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Sunday, March 31, 2013

UPTET : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया रोक हटवाने को कोर्ट में तर्क देगी सरकार


UPTET : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया रोक हटवाने को कोर्ट में तर्क देगी सरकार
News Sabhaar : Amar Ujala (31.3.13)

लखनऊ (ब्यूरो)। राज्य सरकार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर से रोक हटवाने के लिए हाईकोर्ट की वृहद पीठ में संशोधित अध्यापक भर्ती नियमावली पेश करेगी। साथ ही अदालत को यह भी बताएगी कि टीईटी मेरिट के स्थान पर शैक्षिक मेरिट क्यों किया गया। यही नहीं राज्य सरकार का इरादा टीईटी की जांच रिपोर्ट पेश करने का भी है। बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि उसके तर्कों से हाईकोर्ट संतुष्ट होकर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे सकता है। शिक्षक भर्ती मामले में 3 अप्रैल को सुनवाई होने की उम्मीद है। कोर्ट यह तय करेगा कि शिक्षक भर्ती के लिए अपनाई गई प्रक्रिया ठीक है या नहीं

प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। राज्य सरकार इसे देखते हुए टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को सीधे सहायक अध्यापक रखना चाहती है। इसके लिए 72,825 पदों के लिए विज्ञापन निकाल कर आवेदन मांगे गए। इन पदों के लिए 69 लाख आवेदन आए। बेसिक शिक्षा विभाग ने मेरिट सूची में आए अभ्यर्थियों की 4 फरवरी से काउंसलिंग भी शुरू करा दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट में पहले डबल बेंच में शिक्षक भर्ती संबंधी मामले की सुनवाई हो रही थी। शिक्षक भर्ती में टीईटी को लेकर उठे सवालों को लेकर पूरा ब्यौरा हाईकोर्ट ने मांगा था। विभाग ने डबल बेंच को पूरी जानकारी दी थी, लेकिन अब यह मामला वृहद पीठ के हवाले कर दिया गया है।


बेसिक शिक्षा विभाग अब इसके आधार पर वृहद पीठ के समक्ष पूरा मामला रखेगा। इसमें बताया जाएगा कि शिक्षक भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा अध्यापक नियमावली बदली गई है। नियमावली में शैक्षिक मेरिट को आधार बनाया गया है। टीईटी को केवल पात्रता परीक्षा माना गया है। यह भी बताया जाएगा कि टीईटी में गड़बड़ी की जांच रमाबाई नगर की पुलिस ने की थी। इस जांच के आधार पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में गठित कमेटी भी जांच कर चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है


Source : Amar Ujala (31.3.13)


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Saturday, March 30, 2013

RIGHT TO EDUCATION ACT / RTE : शिक्षा का अधिकार कानून: अवधि पूरी, तैयारी अधूरी


RIGHT TO EDUCATION ACT / RTE : शिक्षा का अधिकार कानून: अवधि पूरी, तैयारी अधूरी

NEWS SABHAAR : JAGRAN (Updated on: Sat, 30 Mar 2013 09:38 PM (IST))

शिक्षा का अधिकार कानून: अवधि पूरी, तैयारी अधूरी

नई दिल्ली [राजकेश्वर सिंह]। शिक्षा का अधिकार कानून के अमल के लिए तय तीन साल की मियाद रविवार को पूरी हो जाएगी। फिर भी जमीन पर बहुत कुछ नहीं बदला। छह से 14 साल के बच्चों को पढ़ाने वाले लगभग 12 लाख स्कूली शिक्षकों की कमी है। योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों का होना तो और बड़ी बात है। अब भी पीने का पानी, शौचालय और खेल का मैदान सभी स्कूलों मे उपलब्ध नहीं है। स्कूली पढ़ाई के प्रावधानों के पूरा न होने पर सोमवार से कोई भी अभिभावक कानूनी तौर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।

स्कूली पढ़ाई जैसे बुनियादी मसलों पर केंद्र और राज्य सरकारों की कुछ कर गुजरने की बार-बार की प्रतिबद्धता तीन साल बाद भी फिलहाल धरी की धरी रह गई। केंद्र अब राज्य सरकारों के साथ बैठकर शिक्षा का अधिकार कानून के अमल की समीक्षा करेगा। शिक्षा के नीतिगत मामलों की राष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी बॉडी केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड [सीएबीई] की बैठक में आगामी दो अप्रैल को इस पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, सीएबीई की बैठक में शिक्षा के अधिकार [आरटीई] कानून के अमल की मियाद कुछ और बढ़ाने का भी रास्ता निकाला जा सकता है। क्योंकि, ऐसा न होने पर स्कूलों पर अनावश्यक रूप से मुकदमों की भरमार हो सकती है।

आरटीई कानून के तीन साल के सफर पर नजर डालें तो सिर्फ उसे अपने यहां लागू करने की अधिसूचना जारी करने के सिवा कोई भी राज्य ऐसा नहीं, जो सभी मापदंडों पर खरा उतरता हो। वैसे तो देश में लगभग 12 लाख स्कूली शिक्षकों की कमी है, लेकिन उसमें बड़े राज्यों में अकेले उत्तर प्रदेश में तीन लाख, बिहार में 2.60 लाख, पश्चिम बंगाल में एक लाख, झारखंड में 68 हजार, मध्य प्रदेश में 95 हजार शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं

इतना ही नहीं, जो स्कूली शिक्षक हैं, उनमें भी 8.6 लाख शिक्षक योग्य व प्रशिक्षित नहीं हैं। वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद [एनसीटीई] के मानकों के तहत शिक्षक होने की जरूरी अर्हता पूरी नहीं करते। इस मामले में 1.97 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों के साथ पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है। जबकि, बिहार में 1.86 लाख, उत्तर प्रदेश में 1.43 लाख और झारखंड में 77 हजार शिक्षक जरूरी योग्यता नहीं पूरी करते। इस बीच, एनसीटीई ने 13 राज्यों को दूरस्थ शिक्षक शिक्षा के जरिये उनके शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की छूट दी है

राज्यों में कानून की मानीटरिंग का जिम्मा बाल अधिकार संरक्षण आयोग या फिर उसके समकक्ष दूसरे निकायों पर है। फिर भी नौ केंद्र शासित राज्यों को मिलाकर अभी तक सिर्फ 26 राज्यों ने इसका प्रावधान किया है। इसके अलावा 41 प्रतिशत स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात मानक के लिहाज से नहीं है। तो पांच प्रतिशत स्कूलों में अब भी पीने के पानी की सुविधा नहीं है। 39 प्रतिशत स्कूलों में रैम्प नहीं है। 35 प्रतिशत स्कूलों में लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय की सुविधा नहीं है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल और गोवा ऐसे राज्य हैं, जिन्होंने प्राइमरी के लिए अभी तक स्कूल प्रबंधन समितियों का गठन नहीं किया है


NEWS SABHAAR : JAGRAN (Updated on: Sat, 30 Mar 2013 09:38 PM (IST))
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Shortage of Qualified Teachers in Schools is Biggest Problem in RTE implementation.
Center : State Made A Partenrship in RTE Expenditure as 65:35
Which is 75:25 in some states also.

