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Tuesday, October 11, 2011

Recruitment of TGT/PRT Teacher in UP (Selection Criteria)

टीईटी की मेरिट होगी शिक्षक चयन का आधार
(TET- Teacher Eligibility Test - going to be basis of Teacher's Selection in Uttar Pradesh)
 
New rules for selection of TGT Teacher in UP -
लखनऊ प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने एक तीर से दो निशाने साधने की योजना बनायी है
a) इस रणनीति के तहत विभाग प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य की गई अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का दोहरा इस्तेमाल करने जा रहा है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी को स्क्रीनिंग टेस्ट के तौर पर आजमाने के साथ ही टीईटी की मेरिट को ही शिक्षकों के चयन का आधार बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने अध्यापक सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन का जो प्रस्ताव शासन को भेजा है, उसमें यह मंशा जतायी गई है। अब तक यह कहा जा रहा था कि टीईटी सिर्फ स्क्रीनिंग टेस्ट होगा जिसमें उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों का जिला स्तर पर निर्धारित मेरिट के आधार पर चयन होगा। शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में 27 सितंबर को जारी शासनादेश के मुताबिक शिक्षकों के चयन की मेरिट सूची तैयार करने के लिए अभ्यर्थियों के हाइस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अंक प्रतिशत के क्रमश: 10, 20 व 40 प्रतिशत अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सैद्धांतिक व प्रयोगात्मक प्रशिक्षण में प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी के लिए क्रमश: 12, 6 व 3 अंक दिये जाएंगे।
अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन के लिए शासन को भेजे गए प्रस्ताव में टीईटी को शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य करने के साथ ही इस परीक्षा के प्राप्तांक को ही शिक्षकों के चयन का आधार बनाने की मंशा जतायी गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि दो अभ्यर्थियों के टीईटी के प्राप्तांक समान हो तो फिर उनके गुणांक का निर्धारण उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा। यदि फिर भी दोनों के गुणांक बराबर रहते हैं तो जिस अभ्यर्थी की आयु ज्यादा होगी, उसे चयन में वरीयता दी जाएगी। विज्ञान शिक्षकों की कमी से जूझ रहे उच्च प्राथमिक स्कूलों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए भी नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्तावित है। नियमावली के अनुसार अभी तक उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के सभी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं। इस व्यवस्था को बदलकर उच्च प्राथमिक स्कूलों में अब विज्ञान शिक्षकों के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से और शेष 50 फीसदी पद पदोन्नति से भरने का प्रावधान किया जाएगा। नियमावली में शिक्षकों की नियुक्ति की न्यूनतम आयु को 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने की भी मंशा जतायी गई है। यह संशोधन इसलिए प्रस्तावित है क्योंकि नियमावली के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक व बीटीसी है। किसी अभ्यर्थी के लिए 18 वर्ष की आयु में यह शैक्षिक योग्यता हासिल कर पाना व्यावहारिक तौर पर संभव नहीं है। न्यूनतम आयु सीमा को बढ़ाकर 21 वर्ष कर देने से नियमावली में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम व अधिकतम आयु सीमा 21 से 35 वर्ष हो जाएगी जो कि राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए तय आयु सीमा के समान होगी और तर्कसंगत भी। प्रस्तावित संशोधन के जरिये कभी महिलाओं के लिए आरक्षित अपर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जैसे पद जो वर्षो पहले समाप्त किये जा चुके हैं, को भी नियमावली से हटाने की मंशा है।
 
See news link : http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=35&edition=2011-10-11&pageno=12#
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Earlier We had seen recruitment for LT Grade Female teacher in GGIC UP on the basis of 10th, 12th, Graduation marks, Division in PG , B Ed
But now it can be change to TET Test marks
 
 
 
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Saturday, October 8, 2011

Shortage of LT Grade Mahila Teachers in GGIC

एक तरफ एलटी ग्रेड के टीचरों की  भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकले महीनों गुजर गए , दूसरी तरफ छात्रों को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है |
( Shortage of LT Grade Mahila Teachers in GGIC)

लीजिये आप भी देख लीजिए क्या है न्यूज़ -

राजकीय बालिका इंटर कालेज में 11 एलटी ग्रेड और 3 प्रवक्ता के पद रिक्त चल रहे हैं। संगीत और उर्दू की कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। जीव विज्ञान की प्रवक्ता नहीं हैं।


इटावा, कार्यालय प्रतिनिधि : माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सीबीएसई की तर्ज पर हाईस्कूल में सीसीई (सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली) की लागू कर दी है। यह प्रणाली परीक्षार्थियों के लिए ग्रेड आधारित परीक्षाफल में अहम भूमिका निभाने जा रही है। इसमें शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के क्रियाकलाप पर निगरानी रखते हुए मूल्यांकन किया जा रहा है। बोर्ड शैक्षिक पंचांग के प्रति भी काफी सचेत और सख्त है। लेकिन राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते शैक्षिक पंचांग चुनौती बना हुआ है।
जनपद मुख्यालय स्थित दो राजकीय इंटर कालेजों की स्थिति पर गौर किया जाये तो दोनों में शिक्षकों की कमी वर्षो से चली आ रही है। ऐसे में संबंधित विषयों का पाठ्यक्रम निर्धारित समय में पूरा कराना चुनौती है। राजकीय इंटर कालेज में प्रधानाचार्य सहित 48 शिक्षकों के स्टाफ में वर्तमान सत्र में 34 शिक्षक हैं और 14 की वर्षो से कमी चली आ रही है। शिक्षकों के 14 रिक्त पदों में संस्कृत, नागरिक शास्त्र, केमिस्ट्री और शिक्षाशास्त्र विषय के प्रवक्ता और 10 एलटी ग्रेड के हैं।
ऐसी स्थिति में शैक्षिक पंचांग के मद्देनजर विद्यालय प्रशासन द्वारा पीटीए के मद से संविदा के तौर पर विज्ञान और हिंदी-संस्कृत के एक-एक शिक्षक तथा राजकीय विद्यालय धरवार से एक केमिस्ट्री शिक्षक की व्यवस्था की गयी है। हिंदी विषय के एक सेवानिवृत्त शिक्षक नि:स्वार्थ सेवा दे रहे हैं।
राजकीय बालिका इंटर कालेज में 11 एलटी ग्रेड और 3 प्रवक्ता के पद रिक्त चल रहे हैं। संगीत और उर्दू की कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। जीव विज्ञान की प्रवक्ता नहीं हैं। ऐसे में जिन-जिन विषयों के शिक्षक नहीं हैं उन विषयों का पाठ्यक्रम निर्धारित समय पर कराना चुनौती बना हुआ है।
गत शिक्षा सत्र में लागू रहे मासिक टेस्ट के स्थान पर चालू शिक्षा सत्र में द्विमासिक टेस्ट अगस्त, अक्टूबर और दिसंबर में कक्षा 9 व 10 में लागू किया किया गया है। इसके साथ ही 3 प्रोजेक्ट तैयार करने होंगे। राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य रुखसाना परवीन ने बताया कि टेस्ट और प्रोजेक्ट के नतीजे की रिपोर्ट बोर्ड से प्राप्त होने वाली अंक सूची में दर्ज कर भेजी जायेगी। 10 वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को दिसंबर में होने वाली अ‌र्द्ध वार्षिक परीक्षा नहीं देनी होगी।
राजकीय इंटर कालेज में जुलाई में विद्यार्थियों की नोट बुक के प्रथम पृष्ठ पर हर विषय के कोर्स का वार्षिक खाका तैयार करा दिया गया था। इस आधार पर सितंबर के अंत तक 25-30 फीसदी कोर्स कराया जा चुका था। सीसीई के अंतर्गत कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों की प्रथम मासिक परीक्षा में वाचन शैली, वाद-विवाद प्रतियोगिता, विचारों की अभिव्यक्ति, भाषण शब्द ज्ञान एवं उसका प्रयोग का आंकलन किया गया। द्वितीय मासिक परीक्षा में व्याकरण संबंधी ज्ञान, तृतीय मासिक परीक्षा में सृजनात्मक लेखन शैली यथा कहानी, जीवन परिचय, नाटक, पत्र लेखन, अपठित आधारित प्रश्न मौखिक क्षमता देखी जायेगी। तीन प्रोजेक्ट के 5-5 अंक निर्धारित हैं। इसी प्रकार सीसीई अंतर्गत अन्य विषयों के अंकों का निर्धारण किया गया है।
News Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8316139.html
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यूपी में नियमित शिक्षक होंगे स्नातक शिक्षामित्र

प्रदेश के सवा लाख स्नातक शिक्षा मित्रों को यह राहत देने वाली खबर - यूपी में नियमित शिक्षक होंगे स्नातक शिक्षामित्र!
(1.25 lakh Shiksha Mitra can be regularize)

