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Thursday, February 28, 2013

UPTET : TET Marks in Sitapur District List

UPTET : TET Marks in Sitapur District List


आज जैसा कि लोग सीतापुर जिले में दी गयी कट ऑफ़ लिस्ट से आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं ,

कुछ लोगो ने अभ्यर्थीयों के अनुक्रमांक के जरिए बताया की सीतापुर लिस्ट में 135 से ऊपर अंक पाने वाले के मार्क्स जरूरत से ज्यादा बढ गए प्रतीत होते हैं , क्योंकि उन्होंने पुराने परिणाम (शायद उसका लिंक अभी भी काम कर रहा है ) से ऐसे अभ्यर्थीयों के अंक चेक किया तो जरूरत से काफी कम पाया

इसके बाद मैंने भी और जिलों (कुशीनगर इत्यादि ) के आंकड़े  चेक किये तो देखा अन्य जिलों की कट ऑफ़ लिस्ट में मार्क्स में इतना बड़ा अंतर नहीं है ।

हो सकता है कि सीतापुर जिले की लिस्ट में कुछ गलती हो , जैसे कि पहले सुनने में आया था


Lagta hai ye result ka old link hai - http://182.18.185.197/Uttar_Pradesh/uptet/Paper1/rollquery.htm (Aur abhee hataya nahin hai, fir bhee iskee sahee jaankaree vibhag/concerned person bata sakte hain,)

Sitapur Cut-off Merit List Link - http://sitapur.nic.in/btc/tt_2012_13_first_counslleing/janch%20suchi/gen.pdf

How can u check, Suppose u want to check how many candidates got 138 marks in TET exam.

Then do this - SHIFT + CTRL + F
And Search - 150 138
You will see all candidates details who got 138 marks from 150 (TET Exam)

For Kushinagar, you can check here - http://kushinagar.nic.in/Cutoff_%20Final_tet.pdf

And you compare their TET marks with old TET result link (If it is really that link).
If marks increase more than 10 (or say 6) due to incorrect questions then it create doubt. But such diffrence of marks is not found in Kushinagar list)
Therefore Sitapur cut off list may contain some errors in TET marks.
Only concerned official/dept can provide correct details for errors, if any.

UPTET : Allahabad HC Stay Extended till 4th March 2013 regarding recruitment of 72825 Posts os Primary Teacher / RTE

UPTET : Allahabad HC Stay Extended till 4th March 2013 regarding recruitment of 72825 Posts os Primary Teacher / RTE

न्यूज़ साभार : Amar Ujala (28.2.2013)



सरकार का हाईकोर्ट में जवाब दाखिल
सहायक अध्यापक भर्ती मामला ः चार मार्च को होगी सुनवाई

इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई के लिए चार मार्च की तिथि नियत की है। तब तक भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक जारी रहेगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले में अपना जवाब दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने अपीलार्थियों के वकीलों को प्रति उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है।
टीईटी मेरिट को सहायक अध्यापक भर्ती में अर्हता बनाए जाने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की एकल पीठ द्वारा 19 जनवरी को दिए आदेश को चुनौती दी है। अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार से टीईटी में हुई धांधली पर उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट का मत था कि उच्च स्तरीय कमेटी ने रिपोर्ट बेहद सतही तौर पर तैयार की है और मात्र पुलिस की आख्या पर ही आधारित है। सरकार से कमेटी की रिपोर्ट पर बिंदुवार स्पष्टीकरण के साथ आख्या मांगी थी। बुधवार को राज्य सरकार द्वारा जवाब दाखिल किया गया


बीएड अभ्यर्थियों ने दाखिल की अवमानना याचिका
बिना टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का अवसर देने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है कि क्या कोर्ट के निर्देशानुसार सरकार ने खंडन प्रकाशित किया था और क्या अभ्यर्थियों को ऑन लाइन आवेदन का मौका दिया गया था। याचिका पर न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने सुनवाई की।
विश्वनाथ प्रताप सिंह और अन्य की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने प्रभाकर सिंह केस में गैर टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकोें को भी सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का अवसर देने का निर्देश दिया था


न्यूज़ साभार : Amar Ujala (28.2.2013)
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As per source : Court gave chance to petitioner to file rejoinder affidavit corresponding to govt. counter affidavit.  Court in the opinion that High power committee report uses superficial approach and will examine point-wise this matter.

Advt. published two times and candidates worried about their future as more than one year has been passed and still they are awaiting selection result.

On the other side B.Ed candidates filed contempt petition - Why Order/directions of HC is not followed for selection/chance of without TET candidates in recruitment of teachers.