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Debate on Selection Base of Primary Teachers

Debate on Selection Base of Primary Teachers

आजकल काबिलियत पर बहुत बहस हो रही है 
कोन काबिल है कोन  नहीं ये हम और आप कैसे कह सकते हैं ।
ये तो आपका नियोक्ता बताएगा या फिर जिसको आप सेवा दे रहे हैं 


उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक के लिए मास्टर , डोकटरेट , अकादमिक टोपर सभी लाइन में हैं 
और काबिलियत की जबरदस्त बहस चल रही है ।
बहुत से लोग इस जुगाड़ में भी हैं कि सरकारी नोकरी पक्की हो और फिर वो आराम से कुछ और करें 

मैं आप सभी लोगो से पूछना चाहती हूँ कि मान लीजिये आपको - स्वीपर का चुनाव करना है और आपके पास आवेदन मास्टर , डोकटरेट , अकादमिक टोपर   और    दसवी पास लोगो के आवेदन आये हैं 
तो आप काबिल किसको मानेंगे ??

हर पोस्ट के लिए निर्धारित एप्टीटुड टेस्ट होता है जैसे बेंक क्लर्क के लिए  क्लेरिकल एप्टीटुड टेस्ट , बेंक आफिसर  के लिए  क्लेरिकल एप्टीटुड टेस्ट , ग्रुप सी कर्मचारिओं के लिए ग्रुप सी एस एस सी एप्टीटुड टेस्ट, डेटा एंट्री के लिए कंप्यूटर टाइपिंग एप्टीटुड टेस्ट आदि 

ऐसे  ही प्राथमिक शिक्षा के लिए टी ई टी , एक एप्टीटुड टेस्ट की तरह से है । जो कि प्राथमिक शिक्षकों के चुनाव के लिए विशेष परीक्षा है और उसकी महत्ता का साफ शब्दों में लिखा गया है और चयन के लिए अकादमिक अंक का कैसे प्रयोग किया जाये उसके विषय में कुछ भी नहीं लिखा गया है ।

आप उपरोक्त बातें पड़ने के बाद इस प्रश्न का जरूर जवाब दें - 
मैं आप सभी लोगो से पूछना चाहती हूँ कि मान लीजिये आपको - स्वीपर का चुनाव करना है 
और आपके पास आवेदन मास्टर , डोकटरेट , अकादमिक टोपर   और    दसवी पास लोगो के आवेदन आये हैं 
तो आप काबिल किसको मानेंगे ?????????????



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SSC Recruitment 2013 LAST DATE 12 -04-2013


Sarkari Naukri Damad India. Latest Upadted Indian Govt Jobs - http://sarkari-damad.blogspot.com
SSC Recruitment 2013 of SI in Delhi Police, CAPFs and Assistant SI in CISF and IO in NCB (2240 Posts)

Date of Exam:   10-06-2013(Paper-I) & 18-08-2013(Paper-II)  
 Closing Date :  12 -04-2013    

Staff Selection Commission invited applications online/offline from the citizens of India for recruitment to the post of Sub-Inspectors in Delhi Police (DP), Central Armed Police Forces (CAPFs) and Assistant Sub-Inspector in Central Industrial Security Force (CISF) and Intelligence Officer in Narcotics Control Bureau (NCB).The candidates applying for the examination should ensure that they fulfill all the eligibility conditions for admission to the examination.

FOR WOMEN CANDIDATE - FREE TO APPLY

SSC Recruitment 2013 Details

1) Name of the Post : Sub-Inspector (CAPFs)
No. of Post: 1176 Posts
Pay Scale : Pay Band-2 Rs. 9300 – 34800/- + Grade Pay Rs. 4200/- Per Month
Educational Qualification : Bachelor Degree (Graduation) from a recognized University or equivalent
2) Name of the Post : Sub-Inspector (Delhi Police)
No. of Post : 330 Posts
Pay Scale : Pay Band-2 Rs. 9300 – 34800/- + Grade Pay Rs. 4200/- Per Month
Educational Qualification : Bachelor Degree (Graduation) from a recognized University or equivalent
3) Name of the Post : Assistant Sub-Inspector (CISF)
No. of Post : 734 Posts
Pay Scale : Pay Band-2 Rs. 5200 – 20200/- + Grade Pay Rs. 2800/- Per Month
Educational Qualification : Bachelor Degree (Graduation) from a recognized University or equivalent
4) Name of the Post : Intelligence Officer (NCB)
No. of Post : 1176 Posts
Pay Scale : Pay Band-2 Rs. 9300 – 34800/- + Grade Pay Rs. 4600/- Per Month
Educational Qualification : Bachelor Degree (Graduation) from a recognized University or equivalent
Age Limit : Minimum 20 years and maximum 25 years as on 01/01/2013; Relaxation of Upper Age Limit as per extant Government order.
Application Fee : Rs.100/- for General and OBC Candidates. No fee for SC/ST/ Women/EX-SM candidates. Candidates have option of paying the fee either Online or Offline.
1.Online Payment – State Bank of India (SBI) Challan or net-banking
2.Offline Payment – CRF Stamp
How to Apply : Interested candidates are required to submit application in the prescribed format online through  website http://ssconline.nic.in or on paper/off-line. The filling of online application contains two parts: Part I – Registration and Part II – Registration.
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NRHM Samvbida Recruitment in UP : आशीर्वाद योजना का हाल


NRHM Samvida Recruitment in UP : आशीर्वाद योजना का हाल, 31 मार्च के पहले होना है चयन, चार अप्रैल तक चलेगा इंटरव्यू
संविदा भर्ती प्रक्रिया फिर संदेह के घेरे में

इन पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया

रायबरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत पूर्व में संदेह के घेरे में होने के कारण निरस्त हुई बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना (आशीर्वाद) की संविदा भर्ती की प्रक्रिया पर फिर काले बादल छा गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार विभाग को 31 मार्च से पहले भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर लेना है। वहीं सीएओ का कहना है िक चार अप्रैल तक इंटरव्यू का काम ही चलेगा
शासन ने आदेश दिए हैं कि पूर्व में भर्ती हो चुके चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की संविदा को अगले वित्तीय वर्ष में भी नवीनीकरण करके योजना को आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन यहां तो अभी भर्ती प्रक्रिया ही चल रही है तो किस आधार पर अगले वित्तीय वर्ष के लिए संविदा का नवीनीकरण हो सकेगा।
स्कूलों में बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए सितंबर 2012 से बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के लिए संविदा पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। मानकों को ताक पर रखकर और पदों के सापेक्ष आरक्षण तय न होने के कारण सीडीओ डॉ. अख्तर रियाज ने भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था। इंटरव्यू में भी मानकों को ध्यान में नहीं रखा गया था। एक फरवरी से रायबरेली को छोड़कर सूबे के सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना शुरू कर दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने 69 पदों के लिए दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी।
विभाग ने विज्ञापन जारी कराकर आवेदन पत्र मांगते हुए शर्त भी लागू की कि संविदा भर्ती 31 मार्च 2013 तक के लिए ही होगी। 22 फरवरी तक आवेदन पत्र लेने के बाद इंटरव्यू का काम 12 मार्च के बाद शुरू किया गया। अभी तक इंटरव्यू का काम पूरा नहीं हो सका है। चार अप्रैल तक इंटरव्यू के बाद संविदा भर्ती की सूची जारी की जाएगी। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी किया है कि एनआरएचएम की योजनाएं वित्तीय वर्ष 2013-14 में भी जारी रहेंगी। जिन पदों की संविदा भर्ती हो चुकी हैं उनकी संविदा का नवीनीकरण करके योजनाओं को अगले वित्तीय वर्ष में जारी रखने के आदेश दिए गए हैं