प्रदेश के सवा लाख स्नातक शिक्षा मित्रों को यह राहत देने वाली खबर है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम की कसौटी पर उन्हें खरा साबित करने के लिए राज्य सरकार न सिर्फ उनके प्रशिक्षण बल्कि उनके नियमितीकरण का मार्ग भी प्रशस्त करने की सोच रही है। इसके लिए अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन व बीटीसी प्रशिक्षण में स्नातक शिक्षामित्रों के आरक्षण को मौजूदा दस प्रतिशत से बढ़ाकर 50 फीसदी करने पर विचार मंथन चल रहा है
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में वर्तमान में 1.80 लाख शिक्षामित्र हैं जिनमें से तकरीबन 1.25 लाख स्नातक हैं। इन्हें प्रतिमाह 3,500 रुपये मानदेय मिलता है। राज्य के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शैक्षिक अर्हता स्नातक व बीटीसी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक व उच्च प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए सिर्फ प्रशिक्षित शिक्षकों को ही रखने का प्रावधान है। चूंकि शिक्षामित्र यह अर्हता पूरी नहीं करते, इसलिए अधिनियम के तहत वह परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने के लिए पात्र नहीं हैं। उधर शिक्षा मित्र यह मांग करते रहे हैं कि उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिलाकर प्राथमिक स्कूलों में नियमित शिक्षक के तौर पर नियुक्त किया जाए।
प्रदेश के स्नातक शिक्षामित्रों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय या राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन एजुकेशन का प्रशिक्षण दिलाने की राज्य सरकार की मांग को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ठुकरा चुकी है। लिहाजा शासन अब स्नातक शिक्षामित्रों को बीटीसी की ट्रेनिंग दिलाकर उनके नियमितीकरण की दिशा में विचार कर रहा है। मौजूदा व्यवस्था के तहत राज्य में बीटीसी की दस प्रतिशत सीटें उन शिक्षा मित्रों के लिए आरक्षित हैं जो इस कोर्स के लिए शैक्षिक अर्हता को पूरा करने के साथ कम से कम पिछले तीन शैक्षिक सत्रों में नियमित रूप से शिक्षा मित्र के रूप में काम करते रहें हों।
बीटीसी के शासनादेश को संशोधित करते हुए शिक्षामित्रों के लिए बीटीसी सीटों के आरक्षण को 10 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने पर भी विचार विमर्श हो रहा है। अभी अध्यापक सेवा नियमावली में शिक्षा मित्रों को परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक के तौर पर नियुक्त करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। लिहाजा बेसिक शिक्षा विभाग नियमावली में संशोधन करने पर विचार कर रहा है ताकि परिषदीय विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षामित्रों को शिक्षक नियुक्त करने का रास्ता खुले। इस संदर्भ में झारखंड की अध्यापक सेवा नियमावली का अध्ययन हो रहा है। बेसिक शिक्षा सचिव अनिल संत के मुताबिक राज्य सरकार शिक्षा मित्रों को अनिश्चितता के माहौल में नहीं रखना चाहती और वह उनके हितों का पूरा ख्याल रखेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रो को प्रशिक्षण दिलाने के लिए यदि जरूरी हुआ तो राज्य में बीटीसी पाठ्यक्रम दो पालियों में संचालित किया जा सकता है
News Source / Visit Link : - यूपी में नियमित शिक्षक होंगे स्नातक शिक्षामित्र!
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UPTET : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) -लापरवाही के कारण बार-बार करने पड़ रहे संशोधन

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) -लापरवाही के कारण बार-बार करने पड़ रहे संशोधन
(UPTET : Again and again amendments is the Name of UP-TET 2011 Exam.)

लखनऊ : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापकों की भर्ती के लिए अनिवार्य की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) ने शासन की लचर कार्यशैली की कलई खोलकर रख दी है। प्रदेश में पहली बार आयोजित होने वाली इस परीक्षा को लेकर शासन की गफलत का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि टीईटी के सिलसिले में एक महीने के अंदर चार शासनादेश जारी हो चुके हैं। टीईटी के लिए आवश्यक अर्हता के सिलसिले में शासन द्वारा लगातार किये जा रहे संशोधनों का सिलसिला अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा।
प्रदेश में टीईटी के आयोजन के सिलसिले में पहला शासनादेश सात सितंबर को जारी हुआ था। इस शासनादेश के मुताबिक टीईटी में वे अभ्यर्थी शामिल हो सकते थे जिन्होंने न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ बीए/बीएससी/बीकॉम करने के साथ बीएड भी किया हो। शासनादेश में दी गई यह शैक्षिक योग्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी की गई अधिसूचना और बाद में उसमें संशोधन के लिए चार मई 2011 को जारी किये गए परिपत्र पर आधारित थी। यह स्थिति तब थी जब एनसीटीई इससे पहले बीती 10 जून और 29 जुलाई को टीईटी और शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यताओं में बदलाव कर चुका था। जब शासन को एनसीटीई की 29 जुलाई की संशोधित अधिसूचना का हवाला दिया गया तो अपनी गलती को सुधारने के लिए उसने 17 सितंबर को पहला संशोधित शासनादेश जारी किया। संशोधित शासनादेश के जरिये समय-समय पर जारी एनसीटीई विनियमों के अनुसार न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों से स्नातक के साथ बीएड उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को भी टीईटी में शामिल होने का मौका दिया गया।
टीईटी के लिए तय की गईं शैक्षिक योग्यताओं को लेकर दूसरा संशोधित शासनादेश 19 सितंबर को जारी हुआ। दूसरे संशोधित शासनादेश के जरिये वर्ष 1997 से पहले के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों या अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इन टीचिंग उपाधिधारकों को भी टीईटी में शामिल होने की छूट दे दी गई। जबकि शासन ने 1997 के पहले के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों की परिषदीय स्कूलों में उर्दू शिक्षक के पद पर नियुक्त करने के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुज्ञा याचिका को वापस लेने का फैसला 29 जून को ही कर लिया था। 21 सितंबर को टीईटी के आयोजन के सिलसिले में एक और शासनादेश जारी हुआ जिसमें परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम तय कर दिया गया।
इस सबके बाद भी टीईटी को लेकर शासन स्तर पर एक और संशोधन पर विचार हो रहा है। प्रस्तावित संशोधन के जरिये इस साल बीएड की परीक्षा में बैठने वालों को भी टीईटी में शामिल होने का मौका देने की मंशा है। इस संशोधन की जरूरत भी शासन की लापरवाही के कारण पड़ रही है। एनसीटीई ने 11 फरवरी को टीईटी के लिए राज्यों को जो दिशानिर्देश जारी किये थे, उसमें स्पष्ट कहा गया था कि यदि कोई अभ्यर्थी 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में उल्लिखित शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहा हो तो वह भी टीईटी में बैठ सकता है। शासन ने एनसीटीई के इस दिशानिर्देश की भी अनदेखी की।
News Source  : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8313654.html
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टीइटी परीक्षा : इग्नू बीएड डिग्रीधारक कहां जाएं ?

टीइटी परीक्षा : इग्नू बीएड डिग्रीधारक कहां जाएं ? - What to do Ignou B Ed degree holder for UP TET EXAM 2011

Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test 2011

सहारनपुर : टीइटी की गाइडलाइन में इग्नू के बीएड के बारे में शासन की चुप्पी ने डिग्रीधारकों को परेशान कर रखा है। इग्नू के बीएड को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की मान्यता है। परीक्षा आवेदन की गाइडलाइन में केवल एक वर्षीय बीएड डिग्री को ही मान्य किया गया है।
कई झंझावतों से होकर गुजरी टीइटी परीक्षा का जिम्मा प्रदेश शासन द्वारा माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद को दिया गया है। परिषद ने आनन-फानन में परीक्षा के फार्म निकाल दिए हैं। परीक्षा के लिए स्नातक के साथ दो वर्षीय बीटीसी/सीटी/एनटीटी/एक वर्षीय बीएड,/डीएड(विशेष शिक्षा)/11 अगस्त 1997 से पूर्व के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक(उर्दू शिक्षक हेतु) को ही आवेदन के लिए अर्ह माना गया है। हैरत यह है कि इग्नू व राजर्षि मुक्त विवि से दो वर्षीय बीएड करने वाले अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने के बारे में कुछ साफ नहीं है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद(एनसीटीइ) द्वारा टीइटी परीक्षा का जो खाका तैयार किया गया था उसमें प्रत्येक राज्य को न्यूनतम अर्हता निर्धारित करने में छूट का अधिकार है। प्रदेश में विशिष्ट बीटीसी प्रक्रिया में इग्नू के बीएड मान्य करार दिया गया था। टीईटी में इग्नू व राजर्षि विवि के बीएड डिग्रीधारकों को बाहर रखना माध्यमिक शिक्षा परिषद के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है। समाचार-पत्रों में प्रकाशित विज्ञप्ति में आयु सीमा के बारे में कोई निर्देश नही है। माना जा रहा है कि परीक्षा के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नही की गई।
'टिपिकल चीजें नहीं मालूम'
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की सचिव प्रभा त्रिपाठी से जब इग्नू व राजर्षि टंडन विवि के बीएड डिग्रीधरकों को टीईटी में शामिल न करने के बारे में पूछा गया तो वह बोलीं 'मैं केवल एग्जाम करा रही हूं'। ये टिपिकल चीजें मुझे नहीं मालूम। इसके बारे में एससीइआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण) से जानकारी करें।

News Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8273991.html
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UPTET L टीईटी - नौकरी की नहीं है गारंटी

टीईटी : नौकरी की नहीं है गारंटी
 (UP TET 2011 - Not Service Gurantee)

गोरखपुर। टीईटी के लिए आवेदन करने वाले सामान्य, पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को हर हाल में 60 प्रतिशत अंक लाना होगा। इससे कम नंबर आने पर शिक्षक की पात्रता नहीं मिल पाएगी। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति/जन जाति /विकलांग अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत नंबर मिलने पर ही पात्रता का प्रमाण मिल जाएगा। परीक्षा पास करने वाले लोगों की पात्रता पांच साल के लिए ही मान्य होगी।
यूपीटीईटी में सफल होेने के लिए सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 90 नंबर पाना अनिवार्य होगा। इससे दूसरी तरफ अनुसूचित जाति, जन जाति एवं विकलांग अभ्यर्थियों को 82.5 नंबर हासिल करना होगा। टीईटी उत्तीर्ण होने के बाद अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए दावा नहीं कर सकता। यह केवल नियुक्त के लिए मांगी गई अर्हताओं में एक मात्र अर्हता होगी। शिक्षकों की नियुक्ति राज्य सरकार अध्यापक सेवा नियमावली के अनुसार करेगी। परीक्षा पास होने वाले प्रमाण पत्र की वैद्यता पांच साल तक होगी। प्रमाण पत्र पर अभ्यर्थी का फोटो स्कैन होगा। आवेदन करने वाले अधिकांश लोग शिक्षक बनने की पूरी उम्मीद पाले बैठे हैं, लेकिन शासनादेश में इस बारे में स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया है कि पात्रता गारंटी नहंी है।

Source : http://compact.amarujala.com/city/4-1-13699.html
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अगर आप गणित और अंग्रेजी में प्रवीण हैं तो हो सकता है आपका युपी टीईटी में बेडा पार

अगर आप गणित और अंग्रेजी में प्रवीण हैं तो हो सकता  है आपका युपी टीईटी में बेडा पार
(If you are good in english and maths then you can clear UP-TET Exam)
 
बच्चे को कैसे आप प्रारंभिक स्तर से ही कैसे पढ़ाई, खेल, विज्ञान गतिविधियों से जोड़ा जाए, कैसे उन्हें शुरू से ही रचनात्मक बनाया जाए,  जो  यह सबसे अच्छे तरीके से समझा , उसे टीईटी में सफल होने भर के अंक यानी 60 फीसदी जरूर मिल जाएंगे।
टीईटी  परीक्षा में निगेटिव मार्किंग न होने के चलते संदेश साफ है कि- हर सवाल हल करिए, बस थोड़ा ध्यान से, तो आप जरूर अच्छे अंक प्राप्त कर सकने के पात्र हो सकेंगे |
 
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने टीईटी का पाठक्रम जारी कर दिया है। कोर्स में बच्चों के दिमागी विकास, पर्यावरण अध्ययन, सामान्य अध्ययन और तर्क शक्ति पर खास जोर दिया गया है। सबसे ज्यादा नंबरों के सवाल होंगे चाइल्ड डेवलपमेंट सेक्शन से।
यूपीटीईटी का पाठक्रम केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा से काफी अलग है। कोर्स में बीएड, बीटीसी के पाठक्रम का भी ध्यान रखा गया है। बीएड, बीटीसी प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के मनोविज्ञान पर जो टॉपिक पढ़ाए गए, टीईटी में उसका लाभ दिखेगा।
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बीटीसी डिग्रीधारकों का लखनऊ में प्रदर्शन

बीटीसी डिग्रीधारकों का लखनऊ में प्रदर्शन
 
लखनऊ : बीटीसी बैच 2004 के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर शुक्रवार को झूलेलाल पार्क में धरना दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2004 बैच के करीब 80 फीसद लोगों की नियुक्ति हो गई और शेष के बारे में शासन कोई निर्णय नहीं ले रहा है। बचे हुए अभ्यर्थी अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) दिए बिना शिक्षक बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण बीटीसी 2004 बैच के अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 2009 से शुरू हो सका था। इस सत्र का प्रशिक्षण दो बैच में हुआ था। पहले बैच के अभ्यर्थियों को तो प्रशिक्षण के बाद जुलाई, 2011 में नियुक्ति दे दी गई लेकिन द्वितीय बैच के प्रशिक्षुओं की नियुक्ति का कोई आदेश नहीं आया।
 
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Graduate candidates can apply for BTC Exam

बीटीसी के लिए अब सभी स्नातक कर सकेंगे आवेदन
(Graduate candidates can apply for BTC Exam)
 
लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बीटीसी में चयन के लिए अब बीए, बीएससी व बीकॉम के अलावा स्नातक स्तर पर मान्यताप्राप्त अन्य पाठ्यक्रम न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करने वाले भी आवेदन कर सकेंगे। शासन ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया है। चूंकि बीटीसी चयन प्रक्रिया 2011 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बीत चुकी है, इसलिए अब अंतिम तिथि को भी बढ़ाया जाएगा ताकि नये अभ्यर्थी भी इसमें शामिल हो सकें। बीटीसी चयन प्रक्रिया के सिलसिले में पहली सितंबर को शासनादेश जारी किया गया था। शासनादेश में कहा गया था कि बीटीसी चयन के लिए ऐसे अभ्यर्थी आवेदन करने के लिए पात्र होंगे जिन्होंने आवेदन पत्र भरने से पहले विधि द्वारा स्थापित एवं यूजीसी से मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से बीए/बीएससी/बीकॉम परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। बीटीसी के लिए यह शैक्षिक योग्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 10 जून 2011 को जारी अधिसूचना पर आधारित थी। बाद में एनसीटीई ने 29 जुलाई 2011 को संशोधित अधिसूचना जारी कर दी। संशोधित अधिसूचना में प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता में स्नातक तथा प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमा को भी शामिल कर लिया गया। इसी आधार पर बीटीसी चयन प्रक्रिया के लिए विगत एक सितंबर को जारी शासनादेश में संशोधन किया गया है। संशोधित शासनादेश के मुताबिक बीटीसी चयन प्रक्रिया में वे सभी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने विधि द्वारा स्थापित एवं यूजीसी से मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय/महाविद्यालय से स्नातक परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। बीटीसी चयन प्रक्रिया 2011 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 सितंबर तय की गई थी जो बीत चुकी है।
News Published in Jagran epaper dated 08 October 2011


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विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं ने शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की मांग - शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्ति को संघर्ष का बिगुल

विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं ने शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की मांग - शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्ति को संघर्ष का बिगुल - Vishist BTC teacher wants to free from UP TET EXAM 2011

सहारनपुर, जासं : विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं ने शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की मांग को लेकर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। प्रशिक्षुओं ने डायट प्राचार्य से मिलकर उन्हें समस्या की जानकारी दी। बाद में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को इस बारे में ज्ञापन भेजा गया।
इन दिनों जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षणरत विशिष्ट बीटीसी-2007 के कशमकश से गुजर रहे हैं। टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर प्रशिक्षुओं ने संघर्ष का निर्णय लिया है। प्राचार्य संजय उपाध्याय से मिलने वाले प्रशिक्षुओं का कहना था कि उन्होंने वर्ष 2007 में विशिष्ट बीटीसी के लिए आवेदन किया था उनकी बीएड की डिग्री एनसीटीई के गठन से पूर्व की होने के कारण आवेदन पत्र निरस्त कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही उन्हें गत मई-जून में प्रवेश मिल सके थे। देरी से प्रवेश मिलने के कारण पहले ही उनके तीन-चार वर्ष बर्बाद हो चुके हैं। शासन द्वारा अब विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को टीईटी पास करने की अनिवार्यता के कारण उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। बाद में प्रशिक्षुओं ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेजे ज्ञापन में कहा कि उन्हें टीईटी से मुक्त रखा जाए। यदि शासन ने अपने निर्णय रद्द नहीं किया तो वे न्यायालय में जाने को मजबूर होंगे। मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री व निदेशक एससीईआरटी को भी ज्ञापन की प्रतियां भेजी गई।
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में संगीता रानी, सीमा, अर्चना, निधि गुप्ता, संतोष दुबे, रूपा जैन, प्रमिला पंवार, राजेश्वरी देवी, हेमा नंदिनी शर्मा, यशवीर सिंह पंवार, सर्वेश कुमार, राजपाल, गुलाब सिंह, बृजपाल सिंह, महेन्द्रपाल, धुरेन्द्र देव, आदेश पंवार, रामआसरे, ओमपाल सिंह, तरुण कुमार, नरेन्द्र कुमार, रविन्द्र पुनिया आदि शामिल थे।
Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8322879.html
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बीटीसी प्रशिक्षुओं को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त करें

