतिकरण, सरकार द्वारा अंदरखाने खेला जा रहा खेल या फिर न्यायपालिका पर दबाव, ये सब सवाल सतह पर आ रहे हैं.


इस सारे प्रकरण से असंतुष्ट टी.ई.टी. संघर्ष मोर्चा के लगभग 50 सदस्य इस मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए इसकी शीघ्र सुनवाई की मांग का ज्ञापन लेकर चीफ जस्टिस से शाम को उनके बंगले पर मिलने गए पर उन्होंने इस मामले को कोई महत्त्व न देते हुए साफ-साफ 2 जुलाई तक इंतज़ार करने की सलाह थमा दी. 
उनके अनुसार तमाम केस ग्रीष्मावकाश में जैसे प्रतीक्षारत रहते हैं वैसे ही इस मामले में होना है. उनके स्टाफ ने न सिर्फ यह ज्ञापन लेने से इंकार किया बल्कि हमारे साथियों को रुखे सुर में ऐसा कोई ज्ञापन हाईकोर्ट कार्यालय में देने को कहते हुए रवाना कर दिया.


 वहां से पूर्णतया निराश हमारे साथी जब हाईकोर्ट कार्यालय पहुचे तो वह भी उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला बल्कि वहां से भी उन्हें केवल और केवल निराशा ही हाथ लगी.


इस प्रकार पिछले 5 महीनो से न्यायालय से न्याय की आशा लगाये अभ्यर्थियों को न्यायालय से आज भी  न्याय नहीं, सिर्फ प्रतीक्षा का चिर-परिचित दंश मिला. इसका मतलब यह नहीं की हार मानकर बैठ जाने की स्थिति आ गई है. साथियों, निश्चय यह स्थिति निराशा पैदा करने वाली है, निश्चय ही, इसने आपकी आशाओं पे गाज गिराई है, निश्चय ही आप अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे होंगे, पर आप अपने आप पे भरोसा रखे, अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत रखें, हर हार को नयी चुनौती मानकर उसका सामना नई ताकत और नए हौसले के साथ करें, आप जरूर कामयाब होंगे.


हमारे साथी, हमारे अग्रणी सदस्य लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और इस कोशिश में हैं कि हम इस जून भर में कुछ ऐसा कारनामा कर डालें कि हमसे भी ज्यादा बेताबी से सरकार 3 जुलाई की प्रतीक्षा करे कि कब यह तारिख आये और कब उसे टी.ई.टी. वालों से चैन मिले, 


हम ऐसा कुछ करने की कोशिश में हैं जिस से न सिर्फ हम कानूनी तौर पे अपनी लड़ाई लादेन बल्कि प्रदेश के कोने-कोने में ऐसे तरीके से अपना विरोध-असंतोष प्रगट किया जाये जिसकी गूँज देश भर में सुनाई दे. 


इसके विवरण सभी साथियों तक शीघ्र ही पंहुचा दिए जायेंगे पर अंत में आप सब से अनुरोध है कि यह यज्ञ केवल चंद आहुतियों से नहीं पूरा होगा, इसमें हार अभ्यर्थी को शामिल होना पड़ेगा, किनारे खड़े रहकर चंद बहादुरों को लड़ाने वाली कौमे लड़ाइयाँ नहीं जीता करती. अपने जीदार साथियों की दमदार लड़ाई को आपने 29/30/31 मई को उनकी लाख बहादुरी  के बावजूद अगर लखनऊ की सड़कों पे दम तोड़ते देखा है तो केवल इसलिए कि इस लड़ाई में उनके अपनों ने ही उन्हें उनके हाल पे छोड़ दिया था,


 उनका साथ देने में कोताही की थी, यकीन जानिए, अगर आप में से चौथाई भी उनका साथ देते तो आज शायद डेट नहीं, फैसला मिलता. जिन्हें विश्वास न हो रहा हो, उनके लिए आप से कमतर, कम काबिल शिक्षामित्रों का उदहारण सामने है. यह सब मैं आपको नीचा दिखाने के लिए नहीं, आपको अगली लड़ाई के लिए तैयार करने के लिए कह रहा हूँ ताकि आपकी अगली लड़ाई में कामयाबी आपके हाथ लगे.