News Source : अमर उजाला ब्यूरो / Amar Ujala Epaper ( 30.3.2013)
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Staff Nurse : स्टाफ नर्स को हुए साक्षात्कार

अमरोहा। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर 27 संविदा स्टाफ नर्स की भर्ती को साक्षात्कार हुआ। स्टाफ नर्सों का चयन कर लिया गया है। तैनाती पर डीएम की मुहर लगना बाकी रहा है। शुक्रवार को एडीएम डा. कंचन सरन की अध्यक्षता में हुए साक्षात्कार में 51 अभ्यार्थी शामिल रहे। डीएम की मुहर लगने के बाद तीस मार्च यानी स्टाफ नर्साें को अस्पतालों में नियुक्ति होगी। साथ ही 30 अप्रैल को इनका रिन्युअल होगा। चयन समिति में सीएमओ, एसीएमओ डा. अजय वर्मा और दो निजी डाक्टर शामिल रहे। सीएमओ के मुताबिक 27 स्टाफ नर्स का चयन कर लिया गया है। तैनाती पर डीएम की मुहर लगने के बाद शनिवार को अस्पतालों में ज्वाइनिंग दिलाई जाएगी


News Source : अमर उजाला ब्यूरो / Amar Ujala Epaper ( 30.3.2013)
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Friday, March 29, 2013

RTE News : Most states to miss March 31 deadline for compliance with Right to Education Act


RTE News : Most states to miss March 31 deadline for compliance with Right to Education Act

TEACHER ELIGIBILITY TEST / RTE NEWS : -

PUBLISHED IN MOST POPULAR NEWS PAPER OF INDIA : TIMES OF INDIA

Most states are likely to miss the March 31 deadline for compliance with the Right to Education Act.

NEW DELHI: On Monday, when the deadline for compliance with the Right to Education (RTE) Act expires, children will get a short shrift again. Government data shows about 40% primary schools don't have adequate teachers, 33% are without girls' toilets and 39% lack ramps for children with disabilities.

With the enactment of the Right of Children to Free and Compulsory Education (RTE) Act in 2009 all states and Union Territories were expected to comply with the norms by March 31, 2013 — a deadline that most states will miss. These norms included optimum pupil-teacher ratio, infrastructure rules like adequate drinking water, toilets, stipulated working days and instruction hours and establishment of school management committees.

Of the 52 lakh sanctioned posts of teachers, there are 11 lakh vacancies. Besides shortage, states are also battling the malaise of untrained or under-qualified teachers that is pegged at around 8.6 lakh or 20% of the total teachers. The states with the bulk of these teachers is West Bengal (1.97 lakh), Bihar (1.86 lakh) and Jharkhand (77,000). Infrastructure norms for drinking water (94% of schools) and ramps (in 61% of schools) have been complied with, while 64% schools have separate toilets for girls and boys.

States have sought an extension in the deadline as they flounder due to lack of adequate resources and political will. But experts point to a more worrying concern: the lack of attention to learning outcomes. Several studies, including the ASER survey 2012, say that while enrolment has increased and more children are going to school, learning levels have dipped.

Noting that over three lakh private budget schools face closure after March 31 — the deadline for meeting infrastructure requirements under the Act, impacting 4-5 crore students — Ashish Dhawan from Centre Square Foundation said private school regulation should be based on audited performance rather than input-based norms.

Educational Initiatives' SridharRajagopalan said that regular and third party measurement of learning was required. Giving the example of Gujarat that organizes an annual assessment for student learning called `Gunatsav', Rajagopalan said that students were assessed by teachers in the first round and then 25% randomly picked schools were assessed by ministers and senior officials led by CM NarendraModi.

Accountability Initiatives' Yamini Aiyer pointed out that learning outcomes had to become part of the states' and Centre's goals. She also underlined the importance of the school management committees and greater involvement of parents in running a school.

Civil society representatives said that a large number of low-fee private schools faced closure because of undue emphasis on infrastructure issues rather than learning outcomes.


News Source / Sabhaar : timesofindia.indiatimes.com (Himanshi Dhawan, TNN | Mar 29, 2013, 01.42 AM IST) /
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Debate : TET Marks can be used for selection of not ?

Debate : TET Marks can be used for selection of not ?

At this time base of selection is highly debatable - Whether TET Marks can be used for selection OR not ?

I found on - Administration of the Union Territory of Lakshadweep
(Directorate of Education)
Kavaratti – 682 555

Following Selection Procedure -
(At many places weightage of TET marks used in selection)


Source : http://intralak.nic.in/laktimes/16th%20March-2013.pdf
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RTE / Teacher Eligibility Test News : शिक्षक भर्ती करो वर्ना दोबारा नहीं मिलेगी छूट


RTE / Teacher Eligibility Test News : शिक्षक भर्ती करो वर्ना दोबारा नहीं मिलेगी छूट

News Sabhaar : livehindustan.com (29-03-13 12:12 AM)


नई दिल्ली विशेष संवाददाता। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्य उम्मीदवारों की कमी से जूझ रहे 13 राज्यों को केंद्र सरकार ने कहा कि वे पूर्व में प्रदान की गई छूट के अनुरूप तय समय में शिक्षकों की भर्ती करें। वर्ना छूट की सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कहना है कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत योग्य शिक्षक नहीं मिलने पर केंद्र सरकार कानून की धारा 23 की उपधारा-2 के तहत राज्यों को छूट दे सकती है