रामपुर। टीईटी (अध्यापक पात्रता परीक्षा) को लेकर बीटीसी 2004 के प्रशिक्षुओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उनके लिए इस अनिवार्यता को समाप्त किए जाने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया।
बीटीसी 2004 के प्रशिक्षु शुक्रवार को दोपहर बाद कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि टीईटी से संबंधित 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना जारी हुई थी। जबकि, उन्होंने अपना प्रशिक्षण 15 जून 2009 से प्रारंभ किया था। यह प्रशिक्षण प्राप्त करके उन्हें भविष्य में नियुक्त किया जाता। बीटीसी प्रशिक्षण उपाधि के साथ नियुक्ति के लिए आवश्यक अर्हता भी है। वर्तमान में बीटीसी 2004 के 61 प्रशिक्षुओं ने द्विवार्षिक नियमित बीटीसी प्रशिक्षण समाप्त कर लिया है, जिसका परिणाम भी घोषित हो गया है। पूर्व में बीटीसी 2004 के 37 अभ्यर्थी जुलाई 2011 में नियुक्ति प्राप्त कर चुके हैं। पांच अक्टूबर 2011 के समाचार पत्रों के अनुसार टीईटी की अनिवार्यता के संबंध में जानकारी हुई।
उन्होंने बताया कि सचिव उत्तराखंड प्रशासन द्वारा बीटीसी 2005 के प्रशिक्षुओं के लिए टीईटी की परीक्षा अनिवार्यता समाप्त कर दी है। ऐसे में बीटीसी 2004 के प्रशिक्षुओं को भी इस परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए और जल्द ही उनकी नियुक्ति करें।
कुछ देर प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीएम को ज्ञापन भी भेजा। प्रदर्शन करने वालों में प्रफुल्ल कुमार वाजपेयी, अतुल कुमार, राजीव कुमार, अजय कुमार सक्सेना, मोहित नवीन सक्सेना, मनोज कुमार, सौरभ कुमार, भूपेंद्र सिंह राणा, अखिलेश मोहन, सुरेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8322798.html
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टीईटी में संस्कृत को शामिल करने में संवैधानिक अड़चन

टीईटी में संस्कृत को शामिल करने में संवैधानिक अड़चन ( Constitutional problem to add Sanskrit subject in UP TET 2011 EXAM)


सेवायोजन में पंजीकरण की बाध्यता खत्म
शिक्षण प्रशिक्षण की डिग्री नहीं तो अंक पत्र से चलेगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में संस्कृत विषय को शामिल करने में संवैधानिक अड़चन है। इसे शासन ही दूर क र सकता है। यह कहना है माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव प्रभा त्रिपाठी का। इधर संस्कृत के अभ्यर्थी इस विषय को टीईटी में शमिल करने को लेकर रोजाना हंगामा कर रहे हैं। दो दिन पहले संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने शांति मार्च निकाला था तो शनिवार को बीएड छात्रों ने भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस बीच टीईटी अभ्यर्थियों को सेवायोजन में पंजीकरण संबंधी आ रही अड़चन के बाबत यूपी बोर्ड की सचिव से फ ोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि सेवायोजन में पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही जिस अभ्यर्थी के पास शिक्षण प्रशिक्षण की डिग्री नहीं होगी वे अंक पत्र को ही फार्म के साथ संलग्न कर सकते हैं। ऐसा अभ्यर्थियों के हित में किया गया है। संस्कृ त छात्रों के संकट पर उन्होंने साफ कहा कि इसमें विभाग स्तर से कुछ भी संभव नहीं है। इसका निर्णय शासन ही कर सकता है। ऐसे में अभी अध्यापक पात्रता परीक्षा में संस्कृत विषय वालों के शामिल होने पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि यह प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है इसी लिहाज से इस मुद्दे पर कोई फैसला नहंीं हो पा रहा है। उधर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सूर्यभान का कहना है कि टीईटी में किसी विषय का कोई उल्लेख नहीं है, बस स्नातक और बीएड होना चाहिए। इस पात्रता को हासिल करने वाला कोई भी अभ्यर्थी फार्म भर सकता है चाहे जिस विषय से संबंधित हो।

Source : http://www.amarujala.com/city/Varanasi/Varanasi-40590-140.html
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टीईटी के लिए उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत के बराबर रखें

उत्तर प्रदेशीय अनुसूचित जाति जनजाति बेसिक शिक्षक एसोसिएशन की बैठक -  टीईटी के लिए उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत के बराबर रखें

( UP SC/ST BASIC SHIKSHAK TEACHER ASSOCIATION - MINIMUM PASSING MARKS IS TO BE 33%)

मैनपुरी। उत्तर प्रदेशीय अनुसूचित जाति जनजाति बेसिक शिक्षक एसोसिएशन की बैठक लोहिया पार्क में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति के बीएड बेरोजगारों को टीईटी की परीक्षा में उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत के बराबर रखा जाए। इस संबंध में एक मांग पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष मुन्नालाल भारती ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति के छात्र शैक्षिक, आर्थिक, व्यवहारिक एवं सामाजिक तौर पर सामान्य और पिछड़ी जातियों से काफी पीछे हैं। अध्यापक पात्रता परीक्षा में इनका उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत के बराबर रखा जाए। अनुसूचित जाति जनजाति के छात्र अधिकांश संख्या में उच्च प्राथमिक कक्षाओं के बाद अंग्रेजी विषय का अध्ययन नहीं करते हैं। उसके विकल्प के तौर पर सरल विषय संस्कृत का अध्ययन करते हैं। जबकि टीईटी में अंग्रेजी और उर्दू में से एक विषय अनिवार्य है। विकल्प के रूप में संस्कृत को भी मान्यता दी जाए। उपाध्यक्ष डा. रमेश चंद्र ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति की महिला शिक्षिकाओं की रिक्तियां हर बार रिक्त ही रह जाती हैं अत: समाज की समस्त महिला बीएड अभ्यर्थियों को टीईटी परीक्षा में अर्ह घोषित किया जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों पर भी चर्चा की गईं। मांगों के बाद चार सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित डीएम को सौंपा गया। इस मौके पर महेंद्र सिंह भारती, कमलेश गिहार, कुसुम, ममता शंखवार, हरिकृष्ण मौर्य, संजीव वाल्मीकि, रामचंद्र, विनोद मधुकर, प्रदीप कुमार चक आदि थे।

टीईटी के लिए उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत के बराबर रखें
see news - http://www.amarujala.com/city/Mainpuri/Mainpuri-26688-1.html
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बीएड परीक्षा देने वाले भी दे सकेंगे टीईटी!

बीएड परीक्षा देने वाले भी दे सकेंगे टीईटी!  ( Candidates appearing in B Ed exam are now eligible for UP TET 2011 examination)
However some sources suggest - टीईटी में शामिल होने का मौका देने के बारे में शासन स्तर पर सहमति बन गई है, औपचारिक फैसला होना अभी बाकी है।