आपका श्याम देव मिश्रा, मुंबई.

आडवाणी का ब्लॉग बम, बोले बीजेपी से लोग निराश हैं


आडवाणी का ब्लॉग बम, बोले बीजेपी से लोग निराश हैं

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के कुछ फैसलों पर खुली नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी को भी आत्म विश्लेषण करने की जरूरत है, क्योंकि जनता अगर यूपीए से नाराज है, तो वह बीजेपी से भी निराश है।

आडवाणी ने उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे बसपा के कुछ नेताओं को पार्टी में शामिल करने के गडकरी के फैसले की आलोचना करते हुए अपने ब्लॉग में लिखा है कि इन दिनों पार्टी के भीतर मूड उत्साहवर्धक नहीं है। "उत्तर प्रदेश विधानसभा के परिणाम, भ्रष्टाचार के आरोप में मायावतीजी द्वारा निकाले गए मंत्रियों का बीजेपी में स्वागत किया जाना, झारखंड और कर्नाटक के मामलों से निपटने के तरीके...इन सब घटनाओं ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध पार्टी के अभियान को कुंद किया है।"

गौरतलब है कि एनआरएचएम घोटाले के आरोप में मायावती द्वारा मंत्री पद से हटाए गए बाबू सिंह कुशवाहा को बीजेपी में शामिल किए जाने का फैसला गडकरी ने किया था। उस समय भी आडवाणी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इसका विरोध किया था।

पार्टी के हालात से काफी आहत नजर आ रहे आडवाणी ने लिखा है, "अगर आज जनता यूपीए सरकार से क्रुध है, तो वह हमसे भी निराश है। यह स्थिति अंतरावलोकन की मांग करती है।"

उन्होंने कहा कि मीडिया ने एक के बाद एक घोटाले के लिए यूपीए सरकार को कटघरे में खड़ा किया, लेकिन उसके साथ ही उसने इस बात पर भी उसने खेद जताया कि बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए उभरती परिस्थिति में खरा नहीं उतरा। आडवाणी ने कहा, "स्वयं पूर्व पत्रकार होने के नाते मैं मानता हूं कि वह (मीडिया) जनता की भावना को सही तरह से पेश कर रहा है।"


न्यूज़ साभार /source  : khabar.ndtv.com (31.5.12)

भारत बंदः फिरोजाबाद में गोमती एक्सप्रेस रूकी

भारत बंदः फिरोजाबाद में गोमती एक्सप्रेस रूकी


लखनऊ। पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ता जगह-जगह रेलगाड़ियां रोक रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद में दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग जाम कर दिया। सपा के प्रदेशव्यापी बंद के आह्वान पर सुबह सिर पर लाल टोपी लगाए सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलमार्ग जाम किया, जिससे परिचालन बाधित हो रहा है। सपाईयों ने साकेत एक्सप्रेस और गंगा गोमती एक्सप्रेस को रोककर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा प्रकट किया।


वाराणसी में रेलवे स्टेशन के पास भारी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सुल्तानपुर एक्सप्रेस को रोका।


सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी संस्थान बंद रहेंगे। बंद में आम लोग भी हमारा साथ दे रहे हैं।


दिन बढ़ने के साथ आशंका जताई जा रही है राज्य के दूसरे हिस्सों में भी सपा कार्यकर्ताओं का प्रदशर्न और तेज होगा।


News : 31 मई 2012 - इंडो-एशियन न्यूज सर्विस 
Source : http://hindi.in.com/latest-news/video/Bharat-Bandh-Sp-Supporters-Stop-Trains-1416282.html