लेकिन यह छूट सिर्फ एक बार दी जा सकती है। हाल में एक प्रेस कांफ्रेस में मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू ने भी बताया कि अब तक 13 राज्य इस किस्म की छूट ले चुके हैं। 2011 एवं 2012 के दौरान ऐसी छूट दी गई थी। आखिरी बार 17 अक्टूबर 2012 में उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश को इस प्रकार की छूट दी गई थी। उसके बाद किसी राज्य ने इस किस्म की छूट के लिए आवेदन नहीं किया था।
मंत्रालय के अनुसार राज्यों ने अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग छूट मांगी थी जो उन्हें 31 मार्च 2014 और कुछ राज्यों को 31 मार्च 2015 के लिए प्रदान की गई है। इसके बाद छूट खत्म हो जाएगी। बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, असोम, मणिपुर, नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा की समस्या एक जैसी थी। इन राज्यों में डिग्रीधारी शिक्षकों की कमी थी। इसलिए इन राज्यों को पांचवीं कक्षा तक के लिए 12वीं पास और 6-8वीं कक्षा के लिए ग्रेजुएट उम्मीदवारों को बिना पेशेवर कोर्स के शिक्षक नियुक्त करने की इजाजत दी गई
लेकिन ऐसे शिक्षकों को दो साल के भीतर पत्राचार के जरिये आवश्यक पेशेवर योग्यता हासिल करनी होगी।
यूपी की स्थितिः यहां प्राइमरी प्रशिक्षित शिक्षकों-डीएड की कमी है, जबकि बीएड डिग्रीधारी बड़े पैमाने पर हैं। लेकिन एनसीटीई के नियमों के अनुसार बीएड डिग्रीधारियों को प्राइमरी टीचर नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसलिए यूपी ने विशेष रूप से उन्हें प्राइमरी शिक्षक नियुक्त करने की अनुमति मांगी थी जो अक्टूबर में उसे प्रदान कर दी गई। अन्य राज्य उत्तराखंड के लिए भी करीब-करीब यही स्थिति थी।
जबकि हिमाचल प्रदेश में बीएड की कमी है। उसने छह से आठवीं कक्षाओं के लिए हिन्दी एवं संस्कृत के गैर बीएड शिक्षक नियुक्त करने की अनुमति मांगी थी जो उसे प्रदान कर दी गई। क्या कहता है मंत्रालयमानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि 12वीं योजना में शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के विस्तार के लिए 6300 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे डिस्ट्रिक इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड ट्रेनिग (डाइट), कालेज ऑफ टीचर एजुकेशन (सीटीई), इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (आईएएसई) तथा ब्लाक इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन (बीआईटीई) की स्थापना की जाएगी।
साथ ही उपरोक्त श्रेणियों में खुले मौजूदा संस्थानों को भी अपग्रेड किया जाएगा। ताकि बेहतर शिक्षक तैयार किए जा सकें। स्कूलों में करीब पांच लाख अनट्रेंड टीचर हैं और लाखों शिक्षकों की भर्ती होनी है



News Source / Sabhaar : livehindustan.com (29-03-13 12:12 AM)

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Thursday, March 28, 2013

Exclusive Breaking News - Teacher Eligibility Test : स्नातक बनेंगे टीचर,बीएड बाद में करेंगे


Exclusive Breaking News - Teacher Eligibility Test : स्नातक बनेंगे टीचर,बीएड बाद में करेंगे
RIGHT TO EDUCATION NEWS
Updated: 2013-03-28 22:28:32

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में खाली पडे शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए अब 13 राज्यों को विशेष छूट प्रदान की है। इन राज्यों में बीटीसी अथवा बीएड का कोर्स कर चुके बेरोजगारों के अलावा सामान्य स्नातक भी टीईटी (शिक्षक योग्यता परीक्षा) पास कर शिक्षक बन सकेंगे

अभी तक केवल प्रशिक्षित उम्मीदवारो को ही टीईटी परीक्षा में शामिल होने की छूट थी। उल्लेखनीय है सर्वशिक्षा अभियान के तहत देश में लगभग बीस लाख शिक्षकों के नए पद सृजित हुए थे। इनमें से 12 लाख से अधिक पदों पर भर्ती हो चुकी है, लेकिन सात लाख पद अभी भी रिक्त हैं, जबकि पहली अप्रैल से पूरे देश में आरटीई एक्ट प्रभावी हो जाएगा

मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने बताया इस समस्या को दूर करने के लिए 13 राज्यों में अप्रशिक्षित सामान्य ग्रेजुएट को भी टीईटी परीक्षा में शामिल होने तथा परीक्षा पास करने पर सीधे शिक्षक नियुक्त करने की छूट दे दी गई है। छूट पाने वाले इन राज्यों में ही सर्वाधिक छह लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनमें सर्वाधिक बिहार में 2,05,378 तथा उत्तर प्रदेश में 1,59,087 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनके अलावा जिन राज्यों में स्नातकों को सीधे शिक्षक पद पर भर्ती की छूट दी गई है उनमें हिमाचल प्रदेश में 2203, उत्तराखंड में 9270, पश्चिम बंगाल में 61,623 तथा मध्य प्रदेश 79,110 पद रिक्त हैं।

शिक्षकों की पात्रता में छूट पाने वाले अन्य राज्यों में झारखंड तथा पूर्वोत्तर के कुछ राज्य शामिल हैं। नौकरी मिलने के बाद इन प्रशिक्षित शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने देश में 19 स्थानों पर कॉलेज ऑफ टीचर्स एजूकेशन (सीटीई) की स्थापना भी करने का फैसला लिया है। यहां पर सबसे पहले नई भर्ती वाले शिक्षकों को ही प्रशिक्षण दिया जाएगा


News Source : News4Education.com ( 28.3.13)
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Teacher Eligibility Test News  : 13 राज्यों में शिक्षकों की नियुक्ति के नियम में रियायत
EXCLUSIVE BREAKING NEWS - RTE 

नई दिल्ली| केंद्र सरकार ने गुरुवार को सर्वशिक्षा अभियान के लिए शिक्षकों की भर्ती के लिए अहर्ता में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में छूट की मांग करने वाले 13 राज्यों का आग्रह स्वीकार कर लिया।

जिन राज्यों ने इस आशय की मंजूरी मांगी थी उनमें असम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

न्यूनतम योग्यताओं में रियायत का अनुरोध इसलिए किया गया है, क्योंकि बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम-2009 तहत शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं

इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने 12वीं योजना के दौरान देश में अध्यापक शिक्षा को बढिया बनाने के लिए 6,300 करोड़ रुपये से अधिक राशि की परियोजना को मंजूरी दी है।

संशोधित योजना के मुख्य अवयव हैं शिक्षा और प्रशिक्षण संबंधी नए जिला संस्थानों (डीआईईटी), अध्यापक शिक्षा कॉलेजों (सीटीई) और शिक्षा के क्षेत्र में उन्नत अध्ययन की संस्थाओं (आईएएसई) के गठन के साथ-साथ मौजूदा डीआईईटी, सीटीई और आईएएसई को मजबूत करना शामिल हैं।

इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक बहुल 196 जिलों में खंड स्तर पर अध्यापक शिक्षा संस्थाओं (बीआईटीई) की स्थापना भी शामिल हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने उपरोक्त राज्य सरकारों को सेवारत 5 लाख से अधिक अप्रशिक्षित शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा के जरिए प्रशिक्षण की भी अनुमति दी 