UPTET : Allahabad Highcourt Stay on Teachers Recruitment

UPTET : Allahabad Highcourt Stay on Teachers Recruitment



अध्यापक भर्ती मामले में सरकार का जवाब दाखिल
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई के लिए चार मार्च की तिथि नियत की है। तब तक भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक जारी रहेगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले में अपना जवाब दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने अपीलार्थियों के वकीलों को प्रति उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक को नोटिस
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा वासुदेव यादव को अवमानना का नोटिस जारी किया है। उनको 18 अक्टूबर 2011 के आदेश का पालन करने हेतु अवसर भी दिया गया है। राधेश्याम यादव द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने सुनवाई की। याची का कहना था कि कोर्ट ने 18 अक्टूबर के आदेश में निदेशक को निर्देश दिया था कि उसका वर्ष 1999 से बकाया वेतन आठ फीसदी ब्याज के साथ दिया जाए। इस आदेश का पालन नहीं किया गया।
बीएड अभ्यर्थियों ने दाखिल की याचिका
इलाहाबाद। बिना टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का अवसर देने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है कि क्या कोर्ट के निर्देशानुसार सरकार ने खंडन प्रकाशित किया था और क्या अभ्यर्थियों को ऑन लाइन आवेदन का मौका दिया गया था। याचिका पर न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने सुनवाई की।
बेसिक शिक्षा परिषद के पैनल को चुनौती
इलाहाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा गठित अधिवक्ता पैनल को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। पैनल का गठन हाईकोर्ट में विभाग के खिलाफ मुकदमों की पैरवी के लिए किया जाता है। पैनल गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण ने राज्य सरकार और परिषद से जवाब मांगा है। याचिका अधिवक्ता घनश्याम मौर्या ने दाखिल की है। याचिका में कहा गया कि परिषद के लिए पैनल गठित करने का अधिकार शासन को है जो सूची निदेशक और सचिव बोर्ड को प्रेषित की जाती है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया जा चुका है। इस पर अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी




News Sabhaar : Amar Ujala (28.2.2013)
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B. Ed candidates filed contempt petition in court for recruitment of NON-TET candidates( as per double bench direction) : Will their be any chance given to NON-TET candidates to apply ONLINE for Teachers Recruitment ?




Wednesday, February 27, 2013

Civil Service Exam UPSC / CSE - सिविल सेवा परीक्षा में अब सामान्य ज्ञान को ज्यादा अहमियत


Civil Service Exam UPSC / CSE - सिविल सेवा परीक्षा में अब सामान्य ज्ञान को ज्यादा अहमियत


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As per the new changes, both the general studies papers will have more weightage. The report of the Committee, under the chairmanship of Professor Arun S. Nigavekar, former chairman, UGC, was examined by the department of personnel and training. It was then put up before the Prime Minister for final approval.
“The new format has been by and large approved (by the PM). A notification will soon be issued,” DoPT secretary P.K. Misra said. Minister of state for personnel, public grievances and pensions 
V. Narayanasamy had, in a written reply to Rajya Sabha, said the UPSC had suggested certain changes in the existing scheme of civil services (main) examination to make it more relevant with the present day, on the basis of the report of the committee.
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं की पद्धति में बदलाव को हरी झंडी दिखा दी है। इसके तहत सामान्य ज्ञान (जनरल स्टडीज) को ज्यादा प्रमुखता दी जाएगी। यूपीएससी द्वारा गठित एक कमेटी की संस्तुतियों को प्रधानमंत्री ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। यूपीएससी हर साल देश में प्रतियोगी प्ररीक्षाएं कराती है।

वर्तमान स्वरूप के अनुसार सिविल सर्विसेज (मेन) परीक्षा में जनरल स्टडीज के 300-300 नंबरों के दो पेपर -1 और -2 होते हैं, जिसके अलावा अनिवार्य रूप से दो ऐच्छिक विषय शामिल होते हैं। नए बदलावों के अनुसार अब दोनों जनरल स्टडीज के पेपर को ज्यादा अहमियत दी जाएगी।

यूजीसी की पूर्व चेयरमैन प्रो. अरुण एस निगावेकर के नेतृत्व में बनी कमेटी ने यह रिपोर्ट तैयार की थी, जिसकी कार्मिक और परीक्षण विभाग ने जांच की और अंतिम संस्तुति के लिए पीएम के सामने पेश किया। मंत्रालय के सचिव पीके मिश्रा के अनुसार, ‘इस मामले में अध्यादेश शीघ्र ही जारी किया जाएगा।’

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मामलों के राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने राज्यसभा में बुधवार को लिखित जवाब में कहा कि यूपीएससी ने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान परिदृश्य के हिसाब से सिविल सर्विसेज (मेन) परीक्षा में परिवर्तन के कुछ सुझाव पेश किए थे। 