UPTET : अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज की निंदा


UPTET : अभ्यर्थियों  पर लाठी चार्ज की निंदा



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महमूदाबाद (सीतापुर), 31 मई (जाका): राजधानी लखनऊ में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रर्दशन करना चाहा तो पुलिस ने बेरोजगारों पर निर्दयता से लाठीचार्ज किया। विधानसभा के सामने तथा चारबाग विधानसभा मार्ग पर लाठीचार्ज करना और प्रर्दशनकारियों को गिरफ्तार करना सरकार की नीयत को स्पष्ट करता है। सरकार वार्ता के दौरान पहले एक सप्ताह का और फिर दस दिन का समय फैसले के लिए निर्धारित कर चुकी है। 23 मई को निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद टीईटी अभ्यार्थियों के सब्र का बांध टूट गया। नौकरी की योग्यता रखने के बावजूद सरकार का उपेक्षित रवैया कायम है। इसे अभ्यर्भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह बात बाबा परमहंस मंदिर में टीईटी अभ्यार्थियों की बैठक में उमेश वर्मा ने कही।


सुरेश सोनी ने कहा कि अपने अधिकारों को पाने के लिए घर से निकलकर सड़कों पर आते हुए सरकार से दो दो हाथ करने को तैयार हैं। बैठक में पवन, वीरेन्द्र, अनूप, सुधाकर रामप्रकाश, योगेन्द्र, शशांक, मुकुल, नरेन्द्र, अनिल, रोशन, सचिन कश्यप सहित अनेक टीईटी अभ्यर्थी मौजूद थे

News Source : Jagran (31.5.12)

UPTET : तीन की लीड----- लाठी चार्ज से क्षुब्ध टीईटी अभ्यर्थियों ने दिया धरना

UPTET : तीन की लीड----- लाठी चार्ज से क्षुब्ध टीईटी अभ्यर्थियों ने दिया धरना


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आजमगढ़: लखनऊ में गत दिनों प्रदर्शन के दौरान टीईटी अभ्यर्थियों पर किए गए लाठी चार्ज से क्षुब्ध साथियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने लाठी चार्ज के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि यदि सरकार चाहती तो उनके साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया गया होता।

वक्ताओं ने कहा कि अब लड़ाई आरपार की होगी। वर्तमान समय को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि बेहतर शिक्षा प्राप्त करना और सम्मानजनक जीवन यापन के लिए नौकरी प्राप्त करना आम आदमी के लिए टेढ़ी खीर है। क्या हक के लिए संघर्ष करना गुनाह है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि हक व अधिकार के लिए यदि उन्हें गोली भी खानी पड़ी तो वह पीछे नहीं हटेंगे। लखनऊ में जिस तरह से निहत्थे अभ्यर्थियों पर लाठियां बरसाई गई वह ब्रिटिश काल की यादें दिलाती हैं।

सरकार यह जान ले कि वह लाठियों से नहीं डरने वाले हैं। धरने के दौरान कई संगठनों ने अभ्यर्थियों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। अंत में मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। इस दौरान रामाश्रय यादव, जनार्दन, दिनेश सिंह, रविंद्र नाथ राय, दानबहादुर मौर्य, अनिल कुमार, विरेंद्र कुमार, विजेंद्र कुमार, हरिकेश, सुनील, राजेश यादव आदि उपस्थित थे।


News : Jagran (31.5.12)

UPTET : टी.ई.टी.संघर्ष मोर्चा प्रदर्शन का आँखों-देखा हाल (By Mr. S S Mishra )

UPTET : टी.ई.टी.संघर्ष मोर्चा प्रदर्शन का आँखों-देखा हाल (By Mr. S S Mishra )
Kal date 30 May 2012........Dopher 12.10 ke bad hum sabhi sathiyo
ne plan banaya ki hum kabtak is Darulsaffa me kaid raheng.................
fir hum log ek ek krke piche se vidhayak niwas hote huw vidhan sabha ki or jane lage .................tab tak poolice bal bhi kafi sankhya me waha aagaya hume dhaka dene laga..........................
Udhar Vidhan sabha ke samne bhi humare bahot sathi dharne pr baith gai....................unme humaru bahot si Bahadur Bahene bhi ti.