News Source / Sabhaar :  aajkikhabar.com (Thursday, Mar 28 2013 10:50PM IST)

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GIC LT Grade Male Teacher Recruitment, Next Hearing in Allahabad Highcourt on 3rd April 2012

GIC LT Grade Male Teacher Recruitment, Next Hearing in Allahabad Highcourt on 3rd April  2012



HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
Case Status - Allahabad

Pending
Writ - A : 6333 of 2013 [Banda]
Petitioner: RAVINDRA BABU SHRIWAS AND ORS.
Respondent: STATE OF U.P.THRU SECY & ORS.
Counsel (Pet.): RADHA KANT OJHA
Counsel (Res.): C.S.C.
Category: Service-Writ Petitions Relating To Primary Education (teaching Staff) (single Bench)-Miscellaneous
Date of Filing: 01/02/2013
Last Listed on: 22/03/2013 in Court No. 30
Next Listing Date (Likely): 03/04/2013

This is not an authentic/certified copy of the information regarding status of a case. Authentic/certified information may be obtained under Chapter VIII Rule 30 of Allahabad High Court Rules. Mistake, if any, may be brought to the notice of OSD (Computer).

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ET is Different And Recruitment is Different, Which is in the Hand of Recruitment Authority (i.e. Deciding Selection Base etc is in the Hand of Recruitment Agency)

TET is Different And Recruitment is Different, Which is in the Hand of Recruitment Authority (i.e. Deciding Selection Base etc is in the Hand of Recruitment Agency)

See Court Case


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

?Court No. - 30

Case :- WRIT - A No. - 14613 of 2013

Petitioner :- Km.Shiva And Anr.
Respondent :- State Of U.P.Thru Principal Secretary & Ors.
Petitioner Counsel :- Sohan Lal Yadav
Respondent Counsel :- C.S.C.,Pankaj Kumar Singh

Hon'ble Amreshwar Pratap Sahi,J.
The only grievance of the petitioners is to the fixing of minimum age limit of 21 years for engaging Part Time Instructors under the Government Order dated 31st of January, 2013.
The challenge is raised on the ground that the minimum age for passing the Teacher Eligibility Test is 18 years and therefore the minimum age of 21 years for engagement as a Part Time Instructor is irrational. 
The issue of passing a Teacher Eligibility Test is entirely different which is only one of the hurdles for the purpose of crossing the bench mark and then make oneself eligible for appointment as a Teacher. There are other qualifications as well.

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United India Insurance Co Ltd (UIIC)


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United India Insurance Co Ltd 

(UIIC) 

Chennai invites applications for 

the follow posts 

Generalist Officers Notification March 2013

Name of the Post - Generalist Officers

Vacancies – 445 (SC-67,ST-32,OBC-133,UR-213) PH-17(Including Backlog of 4)

Educational Qualification (as on 31.12.2012)- Graduate with 60%(55% for SC/ST candidates) or post graduate with minimum 55% (50% SC/ST Candidates) marks in aggregate from recognized university

Mode of application : Online between 02.04.2013 and 18.04.2013 (both days inclusive)

Online written test – 26th May 2013
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Wednesday, March 27, 2013

UP NEWS - नरेंद्र मोदी ने अखिलेश यादव जैसा क्या किया है: मुलायम सिंह


UP NEWS - नरेंद्र मोदी ने अखिलेश यादव जैसा क्या 

किया है: मुलायम सिंह

कांग्रेस धोखेबाज पार्टी है: मुलायम सिंह यादव



सैफई।। समाजवादी पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव कांग्रेस पर लगातार हमलावर होते जा रहे हैं। बुधवार को जब पूरा देश होली के रंग में मदमस्त था, तब मुलायम सिंह ने सैफई में कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली में तीसरे मोर्चे की सरकार बनाएंगे। 2014 के आम चुनाव में न तो कांग्रेस की सरकार बनेगी न ही बीजेपी की। 

यादव ने उत्तर प्रदेश की तुलना गुजरात से करते हुए कहा, 'गुजरात को मीडिया बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। मोदी बताएं कि उन्होंने विकास के लिए क्या उतना काम किया जितना उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने किया है। एसपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि मोदी ने मीडिया को प्रलोभन देकर अपने कब्जे में लेकर अपना गुणगान कराया। कन्या विद्याधन, लैपटाप, बेरोजगारी भत्ता और अन्य विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एसपी सरकार ने जो काम किए वे मोदी नहीं कर सके। यादव ने दोहराया कि दिल्ली में उत्तर प्रदेश के मुकाबले 10 गुना ज्यादा अपराध है लेकिन प्रदेश की कानून-व्यवथा को लेकर हो-हल्ला किया जा रहा है।

मुलायम सिंह ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस से लोगों का भरोसा उठ चुका है। जनता तीसरे विकल्प की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। उन्होंने अगले आम चुनाव में गैरबीजेपी और गैरकांग्रेसी सरकार बनाने की जमकर वकालत की। मुलायम सिंह ने कहा कि हमारी कोशिश है कि अगले आम चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियां कांग्रेस और बीजपी से दूरी बनाकर तीसरे मोर्चे के लिए तैयार हो जाएं।

मुलायम ने अगले लोकसभा में अपनी अहमयित की ओर इशारा देते हुए कहा कि अगले चुनाव में ना ही कांग्रेस और ना ही बीजेपी की सरकार बनेगी. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी 1990 की लाठी को ना भूल जाए. मुलायम संभवत: 1990 के दौर की बात कर रहे थे जब उन्‍होंने रामजन्‍म भूमि आंदोलन पर काफी सख्‍ती की थी. नरेंद्र मोदी पर उन्‍होंने कहा कि मोदी ने कोई खास काम नहीं किया है, लोग बेवजह मोदी-मोदी चिल्‍ला रहे हैं
कुछ दिन पहले मुलायम सिंह एनडीए सरकार और बीजेपी के सीनियर नेता आडवाणी की तारीफ कर रहे थे। हालांकि मुलायम सिंह के इस रुख को बीजेपी ने खास तवज्जो नहीं दी। बीजेपी ने तो यहां तक कह दिया कि मुलायम सिंह अब भरोसे के काबिल नहीं हैं। बीजेपी की इस बेरुखी के बाद मुलायम सिंह और कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर एक साथ हमला बोल रहे हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि मुलायम सिंह कांग्रेस को धोखेबाज तब कह रहे हैं जब उनकी पार्टी के समर्थन की वजह से ही केंद्र में कांग्रेस की सरकार चल रही है। वह पिछले 9 सालों से यूपीए के साथ हैं। यूपीए एक में जब लेफ्ट पार्टियों ने न्यूक्लियर डील पर समर्थन वापस लिया था तो मुलायम सिंह ही मनमोहन सरकार के तारनहार बने थे। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह मुलायम सिहं का पैंतरा नजदीक आते आम चुनाव के मद्देनजर है।