बुलंदशहर। बीएड छात्रों को टीईटी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति के बाद आवेदन फार्म की बिक्री दोगुनी हो गई है। इसके अलावा दो दिन बाद बैंक खुलने पर शुक्रवार को पीएनबी के बाहर टीईटी आवेदकों की जबरदस्त भीड़ जुटी। इसके चलते जिला अस्पताल रोड पर राहगीरों को दिन भर जाम की स्थिति से जूझना पड़ा।
शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक में टीईटी आवेदकों का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश सरकार ने बीएड के नियमित छात्रों को कुछ दिन पहले शर्तो के साथ टीईटी में आवेदन की छूट दी है। ऐसे में काफी संख्या में आवेदक फार्म खरीदने के लिए बैंक पहुंचे। जिसके चलते जिला अस्पताल रोड पर जबरदस्त भीड़ बनी रही। सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक फार्म खरीदने के लिए अभ्यर्थियों को लंबी लाइन में लगना पड़ा। शिक्षक पात्रता परीक्षा में अब तक करीब 10500 आवेदन फार्म बिक चुके हैं। आवेदन फार्मो की बिक्री लगातार बढ़ रही है। सुनील कुमार, प्रवेश कुमार, आलोक सिंह, रविंद्र सिंह आदि ने बताया कि बीएड छात्रों को टीईटी में शामिल करके सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है, जिससे हजारों आवेदकों को शामिल होने का मौका मिला है।
Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8323200.html
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प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षकों की भर्ती के लिए अनिवार्य की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में इस साल बीएड की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी भी बैठ सकेंगे। बीएड की परीक्षा में बैठने वालों को टीईटी में शामिल होने का मौका देने के बारे में शासन स्तर पर सहमति बन गई है हालांकि, इस बारे में औपचारिक फैसला होना अभी बाकी है। इस संबंध में शासन ने बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा है। राज्य में 13 नवंबर को आयोजित हो रहे टीईटी के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता के बारे में 27 सितंबर को संशोधित शासनादेश जारी हुआ था। संशोधित शासनादेश के अनुसार टीईटी में वह अभ्यर्थी शामिल होगा जिसने न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और बीएड अर्हता हासिल की हो या जिसने समय-समय पर जारी किए गए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (मान्यता, मानदंड और क्रियाविधि) के अनुसार न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और बीएड उत्तीर्ण किया हो। शासनादेश में सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियों को टीईटी में शामिल होने के योग्य माना गया है जिन्होंने परीक्षा के लिए आवेदन करते समय बीएड उत्तीर्ण कर लिया हो। राज्य विश्वविद्यालयों की सत्र 2010-11 की बीएड परीक्षाएं लेटलतीफी का शिकार हैं। कुछ विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं चल रही हैं जबकि कुछ के परीक्षा परिणाम आने बाकी हैं। लेटलतीफी के कारण प्रदेश में तकरीबन एक लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं जो इस साल बीएड की परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन जिनके परीक्षाफल अभी घोषित नहीं हुए हैं या फिर वे जो बीएड की परीक्षा दे रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थी टीईटी में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं।

News source : http://www.dailycampusnews.com/hindi/campus_news_single_details.php?id=1233
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See another news on same topic -

यूपी टीईटी में बीएड अध्ययनरत छात्रों को शामिल होने का मौका न दिए जाने के विरोध में -

 अपर सचिव प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, बताई परेशानी
इलाहाबाद। यूपी टीईटी में बीएड अध्ययनरत छात्रों को शामिल होने का मौका न दिए जाने के विरोध में सोमवार को प्रतियोगी छात्र मोर्चा के सदस्यों ने उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में प्रदर्शन किया। सचिव प्रभा त्रिपाठी की अनुपस्थिति में अभ्यर्थियों ने ज्ञापन अपर सचिव प्रशासन प्रदीप कृष्ण को सौंपा।
मोर्चा अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि टीईटी में बीएड कर रहे अभ्यर्थी को शामिल न होने देना, न्यायोचित नहीं है। बीएड कालेजों में प्रवेश निर्धारित फीस से ज्यादा लेकर किया गया है। इसके बाद भी सत्र सही समय पर शुरू नहीं किया गया तो अभ्यर्थियों की क्या गलती है। बीएड के छात्रों को टीईटी में न बैठने देने से हजारों अभ्यर्थियों का शिक्षक बनने का सपना टूट जाएगा। छात्रों ने टीईटी की परीक्षा के लिए दो अलग-अलग फार्म जमा कराने पर भी सवाल उठाया। प्रदर्शन में दिनेश सिंह कुशवाहा, अंजलि वर्मा, आनंद चौधरी, सचिन अरोरा, विपिन मिश्रा, आशुतोष पांडेय, मो. शोएब, प्रदीप तिवारी, शिवप्रकाश पांडेय, सुभाष चंद्र और योगेश मौर्या आदि छात्र मौजूद रहे।
Source : http://compact.amarujala.com/city/7-1-9744.html
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टीईटी: सेवायोजन पंजीकरण के छुटकारे से आवेदकों में खुशी

टीईटी के लिए पंजीकरण, डिग्री जरूरी नहीं 
(UPTET : Degree, Employment Exchange Registration is not necessary for TET- Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)

UP TET Revised eligibility  ( uptet 2011 latest changes in enclosure like employment exchange regis
tration, requirement of Degree Certificate )

Now there is no requirement of Degree, Employement Registration for TET examination in UP on 13-Nov-2011.

see news -
बुलंदशहर : यूपी टीईटी परीक्षा के आवेदन फॉर्म में सेवायोजन कार्यालय का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य था। इसका फायदा उठाकर विभाग ने अभ्यर्थियों की जेब खूब ढीली की है। मगर, टीईटी के लिए डिग्री और पंजीकरण जरूरी नहीं रह गया है। यूपी बोर्ड सचिव ने आवेदन-पत्र के क्रम संख्या को 16 को निरस्त कर दिया है। इससे आवेदकों में खुशी है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए आवेदकों को कई मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है। सेवायोजन कार्यालय पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अभ्यर्थियों का जबर्दस्त तांता लगा रहता है, जिसका विभागीय कर्मचारियों ने खूब फायदा उठाया। आवेदकों का आरोप है कि 300 से 500 रुपये प्रति रजिस्ट्रेशन तक वसूले गए। आवेदकों ने मजबूरन पैसे खर्च किए हैं। मगर, यूपी बोर्ड सचिव प्रभा त्रिपाठी ने आवेदन-पत्र के क्रम संख्या 16 को निरस्त कर दिया है। इससे आवेदक सेवायोजन कार्यालय और विवि में डिग्री के लिए अतिरिक्त चक्कर से बच सकेंगे। बोर्ड के इस फैसले से आवेदकों में खुशी की लहर देखी जा सकती है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ, मंजू सिंह ने कहा कि टीईटी के लिए डिग्री और सेवायोजन कार्यालय के रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। बिना इसके भी आवेदन किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। वह बाद में भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

News source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8308434.html
(3 oct 2011)
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टीईटी के लिए रजिस्ट्रेशन, डिग्री की बाध्यता समाप्त

उन्नाव। टीईटी फार्म आवेदकों को माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कुछ राहत दी गई है। अब टीईटी फार्म को डालने में सेवायोजन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन नही कराना होगा। साथ ही फार्म के साथ किसी डिग्री की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया गया है।
मंगलवार से टीईटी फार्म के लिए इच्छुक आवेदकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्नातक और बीएड की डिग्री न मिलने से आवेदकों को संबंधित यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ रहे थे तो दूसरी तरफ सेवायोजन कार्यालय से पंजीकरण कराने की अनिवार्यता ने आवेदकों के लिए कोढ़ में खाज का काम किया था। मंगलवार से फार्म वितरण के साथ ही आवेदकों की लंबी लंबी कतारें सेवायोजन कार्यालय में लगना शुरू हो गई थी। इतना ही नही कई स्नातक आवेदकों के पास डिग्री न होना काफी जटिल समस्या बन गया था। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सचिव प्रभा त्रिपाठी ने इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए इस बदलाव के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि अभी तक आवेदकों को टीईटी फार्मों के साथ आवेदकों को स्नातक और बीएड की डिग्री भी फार्म के साथ जमा करनी थी। लेकिन कानपुर और लखनऊ यूनिवर्सिटी से स्नातक करने वाले आवेदकों के पास स्नातक की डिग्री नहीं थी जिससे उनका भविष्य अधर में था। वर्ष 2005 में सीएसजेएम यूनिवर्सिटी से स्नातक करने वाली प्रेरणा सिंह ने बताया कि कई बार यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें डिग्री नहीं मिल सकी थी लेकिन बोर्ड के निर्देशों के बाद उनका भविष्य गर्त में जाने से बच गया। इसी तरह वर्ष 2007 में स्नातक करने वाले प्रभात सोनी ने बताया कि डिग्री की बाध्यता खत्म न होने पर फार्म डालना ही संभव नही था। सचिव के निर्देशों के बाद हजारों की संख्या में आवेदकों को राहत मिली है। श्रीमती त्रिपाठी ने दूरभाष पर जानकारी दी कि र्टीईटी फार्म के आवेदन के लिए सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण की बाध्यता का समाप्त करने के साथ साथ डिग्री को भी जमा करने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब आवेदक केवल प्रमाणित मार्कशीट लगाकर फार्म जमा कर सकते हैं।
Source : http://www.amarujala.com/city/Unnao/Unnao-44437-40.html

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UP TET How To Fill Form -  Latest Update : - Now candidates can apply with certified/attested marksheets,
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Tuesday, October 4, 2011

HPSSSB RESULTS

 
On the basis of marks of Written Objective Test held on 10 th May, 2011 against Advertisement No. 18/2010 dated 1st November, 2010.
 The candidates bearing the following Roll Nos. in their respective categories have been declared successful. The marks secured by the candidates have also been shown against their roll number.
The result is also available on the web page of the HPSSSB, Hamirpur.