Police walo ne sir samjhane bujhane ka kam 2 ghant tak kia pr humari samashya sunne wala waha koi nahi tha..................

Fir unlogi Police walo ne humare uper barbart poorbak Lat ghuso se marna aur Khich khich ke Baso me bharna suru kia.............Humari Baheno ko Bal pakad kr khichna suru kia................Humare sathiyo ko Baso me Lad Lad Kr Baso ke ander Bahot Jyada Lathiyo se pitai karte hue PAC line Le gai.....................


Mai bhi Bus me Bhara Ja chuka tha par mai GPO ke samne Bus se Kood gaya aur apne un sathiyo ki talas krne laga jo mar kha ke idhar ushar bhage the................
Unme humare kai sathi GPO Park me Pare huw Karha rahe the............... kuch Partyo ke karyalayo me karha rahe the...........Kyo ki mere Ped me bhi Bahot chot aai thi use kinare karte hue mai .....................Apne sathiyo ke Ikkatha krne me Jut gaya....................

Kareeb 5 baje tak hum Lagbhag 110 sathi mil pai aur humne fir nischay kia fir Darul safa jaing aur waha sasamman Dharna Pradarshan ka samapan kr ke aage Allahabad Kuch krne ka plan kia.........................
Bhari Police Bal se Bachte aur bachate hum fir Darulsafe me Ikkatha ho gai................ Udhar Humare Jo Sathi PAC line me the unke sath police barbarta porbad pas aa rahai thi................................
kareeb 7 Baje darulsafa ke andar S.K Singh ki agwai me police bal hume bhagane aagaya humne kaha humare sathiyo ko chor fir hum jane ki socheng..................
Hum pr fir police ne bal pryog krna chaa pr hum dran ho gai ki jab tak humare sathiyo ko nahi chora jaiga hum yana se nahi jainge.................
Fir S.K .Sing ne humse kaha ki tum log ye jaghae khali kro to mai phon kr ke tumhare sathiyo ko churwa donga..................Humne kaha thik hai pahele humare sthiyo ko baher kre fir hum jaing..........Kareeb 10.15 min pr humari bat Gorakh Bhai se hui tab lag humare sathiy ko chora gaya..................................

MUJHE SIRF APNE UN SATHIYO SE BAHOT KHED HAI JO GHAR ME BAITHE RAHETE HAI ARU PHON PR KHABAR LETE HAI.
ARE UN LARKIYO KE BARE ME SOCHO WO AAP LOGO SE KAHI ACCHI HAI SARM KRO BESARMO WO AUR HUM APNI LARAI NAHI BALKI SB KI LARAI LAR RAHAE HAI.
HUMARA 2 DIN KA ANDOLAN SAFAL RAHA

Hum fir ja ke wapas huw.JAY TET


~ ~ Sanjay Mishra


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‘अनुमति लेकर ही करें धरना’ - 
लखनऊ। आदर्श आचार संहिता के तहत राजधानी में धारा 144 लागू है। बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करना दंडनीय अपराध है। इसलिए जिला प्रशासन से अनुमति लेकर ही धरना प्रदर्शन करें। अगर, इसका कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये बात बुधवार को एडीएम पूर्वी आरपी सिंह ने प्रेसवार्ता में कही। वह हजरतगंज कोतवाली में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन के संबंध में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नतीजे के आधार पर काउंसलिंग कराने के संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व सचिव बेसिक शिक्षा से बात हो चुकी है

http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20120531a_005163004&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20120531a_005163004
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