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अधिसूचना में परिवर्तन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूपीएससी तीन अखिल भारतीय सेवा परीक्षाओं -भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा- का आयोजन करता है।

यूपीएससी के एक आदेश के अनुसार 2013 की सिविल परीक्षाओं का कार्यक्रम 2 फरवरी को घोषित होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा न हो सका। नई तारीखों की घोषणा जल्दी ही की जाएगी



 upsc, civil services exam, union public service commission, examination
News Source : Amar Ujala (27.2.2013)/ February 27, 2013 9:47 PM IST
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Important Point is - As per the new changes, both the general studies papers will have more weightage. The report of the Committee, under the chairmanship of Professor Arun S. Nigavekar, former chairman, UGC, was examined by the department of personnel and training. It was then put up before the Prime Minister for final approval.
“The new format has been by and large approved (by the PM). A notification will soon be issued,” DoPT secretary P.K. Misra said. Minister of state for personnel, public grievances and pensions 
V. Narayanasamy had, in a written reply to Rajya Sabha, said the UPSC had suggested certain changes in the existing scheme of civil services (main) examination to make it more relevant with the present day, on the basis of the report of the committee.




UPTET : सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई चार को


UPTET सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई चार को

72825 Primary Teacher Recruitment Stay Extended till Next date of Hearing i.e 4th March 2013


 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में 72,825 प्रशिक्षु सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक को बढ़ाते हुए अगली सुनवाई की तिथि चार मार्च नियत की है। बुधवार को अदालत ने राज्य सरकार द्वारा दाखिल जवाब पर अपीलार्थी को रिज्वाइन्डर दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुशील हरकौली व न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने दिया। 


When copy of HC order comes on HC websites, then Blog will try share it.

UPTET : Allahabad HC Hearing Stay Extended till Next Date 4th March 2013

UPTET : Allahabad HC Hearing Stay Extended till Next Date 4th March 2013

As per info shared on facebook , it appears next date of hearing will be on 4th March 2013.
people on FB are saying -
DB gives time to petitioner to file rejoinder affidavit.








आज जिस प्रकार अदालत में कार्यवाही हुई उससे लगता है की अदालत सभी पक्षों अपनी बात  रखने का को भरपूर प्रयास दे रही है 

अदालत के सामने मामला ये नहीं है की कोन सी चयन प्रक्रिया अच्छी है या कोन सी बुरी 

अगर किसी प्रकार की धांधली है तो क्या उसको अलग किया जा सकता है ( गुड पार्ट - बेड पार्ट को अलग करना )
धांधली किस स्तर की है क्या कुछ अनियमितताएं हैं ( जैसा की गलत प्रश्नों के  कारण अंक बढना )
मेरा विचार है कि अगर गलत प्रश्नों की अनियामित्ता को हल करना है तब तो टीईटी मेरिट एक बहुत ही बेहतर विकल्प है 
क्योंकि लगभग सभी अभ्यार्थीयों को गलत प्रश्नों पर अंक मिले थे और  अंक संबंधी शिकायतों का निपटारा भी किया गया था ।

अब एक प्रश्न ये भी है कि क्या कुछ लोगो ने गलत तरह से अंक बढवाये वे कोन  लोग हैं , कितने लोग हैं और  क्या टीईटी परीक्षा को पात्रता में बदलने से ऐसे लोग चयन प्रक्रिया से बाहर हो जायेंगे ।

जिन अभ्यार्थीयों ने परीक्षा में मेहनत से अच्छे  अंक प्राप्त किये , क्या चयन प्रक्रिया बदलने से उनका नुक्सान नहीं होगा ।
क्या ये सही है कि करे कोई और भरे कोई ।

कुछ लोग कह रहे हैं कि टी ई टी परीक्षा से सिर्फ कुछ दिन पहले चयन पद्दति बदली गयी ।

कम से कम यू पी में चयन पद्दति परीक्षा से पहले तो बताई गयी , क्या आपको पता है कि सीटीईटी परीक्षा में कहीं बताया गया है कि कोन सी संस्था चयन में सीटीईटी मार्क्स को कितना वेटेज देगी ।
ये सभी बातें सी टी ई टी परीक्षा से पहले किसी को पता नहीं होती ।

अब दो प्रश्न सामने हैं -
1. टी ई टी परीक्षा में गड़बड़ी है तो ऐसी परीक्षा से पात्र बनने वाले कैसे सही होंगे 
2. अगर परीक्षा ठीक हुई है - टी ई टी  मेरिट से चयन हो सकता है या फिर धांधली वालों को बाहर कर टी ई टी  मेरिट से भर्ती हो सकती है ( आखिर जिसने टी ई टीपरीक्षा में मेहनत से अंक प्राप्त किया , उसका क्या कसूर और वो दूसरों की गलती की सजा क्यूँ भुगते )