(Post Code:CRAFT INSTRUCTOR (MECH. MOTOR VEHICLE) (POST CODE-262)
1. - 17422 Parveen Kumar 04-Dec-80 SC UR 163
2. -17412 Gopal Chand 12-Apr-80 General UR 165
3 -17431 Sandeep Kumar 25-May-80 OBC UR 158
4.- 17424 Rajinder Kumar 20-Dec-72 ST UR 146
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HPSSSB RESULTS

On the basis of marks of Written Objective Test held on 10 th May, 2011 and personal interview conducted on 16th September, 2011, the Board has compiled the result for 02 Posts of Craft Instructor (Cutting & Sewing) (Post Code: 266) against Advertisement No. 18/2010 dated 1st November, 2010
The result is also available on the web page of the HPSSSB, Hamirpur.(
. The candidates bearing the following Roll Nos. in their respective categories have been declared successful. The marks secured by the candidates have also been shown against their roll number.
Sr.No Roll No Name Date of Birth Category Sub Cat Total Marks
1 17605 Anjana Kumari 20-Jun-78 SC UR 153
2 17625 Hansa Kumari 20-Aug-73 General UR 160
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HPSSSB RESULTS

The candidates bearing the following Roll Nos. in their respective categories have been declared successful. The marks secured by the candidates have also been shown against their roll number.
CRAFT INSTRUCTOR (ELECTRICIAN) (POST CODE - 260)
Sr.No Roll No Name Date of Birth Category Sub Cat Total Marks
1 17203 Ashwani Kumar 11-Mar-82 General UR 202
2 17212 Kunj Bihari 25-Jul-76 SC UR 162
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HPSSSB RESULTS

 
On the basis of marks of Written Objective Tests held in the month of May,2011 and personal interview conducted w.e.f. 26th September, 2011 to 28th September,2011, the Board has compiled the result for following posts against Advertisement No.18/2010 dated 1st November, 2010
candidates have also been shown against their roll number.
The result is also available on the web page of the HPSSSB, Hamirpur.(
. The candidates bearing the following Roll Nos. in their respective categories have been declared successful. The marks secured by the).
PHOTO TYPE SETTER OPERATOR (POST CODE: 250)
Sr.No Roll No Name Category Sub Cat Total Marks Remarks
1 15963 Ravi Kumar General UR 130
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T.G.T. (Arts) HPSSSB HAMIRPUR RESULT DECLARED

H.P. SUBORDINATE SERVICES SELECTION BOARD, HAMIRPUR
 
On the basis of marks of Written Objective Tests held on 29
2002 and personal interview conducted w.e.f. 16
The result is also available on the web page of the HPSSSB, Hamirpur. (
th September.th July, 2011 to 26th September, 2011 as per the direction of the Hon’ble High Court of Himachal Pradesh in CWP No. 3513 of 2009, the Board has compiled the result for 224 posts of T.G.T. (Arts) (Post Code: 114) against Advertisement No. 04/2002 dated 5th July, 2002. The candidates bearing the following Roll Nos. in their respective categories have been declared successful. The marks secured by the candidates have also been shown against their roll number.http://www.himachal.gov.in/hpsssb).
T.G.T (Arts) (Post Code: 114)
Sr.No Roll
No
Name Category Sub Cat Total Marks Remarks
1 18370 Sunanda Gautam General UR 166
2 18383 Suresh Kumar Sharma General UR 164
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Monday, October 3, 2011

Uco Bank 2nd List - Result Clerk


DISCLAIMER : Please verify details from relevant authority/Bank website.

Appointment letters to selected candidates for the post of clerks will be issued by the Zonal Manager of the respective State by 22.09.2011 and will be despatched to the candidates at their given correspondence addresses. Candidates are advised to report on 10.10.2011 at their respective place of posting. Candidates who do not receive the Appointment letters by 30.09.2011 may contact the Zonal Office of the respective State

RECRUITMENT OF CLERKS - 2ND SELECT LIST
SL NO STATE ROLLNO NAME CATEGORY
1 ANDHRA PRADESH. 3605010646 MAISA CHINNAIAH OBC.
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Sunday, October 2, 2011

TET 2011 results declared Manipur (Imphal)

TET 2011 results declared / TET certificates mandatory even in private schools Manipur (Imphal)

The result was declared today at the office of the Board of Secondary Education, Manipur by the Principle Secretary, Education (S), Dr J Sureshbabu and Secretary, BSEM, L Rajmohan in front of the media persons.
Out of the 26,274 candidates who appeared in Paper I test, 10,220 candidates passed.
The pass percentage was 37.90 %.
And out of the 15,680 candidates who appeared in the Paper II test, 7,107 candidates were able to get through, with the pass percentage at 45.32% .
Addressing media persons on the occasion, Dr Sureshbabu said that the TET certificates of the successful candidates will be given out by the Board of Secondary Education, Manipur within 4-5 days.
The successful candidates will have to bring their admit cards along with the other required documents while coming to get their certificates.
He further said that since the TET results have been declared, the notification for the recruitment of 2700 primary teachers under SSA will also be issued on first week of October.
Only TET passed candidates will be illegible for the recruitment.
The recruitment process will be done purely on merit basis with 50% of the marks scored in TET and another 50% from the candidate's academic performance will be considered.
He said that there is strict rule that a teacher should possess both TET and B Ed certificates.
But since Manipur is a state where there is less numbers of trained teachers, it has been decided by the central government to relax the eligibility criteria of teachers in the state restricting only to TET certificates and not B Ed certificates, after request from the state government.
The decision came after a notification was issued by the Central government.
It further said the candidates holding only TET certificates will be allowed to appear in the recruitment process of teachers only upto 2013.Beyond that, candidates applying for the post of teachers will have to hold both TET and B Ed certificates.
He further said that an order will shortly be issued where recruitment of teachers even in private schools will also require the TET certificates.
News Source : http://e-pao.net/GP.asp?src=20..280911.sep11
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Cabinet nod for teachers' package TET Exam - Kerala

Cabinet nod for teachers' package TET Exam - Kerala


Kerala Cabinet has revised the teachers’ package for aided schools that promises payment of salaries to teachers who are going without salaries for want of approval of their posts.
The appointment of as many as 3389 teachers by managements would be approved and they would get salaries with effect from June 1, 2011. Appointments made during 2010-2011 to sanctioned posts against resignations, promotions, death and retirements would also be approved from the date of appointment.
Chief Minister Oommen Chandy told the media after the Cabinet meeting on Wednesday night that the teachers’ bank proposed under the package would now have 8076 teachers. They would consist of the 3389 teachers getting approval now, 2987 protected teachers and 1700 protected teachers who had obtained appointments to permanent posts on expiry of their period of protection but had lost their jobs because of fall in division.
Mr. Chandy said that when the revised teacher-student ratio comes into effect, teachers would be absorbed from the bank at the revenue district level. When vacancies arise, first preference would be for teachers who had worked in the respective schools. Then, one teacher would be required to be appointed from the teachers' bank. After that, the vacancies could be filled on the basis of seniority list. The list should be prepared in one month and finalised after considering objections.
Permission needed
Mr. Chandy said that managements would be permitted to make new appointments only with permission of the government. The Teachers Eligibility Test would be mandatory. For creation of posts under the new teacher-student ratio, use of unique identification number for students would also be made mandatory. Strong action would be taken against schools that overstate the student strength.
Managers could fill short-term vacancies from the teachers' bank. If candidates from the bank were not available, sanction for appointments from outside would be granted in 48 hours. The practice of creating claims through appointments to leave vacancies would not be permitted.
He said that all teachers in the seniority lists would get salaries from the date of finalisation of the lists.
This meant that those who had worked at least for a day in approved posts would be eligible to get salaries. Teachers who are not working currently would be sent for training.
Waste-free campaign
The Chief Minister said the plan to free Kerala of waste would be launched at the State level at a function to be held at Kottayam on October 2. Cleaning activities would be held on that day in Kottayam and other 13 districts
News Source :http://www.thehindu.com/news/cities/Thiruvananthapuram/article2496256.ece
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State cabinet approves teachers’ package - KERALA