भले केंद्र में वह कांग्रेस के साथ हैं लेकिन लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में वह कांग्रेस के खिलाफ ही चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में मुलायम सिंह लोगों के बीच दिखाना चाहते हैं कि उनकी पार्टी भले केंद्र में कांग्रेस का समर्थन कर रही है लेकिन कई मुद्दों पर विरोध है। मुलायम सिंह की भाषा कांग्रेस के प्रति तल्ख हो रही है लेकिन वह समर्थन वापसी पर कोई सख्त फैसला लेने से बच रहे हैं।

मुलायम सिंह ने दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में एसपी 'किंगमेकर' की भूमिका में होगी। कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे दल को केंद्रीय भूमिका में लाने के लिए और मुस्तैदी से काम करें। एसपी प्रमुख ने इटावा स्थित अपने पैतृक गांव सैफई में होली उत्सव के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद एसपी 'किंगमेकर' की भूमिका में रहेगी और केंद्र में उसके बगैर कोई भी पार्टी या गठबंधन सरकार नहीं बना सकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने जिस भरोसे के साथ एसपी को बहुमत देकर जिताया था, पार्टी को यही इतिहास आगामी लोकसभा चुनाव में दोहराने का टारगेट लेकर चलना होगा।

उन्होंने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में एसपी को कम से कम 80 सीटें हासिल करने की जरूरत है। तभी समाजवादी पार्टी को केंद्र की सत्ता में बैठने और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया का सपना पूरा करने का मौका मिलेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मौके पर कहा कि कार्यकर्ताओं का अगला निशाना पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को दिल्ली की गद्दी पर बैठाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में एसपी के पक्ष में बने माहौल को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और इसका असर आगामी लोकसभा चुनाव में जरूर दिखेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एवं सपा के प्रान्तीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मौके पर कहा कि कार्यकर्ताओं का अगला निशाना पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को दिल्ली की गद्दी पर बैठाना है

यादव ने कहा कि किसान और मुस्लिमों का देश की तरक्की में अहम योगदान है लेकिन केंद्र सरकार ने मुसलमानों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति की सचाई उजागर करने वाली सच्चर समिति की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डालकर उनके साथ छल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस 'धोखेबाजों' की पार्टी है और वह आगामी लोकसभा चुनाव में मुसलमानों के वोट हथियाना चाहती 


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Tuesday, March 26, 2013

Happy Holi to All Blog Members


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~ Blog Editor

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Teacher Eligibility Test News -स्नातक भी बन सकते हैं टीचर


Teacher Eligibility Test News केंद्र ने यूपी, हिमाचल और उत्तराखंड समेत 13 राज्यों को दी छूट
स्नातक भी बन सकते हैं टीचर
•अकेले उत्तर प्रदेश में खाली हैं डेढ़ लाख से अधिक प्राइमरी टीचरों के पद


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए अब 13 राज्यों को विशेष छूट प्रदान की है। इन राज्यों में बीटीसी अथवा बीएड का कोर्स कर चुके बेरोजगारों के अलावा सामान्य स्नातक भी टीईटी (शिक्षक योग्यता परीक्षा) पास कर शिक्षक बन सकेंगे। अभी तक केवल प्रशिक्षित उम्मीदवारों को ही टीईटी परीक्षा में शामिल होने की छूट थी।
उल्लेखनीय है सर्वशिक्षा अभियान के तहत देश में लगभग बीस लाख शिक्षकों के नए पद सृजित हुए थे। इनमें से 12 लाख से अधिक पदों पर भर्ती हो चुकी है, लेकिन सात लाख पद अभी भी रिक्त हैं, जबकि पहली अप्रैल से पूरे देश में आरटीई एक्ट प्रभावी हो जाएगा। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए बार-बार टीईटी परीक्षा कराने के बाद भी प्रशिक्षित उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में नहीं मिल पा रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती में पीछे रहने वाले राज्यों के अनुरोध पर बीएड की डिग्री हासिल करने वालों को भी प्राइमरी शिक्षक बनने की छूट दी गई, लेकिन बड़ी संख्या में अभी भी पद नहीं भरे जा सके हैं। इन राज्यों में प्रशिक्षित शिक्षक तो हैं, लेकिन वे टीईटी परीक्षा नहीं पास कर पा रहे हैं
मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने बताया इस समस्या को दूर करने के लिए 13 राज्यों में अप्रशिक्षित सामान्य ग्रेजुएट को भी टीईटी परीक्षा में शामिल होने तथा परीक्षा पास करने पर सीधे शिक्षक नियुक्त करने की छूट दे दी गई है। छूट पाने वाले इन राज्यों में ही सर्वाधिक छह लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनमें सर्वाधिक बिहार में 2,05,378 तथा उत्तर प्रदेश में 1,59,087 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनके अलावा जिन राज्यों में स्नातकों को सीधे शिक्षक पद पर भर्ती की छूट दी गई है उनमें हिमाचल प्रदेश में 2203, उत्तराखंड में 9270, पश्चिम बंगाल में 61,623 तथा मध्य प्रदेश 79,110 पद रिक्त हैं। शिक्षकों की पात्रता में छूट पाने वाले अन्य राज्यों में झारखंड तथा पूर्वोत्तर के कुछ राज्य शामिल हैं।
नौकरी मिलने के बाद इन प्रशिक्षित शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने देश में 19 स्थानों पर कॉलेज ऑफ टीचर्स एजूकेशन (सीटीई) की स्थापना भी करने का फैसला लिया है। यहां पर सबसे पहले नई भर्ती वाले शिक्षकों को ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।


राज्यों तथा केंद्र को उम्मीद है कि भविष्य में होने वाली टीईटी परीक्षा में बड़ी संख्या में स्नातक युवक शामिल होंगे तथा परीक्षा पास कर वे खाली पदों पर नौकरी हासिल कर सकेंगे। अभी होने वाली टीईटी परीक्षा में कई राज्यों में एक फीसदी उम्मीदवार भी पास नहीं हो पा रहे थे।




News Source : Amar Ujala (26.3.2013)

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Sunday, March 24, 2013

UPTET : LARGER BENCH WILL HEAR TET VD. NON TET CASE ON 3RD APRIL 2013

UPTET : LARGER BENCH WILL HEAR TET VD. NON TET CASE ON 3RD APRIL 2013


SEE NEWS -

NEWS SOURCE : HINDUSTAN EPAPER (24.3.2013)
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AS PER SOME INFO WHEN TET VS. NON MATTER SOLVE THEN AFTER THIS ACAD. MERIT VS. TET MERIT MATTER WILL BE SOLVED IN 1-2 HEARINGS AS ALMOST ALL HEARING OF TET VS ACAD. MERIT ALREADY HAPPEN
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16.5 LAKH STUDENT WILL GET CYCLE IN BIHAR

16.5 LAKH STUDENT WILL GET CYCLE IN BIHAR

DEPUTY CM SUSHIL KUMAR MODI

LO BIHAR BHEE UP KEE RAH PAR CHAL NIKAL PADA -


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KVS : NEW PAY SCALE FOR TEMPORARY /CONTRACT TEACHERS

KVS : NEW PAY SCALE FOR TEMPORARY /CONTRACT TEACHERS

AS PER SOME SOURCES, KV REVISED ITS PAY SCALE FOR CONRACT TEACHERS AND MADE EQUIVALENT TO REGULAR TEACHERS -


FOR AUTHENTICITY , KINDLY VERIFY ITS DETAILS FROM CONCERNED AUTHORITY / DEPT.

