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Sunday, September 3, 2017

कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी पैरा टीचरों को रेग्युलर करने पर रोक Himachal Pradesh TET Examination / HPTET News : - http://hptet.blogspot.com



कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी पैरा टीचरों को रेग्युलर करने पर रोक
Himachal Pradesh TET Examination / HPTET News : - http://hptet.blogspot.com/


Bhaskar News Network | Sep 03,2017 2:05 AM IST



प्रदेशके सरकारी स्कूलों में तैनात लेफ्टआउट पैरा टीचरों को रेग्युलर करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। विभाग में कार्यरत अन्य अस्थाई टीचरों के दबाव के बाद विभाग ने यह फैसला लिया है। मामले की फाइल रिव्यू के लिए दोबारा सरकार के पास जा सकती है। यदि ऐसा हुआ तो 122 टीचरों के नियमितिकरण की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ जाएगी।

सरकारने 26 अगस्त को जारी की थी अधिसूचना

दोसप्ताह पूर्व आयोजित कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने 122 लैफ्ट आउट पैरा टीचरों को रेग्युलर करने का निर्णय लिया था। 26 अगस्त को शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। शिक्षा विभाग में ही कार्यरत पैट और पीटीए टीचरों ने भी पैरा की तर्ज पर रेग्युलर करने की मांग सरकार से उठाई। इस पर उन्हें तर्क दिया गया कि अस्थाई टीचरों को नियमित करने का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई नवंबर महीने में होनी है। सरकार ने इसी बीच लैफ्ट आउट पैरा टीचरों को रेग्युलर करने का निर्णय लिया था। बहरहाल अब अस्थाई टीचरों की आपसी खींचतान के चलते पैरा टीचरों की नियमितिकरण की आस पर फिर से पानी फिर गया है।

पीटीए टीचरों की भी रुकी थी प्रक्रिया

अस्थाईटीचरों को अनुबंध पर लाने के मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था। इसके बाद सरकार ने पैरा और पीटीए टीचरों को रेग्युलर करने की प्रक्रिया शुरू की थी। हाईकोर्ट के फैसले को कुछ याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट के स्टेटस-को लगाने के बाद 1368 पीटीए भी अनुबंध पर नहीं पाए थे। इसके बाद सरकार ने सिर्फ पैरा टीचरों को ही रेग्युलर करने का निर्णय लिया था, जिनकी नियमितिकरण की प्रक्रिया बहरहाल फिर से रुक गई है। इसके अलावा सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पीटीए टीचरों का सिर्फ मानदेय बढ़ाकर उन्हें अनुबंध के बराबर सुविधाएं देने का निर्णय लिया है।

सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

22जनवरी को इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने स्टेटस को लगा दिया, जिसके बाद इन्हें रेग्युलर नहीं किया जा सका था। टीचरों ने हाल ही में अपने केस को शिक्षा विभाग के समक्ष रिप्रजेंट किया। सरकार ने इन टीचरों को राहत देते हुए नियमित करने के आदेश दिए हैं। अब दूसरे अस्थाई टीचरों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विभाग ने इस मामले की फाइल एक बार फिर रोक दी है।

दो साल से देख रहे हैं नियमितिकरण की राह

राज्यसरकार ने स्कूलों में कार्यरत 122 पैरा टीचर पिछले दो सालों से नियमितिकरण की राह ताक रहे थे। राज्य सरकार ने वर्ष 2003 को बनाई गई पैरा टीचर पॉलिसी के तहत स्कूलों में 1967 टीचर तैनात किए। इनमें टीजीटी 684, सीएडंवी 695, लेक्चरर 503 और डीपीई 85 शामिल थे। मामले को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया। इसके बाद सरकार ने 1845 टीचरों को 18 दिसंबर 2014 को रेग्युलर कर दिया।

निदेशक से मिले टीचर, जल्द प्रक्रिया शुरू करने की मांग

राजकीयअध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में टीचर इस मामले को लेकर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा से मिले। उन्होंने मांग उठाई कि जल्द ही लेफ्टआउट पैरा टीचरों को रेग्युलर किया जाए। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसमें किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। संघ ने कहा कि यदि विभाग जल्द इसकी प्रक्रिया को शुरू नहीं करता तो मुख्यमंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इन टीचराें को रेग्युलर करके राहत देने की मांग की जाएगी।

राज्य सरकार ने तर्क दिया था कि लॉ डिपार्टमेंट की राय के बाद पैरा टीचरों को रेग्युलर करने का निर्णय लिया गया है। इस मामले को कैबिनेट में रखा गया। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही पैरा को रेग्युलर करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पैट और पीटीए टीचरों ने भी राज्य सरकार से मांग उठाई कि जब पैरा शिक्षक रेग्युलर हो सकते हैं तो सरकार उन्हें भी रेग्युलर करें। मामले को लेकर बढ़ते विवाद के चलते विभाग ने पैरा की नियमितिकरण की फाइल को फिलहाल रोक दिया है। टीचरों की आपसी खींचतान का खामियाजा पैरा को उठाना पड़ा है।

{अन्य अस्थाई टीचरों के दबाव टीचरों की आपसी लड़ाई से उलझा मामला




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