Those wishing to take up teaching assignments in schools in the state will have to qualify in a Teacher Eligibility Test (TET).
This was decided by the state cabinet on Wednesday while approving the teachers’ package with certain amendments.
The TET will be held on the lines of SET for college teachers and SET for higher secondary school teachers.
The TET is being implemented as part of the provisions of Right to Education Act.
The Chief Minister Mr Oommen Chandy told media persons after the state cabinet meeting that the government would soon set up a teachers’ bank comprising 8,076 teachers.
Teacher’s banks would also be set up at the district and revenue district level he said adding that the state government would also create seniority list of teachers in the bank.
The Chief Minister said that strict action would be initiated against schools which try to exaggerate the number of students in their institution.
Mr Chandy said that the services of 3,389 teachers who are currently working without pay, would be recognised with retrospective effect from June 1, 2011.
All the vacancies for 2011 would also be approved, he added
Source : http://www.deccanchronicle.com/channels/cities/kochi/state-cabinet-approves-teachers%E2%80%99-package-118
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टीईटी के लिए 45 % अंक वाले भी होंगे पात्र

टीईटी  उत्तर प्रदेश (TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)

टीईटी के लिए 45 % अंक वाले भी होंगे पात्र ( Candidate who are geting 45% marks are eligible for TET Exam UP)

प्रदेश में पहली बार होने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में 45 फीसदी अंकों के साथ स्नातक करने वाले भी पात्र होंगे। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा अनिल संत ने शनिवार को संशोधित शासनादेश जारी कर दिया है। इसके अलावा पात्रता में बीए, बीकॉम और बीएसी को संशोधित करते हुए इसके स्थान पर स्नातक कर दिया गया है। इससे प्रोफेशनल कोर्स के बाद बीएड करने वाले भी टीईटी में शामिल होने के लिए पात्र होंगे। आरक्षित वर्ग के लोगों को पांच प्रतिशत की छूट होगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद कक्षा आठ तक के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य कर दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सात सितंबर को जारी शासनादेश में स्नातक में 50 फीसदी अंक के साथ बीएड करने वालों को ही पात्र माना था। इसके बाद बीएड, बीपीएड संघर्ष समिति ने सचिव बेसिक शिक्षा से मिलकर स्नातक में 50 फीसदी अंक की अनिवार्यता पर आपत्ति उठाई थी। समिति ने 29 जुलाई 2011 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से जारी संशोधित अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा था कि इसमें स्नातक में 45 फीसदी अंक की अनिवार्यता की गई है

इसके बाद सचिव बेसिक शिक्षा ने संशोधित शासनादेश जारी करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया था। उधर, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने टीईटी की तैयारी शुरू कर दी हैं। परिषद निदेशालय में शनिवार को अधिकारियों की बैठक हुई, इसमें आवेदन फार्म और विवरणिका प्रकाशित करने पर विचार-विमर्श किया गया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन ने कहा है कि एक सप्ताह में विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।

Source : http://www.amarujala.com/national/nat-45-percent-marks-are-also-eligible-for-TET-16025.html
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पत्राचार बीटीसी को टीईटी में शामिल करने का प्रस्ताव खारिज

टीईटी  उत्तर प्रदेश (TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)

पत्राचार बीटीसी को टीईटी में शामिल करने का प्रस्ताव खारिज

फर्रुखाबाद: सरकार ने पत्राचार बीटीसी वालों को टीईटी में शामिल करने संबंधी बेसिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। सचिव बेसिक शिक्षा अनिल संत ने मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य कर दिया है।
मंगलवार को संशोधित शासनादेश जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि 1997 से पूर्व मोअल्लिम करने वाले या अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इन टीचिंग करने वालों को टीईटी में शामिल होने के लिए पात्र माना जाएगा। वहीं, मोअल्लिम उपाधिधारकों ने इस पर आपत्ति की है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में पूर्व में उर्दू शिक्षक रखने की व्यवस्था थी। 1994-95 में प्राइमरी स्कूलों में उर्दू शिक्षक रखे गए।
इसके लिए मोअल्लिम-ए-उर्दू अथवा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इन टीचिंग उपाधिधारकों को इसके लिए पात्र माना गया। इसके बाद होने वाली भर्ती से इन उपाधिधारकों को अपात्र मान लिया गया। इन उपाधिधारकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फैसला उनके पक्ष में हुआ। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल कर दिया था।
राज्य सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लेने का निर्णय किया है। इसके बाद शासन स्तर पर तय किया गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किए जाने के बाद टीईटी पास करने वाले ही शिक्षक बनाए जा सकते हैं, इसलिए मोअल्लिम वालों के लिए भी इसे अनिवार्य कर दिया गया है। प्राइमरी स्कूलों में मौजूदा समय 3250 सहायक अध्यापकों के पद रिक्त हैं।
राज्य सरकार ने पत्राचार बीटीसी वालों को टीईटी में शामिल करने संबंधी बेसिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पत्राचार बीटीसी करने वालों पर फैसला बाद में लिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 1994 से पूर्व पत्राचार बीटीसी को मान्यता थी। पत्राचार बीटीसी करने वालों को शिक्षक बनाया गया है। इसलिए कोर्स करने वाले शिक्षक बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। इसीलिए बेसिक शिक्षा निदेशालय ने यह प्रस्ताव भेजा था कि पत्राचार बीटीसी वालों के लिए भी टीईटी में शामिल कर लिया लाए, लेकिन इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।

source: जेएनआई-डेस्क 
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डेढ़ लाख बीएड और बीपीएड डिग्रीधारी पांच फीसदी अंक के चलते चूक गए

टीईटी  उत्तर प्रदेश (TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)

डेढ़ लाख बीएड और बीपीएड डिग्रीधारी पांच फीसदी अंक के चलते चूक गए
(नयी खबर के आधार पर अब ४५ प्रतिशत अंक धारक भी पात्र हैं, देखें पेराग्राफ की अंतिम पंक्ति )

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए करीब डेढ़ लाख बीएड और बीपीएड डिग्रीधारी पांच फीसदी अंक के चलते चूक गए। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) गठन से पूर्व बीएड करने वाले अधिकतर स्नातक डिग्रीधारी को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से अलग कर दिया गया है। टीईटी के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक अनिवार्य किया गया है, जबकि एनसीटीई गठन से पूर्व केवल 45 फीसदी अंक में स्नातक करने वालों को पात्र माना जाता था। बीएड, बीपीएड बेरोजगार संघर्ष मोर्चा इस संबंध में शीघ्र ही शासन के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। इसके बाद भी यदि बात न बनी तो मोर्चा हाईकोर्ट का दरवाजा खट-खटाएगा।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए 80 हजार बीएड डिग्रीधारकों को विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर सहायक अध्यापक बनाया जाना है। केंद्र के निर्देश पर राज्य में टीईटी पास करने वाले ही इसके लिए पात्र माने जाएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा अनिल संत ने शासनादेश जारी कर टीईटी के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य कर दिया है। इसी तरह बीपीएड डिग्रीधारकों को टीईटी के लिए पात्र नहीं माना गया है। इसमें शामिल नहीं किया गया है।
बीएड, बीपीएड बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष संतोष मिश्र कहते हैं कि देश में एनसीटीई का गठन 1996 में हुआ है। एनसीटीई गठन से पूर्व स्नातक में 45 फीसदी अंक करने वाले बीएड के लिए पात्र माने जाते थे। एनसीटीई गठन के बाद स्नातक में 50 फीसदी अंक अनिवार्य कर दिया गया। एनसीटीई ने इसके आधार पर टीईटी के लिए 50 फीसदी अंक अनिवार्य किया है। इसके चलते करीब डेढ़ लाख बीएड डिग्रीधारी टीईटी में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं। इसलिए राज्य सरकार को 45 फीसदी अंक वालों को भी टीईटी में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजना चाहिए। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में शीघ्र ही शासन के अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद भी यदि बात न बनी तो हाईकोर्ट का दरवाजा खट-खटाया जाएगा।

इन्टरनेट पर यह जानकारी की प्रमाणिकता शायद अब नहीं रही , जैसा की अभी हाल ही में ४५ प्रतिशत अंक धारकों को भी शामिल करने की बात आई है
 
ये खबरें सिर्फ सूचना मात्र हैं और प्रमाणिकता के लिए  शिक्षा विभाग से संपर्क करें
 
 
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टीईटी राजस्थान TET - Teacher Eligibility Test -Examination Rajasthan

कुछ विविध नयी पुरानी न्यूज़ - टीईटी राजस्थान
TET - Teacher Eligibility Test -Examination Rajasthan

टीईटी के लिए 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता के विरोध में धरना