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BETET : शिक्षक नियोजन में फर्जी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भरमार


BETET : शिक्षक नियोजन में फर्जी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भरमार

मोतिहारी, नगर संवाददाता : जिले पंचायत व प्रखंडों में शिक्षक नियोजन के लिए जिला स्तर मेधा सूची की जांच युद्ध स्तर पर जारी है। इस दौरान लगभग दो दर्जन शिक्षक अभ्यर्थी ऐसे पकड़े गए हैं जिनका टीईटी परीक्षा का क्रमांक फर्जी है। जबकि विभाग ने पूर्व में ही सभी नियोजन इकाईयों को टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध करा दी गई थी। बावजूद इसके नियोजन इकाई स्तर पर इसकी जांच नहीं की गई। सूची जब अनुमोदन के लिए डीपीओ स्थापना के पास आई व जांच शुरू की गई। मात्र तीन प्रखंडों में ही लगभग दो दर्जन अभ्यर्थी फर्जी पाए गए। इसकी पुष्टि डीपीओ स्थापना अश्रि्वनी कुमार ने की । उन्होंने बताया कि अब तक संग्रामपुर, पताही व चिरैया प्रखंडों व पंचायतों की सूची की जांच की गई है। इस जांच में दो दर्जन से अधिक ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी पाए गए हैं, जिन्होंने फर्जी टीईटी उत्तीर्ण का प्रमाण पत्र लगाकर नियोजित होने का प्रयास किया है। डीपीओ श्री कुमार ने बताया कि सूची की जांच युद्ध स्तर पर जारी है। जांच के बाद ही सूची को अनुमोदन किया जाएगा। जांच कार्य में एक दर्जन कर्मियों को लगाया गया है। शीघ्र ही जांच कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इन फर्जी शिक्षक अभ्यर्थियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि इन लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर विभाग को तंग-तबाह करने का कार्य किया है


News Sabhaar : Jagran (Updated on: Sat, 23 Mar 2013 06:13 PM (IST)) / http://www.jagran.com/bihar/east-champaran-10242303.html
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JTET / Jharkhand TET : Teachers' eligibility test from April 26: Jharkhand Academic Council


JTET / Jharkhand TET   : Teachers' eligibility test from April 26: Jharkhand Academic Council


RANCHI: The Jharkhand Academic Council (JAC) on Saturday announced that the teachers' eligibility test (TET) will be held on April 26 in two shifts.

JAC chairperson Anand Bhushan said, "The admit cards can be downloaded from the JAC website from April 2." The test will be conducted to recruit 18,000 primary and secondary teachers in the state.

The aspirants are happy that the TET will finally be held but they want a domicile policy to be framed to ensure that only the candidates from the state get selected. needed to be made before the examination is conducted.

Manoj Kumar, a candidate said, "The new regulations are not favourable for the residents of Jharkhand. According to the rules, just clearing the TET will not make one eligible to for a teacher's job. The marks obtained by the candidates in matriculation, intermediate and graduation examinations will also be taken into consideration," he added.

If the rule is implemented, it will increase the probability of candidates from other states to get recruited in the TET as the condition of higher education in Jharkhand is not good and students do not score much here, said Kumar. "This is why we have been demanding a domicile policy so that at least candidates from Jharkhand will be given priority in the recruitment process."

Some TET aspirants have threatened that if their demand for framing a domicile policy is not met, they will boycott the examination. Arvind Pandey, an aspirant said, "If our demands are not fulfilled, we will protest against the examination and make sure that it is not held. After all, it (TET) is about the future of people of Jharkhand."

News Source : http://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/Teachers-eligibility-test-from-April-26-Jharkhand-Academic-Council/articleshow/19163320.cms (24.03.2013)

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Public Service Commission, Uttar Pradesh (UP PSC)


Public Service Commission, Uttar Pradesh (UP PSC)
10, Kasturba Gandhi Marg, Allahabad-211018 


Combined State / Upper Subordinate Services Examination - 2013

UPPSC shall hold preliminary examination for the various posts of Combined State / Upper Subordinate Services (Preliminary) Examination-2013 in various centres of UP.

Posts : 200 posts for various subordinate services Officers for Government of Uttar Pradesh.  There is  special vacancy for 13 posts (Dy. Collector-5, Naib Tehsildar-6, Treasury/ Accounts Officer-2) for Physically weaker/ handicapped  candidates.

Age : 21-40 years as on 01/07/2013. Relaxation for reserved categories as per Govt. orders.

Qualification : A Bachelor's Degree or its equivalent and special qualification for some posts.

Application Fee :  Please deposit fee Rs.115/- (Rs. 55/- for SC/ST of UP and Rs.15/- for PWD)  in either Punjab National Bank or in State Bank of India through a payment challan slip.

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UP MODEL SCHOOL RECRUITMENT NEWS - मॉडल स्कूलों में होगी 2600 कर्मियों की भर्ती शासनादेश जारी, 148 पिछड़े ब्लॉकों में संचालित होंगे स्कूल


UP MODEL SCHOOL RECRUITMENT NEWS - मॉडल स्कूलों में होगी 2600 कर्मियों की भर्ती
शासनादेश जारी, 148 पिछड़े ब्लॉकों में संचालित होंगे स्कूल


लखनऊ। सूबे में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर खुले 148 मॉडल स्कूलों में 2600 कर्मियों की भर्ती की कवायद सरकार ने तेज कर दी है। प्रदेश के पिछड़े ब्लॉक में संचालित इन स्कूलों में 148 प्रधानाचार्य, 740 प्रवक्ता, 1036 सहायक अध्यापक, 148 कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भर्ती का शासनादेश जारी कर दिया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तैनाती सेवा प्रदाता के माध्यम से होगी
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक की ओर से पिछले साल अगस्त में पद सृजन को लेकर प्रस्ताव भेजे गए थे। इसमें हर मॉडल स्कूल के लिए 1 प्रिंसिपल, 5 प्रवक्ता, 7 सहायक अध्यापक, 1 कनिष्ठ लिपिक और सेवा प्रदाता के माध्यम हर स्कूल के लिए 4 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव शामिल था। शासन ने भेजे गए सभी प्रस्तावों पर हरी झंडी दे दी है। यह मॉडल हाई स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर सूबे के पिछड़े ब्लॉकों में खोले जा रहे हैं। ये स्कूल ब्लॉक मुख्यालय पर खोले जा रहे हैं। इनमें कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने सूबे के कुल 680 पिछड़े ब्लॉक में यह स्कूल खोलने का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन वित्तीय वर्ष 2011-12 में 148 व वित्तीय वर्ष 2012-13 में 45 स्कूल खोलने की मंजूरी दी। गौरतलब है कि स्कूल खोलने और उनके संचालन में आने वाले खर्च की 75 फीसदी राशि केंद्र सरकार और 25 फीसदी राज्य सरकार वहन कर रही है। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार ने केवल स्कूल भवन बनाने के लिए ही राज्य सरकार को राशि स्वीकृत किया है। सभी स्कूलों में केवल विज्ञान शिक्षकों की भर्ती होगी और विज्ञान की कक्षाएं ही संचालित की जाएंगी


