उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में हाई कोर्ट की बेंच की है सख्त जरूरत पश्चिम यू पी से (आगरा / नोयडा ) और बुंदेलखंड (झाँसी /ललितपुर) से लोग इलाहबाद आसानी से आकर कोर्ट केस नहीं लड़ सकते।
यह एक सत्य है , इलाहबाद हाई कोर्ट की बेंचों की सख्त जरूरत है ,इस पर राजनीती भी बहुत हो रही है ।
भाजपा के राजनाथ सिंह चाहते हैं की बेंच की स्थापना पश्चिम यू पी में हो ,
हज़ारों वकील शुरू से इसको आगरा में स्थापित करने के लिए लड़ते आये हैं ।
क्या चल रहा है मामला :
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच जनता की जरूरत : राजनाथ
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग
को जायज ठहराते हुए इसे जनता की जरूरत बताया है। यह बात उन्होंने शुक्रवार
को उनसे मिले पश्चिम के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से कही। उन्होंने
आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार इस मामले में बेहद गंभीर है। इस पर जल्द ही
उचित फैसला लिया जाएगा।
वेस्ट यूपी में
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय कृषि राज्य
मंत्री डॉ. संजीव बालियान के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने
राजनाथ सिंह से मुलाकात की। अधिवक्ताओं से उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट बेंच
पश्चिम की जनता के लिए जरूरी है। इसलिए कि इस क्षेत्र की जनता शीघ्र और
सस्ते न्याय से काफी दूर है। इसे लेकर केंद्र सरकार का रुख सकारात्मक है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस मांग को लेकर जल्द ही केंद्रीय विधि मंत्री
सदानंद गौड़ा, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात करेंगे। इस संबंध
में जल्द ही प्रधानमंत्री से भी बातचीत की जाएगी। इस दौरान अधिवक्ताओं ने
राजनाथ सिंह को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में
केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन डीडी शर्मा, महामंत्री अनिल कुमार
जंगाला, गजेंद्र सिंह धामा, एमपी शर्मा, गाजियाबाद से अनिल पंडित, सुरेंद्र
राठी, योगेंद्र कौशिक, संजीव, मुजफ्फरनगर से आरपी शर्मा, सुरेंद्र मलिक,
ठाकुर अनूप सिंह शामिल थे।
यूपी हाईकोर्ट की बेंच आगरा में स्थापना के लिए प्रदर्शन
नई दिल्ली (ब्यूरो)।
उत्तर
प्रदेश के आगरा जिले में उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने की मांग को
लेकर शुक्रवार को जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उच्च
न्यायालय खंडपीठ स्थापना समिति के बैनर तले हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या
में आगरा, अलीगढ़ व मथुरा सहित कई जिलेां के वकीलों ने हिस्सा लिया। दोपहर
बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद की तरफ मार्च की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने
बैरीकेट करके जंतर मंतर रोड स्थित केरल भवन से आगे बढ़ने से उन्हें रोक
दिया। इस दौरान काफी देर तक पुलिस से कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई। आखिर
में प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर वापस लौट गए।
समिति
के सह संयोजक विजय पाल सिंह चौहान ने बताया कि पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट
की बेंच स्थापित करने के लिए वकील लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन
अभी तक की सभी सरकारों ने इसे अनसुना किया है। इसकेलिए तीन दशक पहले जस्टिस
जसवंत सिंह की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने सभी
पहलुओं पर विचार किया और 1985 में आगरा में एक बेंच स्थापित करने की
सिफारिश की थी। लेकिन अभी तक आयोग की सिफारिश पर काम नहीं हुआ। उन्होंने
बताया कि उत्तर प्रदेश से कम आबादी वाले कई प्रदेशों में आम लोगों की
सहूलियत के लिए हाईकोर्ट की बेंच बनाई गई हैं। जबकि देश से सबसे ज्यादा
आबादी वाले हाईकोर्ट की बेंच न होेने से प्रदेश के लोगों को सस्ता एंव सुलभ
न्याय नहीं मिल पा रहा है।
News Sabhaar : Amar Ujala (21.12.2014)
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लक्ष्मीकांत के बयान पर बवाल, वकीलों ने पुतला फूंका
•इलाहाबाद (ब्यूरो)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच के मुद्दे पर एक बार फिर वकीलों में उबाल आ गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई के इस बयान पर हाईकोर्ट के वकील भड़क गए कि ‘बेंच बनाना मेरे जीवन की बड़ी सफलता होगी’। वकीलों के भारी दबाव को देखते हुए बार अध्यक्ष द्वारा हड़ताल स्थगित करने के फैसले को बदलने पर मजबूर होना पड़ा।
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पीएम को ज्ञापन देंगे वकील
इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव सीपी उपाध्याय ने प्रेसवार्ता में बताया कि तय किया है कि 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन पर अधिवक्ता उनसे समय लेकर मिलने का प्रयास करेंगे और ज्ञापन देंगे। बेंच के मुद्दे पर उनसे अपनी राय स्पष्ट करने के लिए कहा जाएगा। आंदोलन को गति देने के लिए सलाहकार समिति, संघर्ष समिति और युवा अधिवक्ता समिति गठित की गई है जिसमें पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता वीबी उपाध्याय, टीपी सिंह, डा. एसपी श्रीवास्तव, अनुग्रह नारायण सिंह, एनसी राजवंशी, एमडी सिंह शेखर, यूएन शर्मा, दयाशंकर मिश्र, आरके ओझा, अनिल तिवारी, प्रभाशंकर मिश्र, आईके चतुर्वेदी, वीर सिंह, केके द्विवेदी, डीके श्रीवास्तव, बृजेश सहाय और पीसी श्रीवास्तव शामिल हैं। समितियों की बैठक शनिवार को सुबह 10 बजे बुलाई गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सलाहकार और पूर्व पदाधिकारियों की संघर्ष समिति गठित
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बुंदेलखंड में बेंच के लिए सौंपा ज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। बुंदेलखंड हाईकोर्ट बेंच बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को वकीलों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में अति पिछड़े इलाके बुंदेलखंड के लिए झांसी में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र प्रसाद तिवारी,जगदीश सिंह बुंदेला, राम सुमेर चौधरी, अनिल श्रीवास्तव, अशोक गुप्ता, राजीव द्विवेदी, एमपी यादव, एसके मिश्रा, वीरेंद्र सिंह चौहान, जीएस चौहान, आरके गुप्ता सहित दर्जनों वकील शामिल थे।
कहा, जारी रखेगा हड़ताल
हड़ताल समाप्त किए जाने का विरोध करते अधिवक्ता।
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