न्यूज़ साभार -   : अमर उजाला (24.3.2013)
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What happens in UP Teachers Recruitment -
Primary Teacher 72825 recruitment starts in 2011 and now stuck in court
After that New Advt. of 72825 Recruitment Starts and that also stuck in court
After that LT Grade Teacher Recruitment Starts and that also stuck in court
After that Anudeshak (Samvida Teacher) Starts and that also stuck in court
No UPTET conducted in 2012 and 2013 is running

Teaching job aspirant candidates are in big trouble in these days.
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UP Aided School Recruitment : बेसिक के सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती रुकी

UP Aided School Recruitment : बेसिक के सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती रुकी


लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में स्पष्ट शासनादेश के बाद भी शिक्षकों की भर्ती रुकी हुई है। जबकि स्कूल प्रबंधन शिक्षकों की भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक से गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एडी बेसिक महेंद्र सिंह राणा का कहते हैं कि बेसिक शिक्षा परिषद से इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद ही बीएसए भर्ती की अनुमति दे सकेंगे।
सूबे में सहायता प्राप्त करीब 4100 जूनियर हाई स्कूल हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी प्रस्ताव बनाकर बीएसए को भेजती है। फिर उनकी अनुमति के बाद विज्ञापन निकाल कर आवेदन मांगे जाते हैं लेकिन सूबे में आरटीई लागू होने के बाद भी शिक्षकों की भर्ती रोक दी गई




News Source : Amar Ujala (24.3.13)
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May be reason is TET Vs. Non TET matter in court and due to this recruitment may face problems.




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Saturday, March 23, 2013

UP News : सुधर जाओ अखिलेश, आडवाणी कभी झूठ नहीं बोलतेः मुलायम

UP News  : सुधर जाओ अखिलेश, आडवाणी कभी झूठ नहीं बोलतेः मुलायम


नई दिल्ली। यूपी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। मुलायम सिंह ने कहा कि उनके पास रिपोर्ट है कि राज्य के मंत्री जनता की सेवा की बजाय अपनी ही सेवा में लगे हैं। मुलायम सिंह ने कहा कि मंत्री अपने निजी फायदे के लिए काम कर रहे हैं।


मुलायम ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए कहा कि आडवाणी जी ने उन्हें निजी तौर पर बताया है कि यूपी में भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है. आडवाणी जी कभी झूठ नहीं बोलते और वो उनकी बात पर भरोसा करते हैं. मुलायम ने अपने भाषण में न सिर्फ आडवाणी बल्कि भाजपा की भी तारीफ की और अपने पुत्र अखिलेश को नसीहत दी कि अपनी छवि खराब न होने दें. मुलायम का गुस्सा और आडवाणी की उनके मुंह से तारीफ सबको हैरान कर रही थी.
पांच माह में सुधरो



मुलायम ने कहा-
‘मंत्री क्या कर रहे हैं मुझे सब पता है। मैं सबको मौका दे रहा हूं। मैं ऊब गया हूं कुछ मंत्रियों के व्यवहार से। वो सोच लें। पूरी रिपोर्ट है। सब निजी काम में लगे हुए हैं। जनता के काम में नहीं।

क्या इसीलिए संघर्ष किया था नौजवानों ने।

 ऐसे मंत्री बने हैं जिन्होंने कोई काम नहीं किया...सीनियरटी नहीं चलेगी। अब काम चलेगा इसलिए सुधार करना पड़ेगा। ये देखते नहीं रहेंगे हम बहुत दिन। चार-पांच महीने और दे रहा हूं। जरूरत पड़ी तो हमें कुछ करना पड़ेगा। लेकिन आज हम अपने को पहले सुधारेंगे। तब समाज में निकलेंगे सुधार के साथ। हम क्यों सभा करने नहीं जा रहे हैं? मैं क्या बोलूं सभा में जाकर? क्या हो रहा है अधिकारियों द्वारा'?
'मुझे एक बड़े नेता ने कहा है कि भ्रष्टाचार आपके यहां बहुत ज्यादा है। सबसे बड़े नेता ने कहा है मुझसे, आडवाणी साहब ने कि बहुत बुरा हाल है यूपी का। भ्रष्टाचार बढ़ गया है। अधिकारी नियंत्रण में नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि सुधारो इसको। मैं चाहता हूं कि यूपी सुधरे। बना रहे आपके कब्जे में हमें कोई आपत्ति नहीं है। अब हमको समीक्षा करनी पड़ेगी कि जब आडवाणी जी जैसा नेता हमसे कहे। आडवाणी जी कभी झूठ नहीं बोलते हैं। हमेशा सच बोलते हैं। मैंने कई बार कहा है'।


More Details About News  : http://www.prabhatkhabar.com/node/277522 , http://khabar.ibnlive.in.com/news/94959/12/4


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EARTH HOUR : अर्थ आवर में आज भारत के 150 शहर लेंगे हिस्सा


Is Tyohaar Ko Kon Kon Manaa Rahaa Hai  -
EARTH HOUR : अर्थ आवर में आज भारत के 150 शहर लेंगे हिस्सा

 दिल्ली: जलवायु में हो रहे बदलाव और उसके असर के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए आज दुनिया भर में अर्थ आवर का आयोजन किया जाएगा।

इसमें भारत के करीब 150 शहर भी हिस्सा ले रहे हैं। अर्थ आवर की शुरुआत 2007 में सिडनी से हुई थी। जहां लोगों से 1 घंटे बिजली बंद रखने की अपील की गई।

पिछले साल भारत में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद के साथ−साथ गुना, इटावा, मंडला जैसे छोटे−छोटे शहर भी इस कैम्पेन में शामिल हुए थे।

आज दुनियाभर के कई ऐतिहासिक स्थलों में रात 8.30−9.30 के बीच लाइट बंद रखी जाएगी। इस दौरान जिन जगहों पर लाइट बंद रहेंगी उनमें इंडिया गेट, ओपेरा हाउस, हावड़ा ब्रिज, टोक्यो टॉवर, बीजिंग का बर्ड्स नेस्ट, बुर्ज खलीफा, एफिल टॉवर सहित बर्किंघम पैलेस भी शामिल हैं
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