भास्कर न्यूज झुंझुनूं. टीईटी के लिए बीए में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता करने के विरोध में शुक्रवार को एसएफआई बीएड संघर्ष समिति की ओर से कलेक्ट्रेट के सामने धरना देकर सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। धरने को संबोधित करते हुए जिला महासचिव कपिल ऐचरा ने कहा कि बीए में 50 प्रतिशत अंक वालों को टीईटी में शामिल करने का सरकार का निर्णय युवा विरोधी है। डिग्री धारकों के साथ अन्याय है। नवीन वारिसपुरा ने कहा कि सरकार ने निर्णय नहीं बदला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। एसएफआई जिलाध्यक्ष कमल सिहाग ने सरकार की गलत नीतियों के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है। धरने को उपजिला प्रमुख विद्याधरसिंह गिल, माकपा जिला सचिव फूलचंद बर्बर, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत जिलाध्यक्ष दुर्गाराम मोगा ने भी आंदोलन का समर्थन किया। धरने पर एसएफआई जिला महासचिव संजय कटेवा, राज्य कमेटी सदस्य रविंदर सिहाग,पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजय चाहर, डीवाएफआई जिला उपाध्यक्ष विजय यादव, कपिल मांजू, प्रमोद बारुपाल, संदीप ऐचरा, विजय वारिसपुरा, श्रीराम, सदाकत अली, देवेंद्र फोगाट, राजेश बूरी, इंद्रजीतसिंह, रघुवीरसिंह, राकेश गुर्जर, दयानंद महरानियां, विजयपाल, कपिल डूडी, प्यारेलाल, अमित जाखड़ आदि बैठे। धरने के बाद जिला कलेक्टर को सीएम के नाम ज्ञापन दिया गया।
4 अप्रैल को सीएम का पुतला फूकेंगे
आंदोलनरत एसएफआई बीएड संघर्ष समिति व एसएसएफआई ने मांगे नहीं मानने पर चार अप्रैल को कलेक्ट्रेट के सामने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला फूंकने की घोषणा की है।

News Source : Bhaskar epaper 2 april 2011

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50 हजार निजी स्कूलों में अनट्रेंड टीचर्स

जयपुर. राज्य के करीब 50 हजार निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र में ट्रेंड टीचर्स नहीं मिल पाएंगे। एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार निजी स्कूलों में भी अब अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षक ही पढ़ाने के योग्य माने जाएंगे। इधर एक मई को स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा और परीक्षा 22 मई को होने के कारण कम से कम अगले शिक्षा सत्र में ज्यादातर स्कूलों को बिना टेट पास किए शिक्षकों के सहारे ही काम चलाना पड़ेगा।

प्रदेश के प्रारंभिक सैटअप में करीब एक लाख सरकारी स्कूल हैं, जबकि निजी स्कूलों की संख्या भी 50 हजार से अधिक है। इनमें करीब दो लाख शिक्षक हैं। एनसीटीई ने फरवरी में राज्य सरकार को भेजी गाइडलाइन में निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी यह पात्रता जरूरी कर दी है। कुछ नामी स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं जहां 70-80 फीसदी तक स्टाफ शैक्षिक योग्यताएं पूरी नहीं करता।

अब टीईटी पास करना जरूरी होने के बावजूद सभी स्कूलों को ट्रेंड टीचर समय पर नहीं मिल पाएंगे। स्कूली शिक्षा के प्रमुख सचिव अशोक संपतराम का कहना है कि एनसीटीई गाइडलाइन को पूरी तरह फॉलो किया जाएगा और निजी स्कूलों को भी अब प्रमुखता से योग्य शिक्षक ही लगाने होंगे।

बीएड डिग्रीधारी शामिल हो सकेंगे टीईटी में: 



माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का कहना है कि वर्तमान में बीएड के लिए न्यूनतम योग्यता 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक होना जरूरी है। टीईटी के लिए भी यह नियम मान्य है। यहां इस बात को लेकर असमंजस नहीं होना चाहिए कि पूर्व में कम अंकों से बीएड करने वाले बाहर हो जाएंगे। बोर्ड का कहना है कि मापदंडों में एनसीटीई की ओर से समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि एनसीटीई और राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर तय की गई गाइडलाइन के अनुसार बीएड करने वाले भी परीक्षा में बैठ सकेंगे। इस संबंध में एनसीटीई से भी स्थिति साफ करने को लेकर बातचीत चल रही है।

शिक्षा निदेशालय के जॉइंट डायरेक्टर मधु सोरल से बातचीत

ज्यादातर निजी स्कूलों में नए सत्र में भी ट्रेंड टीचर नहीं मिलेंगे। ऐसे में सरकार क्या करेगी?

अब टीईटी उत्तीर्ण करना जरूरी हो गया है। शुरुआत है, धीरे-धीरे सख्ती कर दी जाएगी। इस संबंध में और भी नियम-कायदे तय होंगे। शिक्षा अधिकार अधिनियम की तरह ही इसे भी प्रभावी बनाया जाएगा।

बिना मान्यता के बड़ी संख्या में चल रहे स्कूलों की जांच के क्या इंतजाम हैं?

अब प्रत्येक स्कूल के लिए हर हाल में तीन साल में मान्यता लेना जरूरी कर दिया है। नॉर्म्स फॉलो करने के लिए भी सख्ती से काम होगा।

नई नियुक्तियों में टीईटी जरूरी होगी?

शिक्षक बनने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना जरूरी है। जो नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं, उस पर सरकार निर्णय करेगी।

राज्य में प्रारंभिक शिक्षा में संसाधनों व योग्य शिक्षकों की कमी काफी हद तक खल रही है। उच्च शिक्षा का ढांचा मजबूत बनाने एवं विकास को तेजी देने के लिए प्रारंभिक शिक्षा पर फोकस की जरूरत है। पिछले एक दशक में निजी स्कूलों की संख्या तेजी से बढ़ी है और यह जारी है। बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनने से निश्चित रूप से प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। अध्यापक पात्रता परीक्षा देशभर में आयोजित करने का फैसला हुआ है। यह अच्छा कदम है और निकट भविष्य में स्तर में और सुधार की गुंजाइश रहेगी। - एसएल बोहरा, पूर्व सचिव, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड


News Source : Bhaskar epaper
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टीईटी उत्तर प्रदेश

टीईटी  उत्तर प्रदेश


टीईटी परीक्षा 13 नवंबर को
अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने वाले अभ्यर्थी 18 अक्टूबर तक सभी फॉर्म मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के यहां रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। एक्जाम के लिए सभी कैंडीडेटों को 25 अक्टूबर तक इंट्रेंस लेटर भेज दिये जायेंगे। एक्जाम कराने का दायित्व माध्यमिक शिक्षा परिषद को सौंपा गया हैसचिव बेसिक शिक्षा अनिल संत ने शुक्रवार को बताया कि 13 नवंबर को सभी 18 कमिश्नरी में टीईटी एक्जाम दो पालियों में कराये जायेंगे। डीएम को इन परीक्षाओं के लिए नोडल अफसर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के लिए जिन कैंडीडेटों को प्रवेश पत्र किसी कारण वश नहीं मिल पाता है तो वे वेबसाइट पर जाकर डुप्लीकेट इंट्रेंस लेटर ले सकते हैं।
Source : Navbharat Times Epaper - 1 October 2011
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शिक्षकों की भारी कमी ( shortage of teachers is very high)

शिक्षकों की भारी कमी ( shortage of teachers is very high)

क्या लागु हो पायेगा -  शिक्षा का अधिकार कानून (Right to Education Act)
पूरे देश के सरकारी स्कूलों में करीब 13 लाख शिक्षकों की कमी तो पहले से है।
लेकिन जो शिक्षक हैं भी उनमें से करीब सात लाख ऐसे हैं जो पढ़ाने के लिए जरूरी न्यूनतम योग्यता नहीं रखते।

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जब गुरु ही नाकाबिल तो चेले कैसे बनें काबिल


नई दिल्ली [राजकेश्वर सिंह]। जब गुरु ही नाकाबिल हो तो चेले से काबिलियत की उम्मीद कैसे की जा सकती है? अनिवार्य और गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा का कानून तो सरकार ने बना दिया, लेकिन उसे अमल में लाने के लिए उसके पास शिक्षक ही नहीं हैं। पूरे देश के सरकारी स्कूलों में करीब 13 लाख शिक्षकों की कमी तो पहले से है। लेकिन जो शिक्षक हैं भी उनमें से करीब सात लाख ऐसे हैं जो पढ़ाने के लिए जरूरी न्यूनतम योग्यता नहीं रखते।
यह स्थिति तब है जब शिक्षा का अधिकार [आरटीई] कानून को अमल में आए लगभग डेढ़ साल हो गए हैं। पिछले महीने तक के आंकड़ों के मुताबिक देश में 6.70 लाख शिक्षक आरटीई कानून के मापदंडों के लिहाज से जरूरी योग्यता पूरी नहीं करते। कम पढ़े-लिखे शिक्षकों के सहारे शिक्षण कार्य करा रही सरकार तर्क दे रही है कि मानदंड पूरा न करने वाले शिक्षकों को आरटीई लागू होने के बाद पांच साल के भीतर खुद को योग्य बनाने का मौका दिया गया है।
दरअसल, सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने का भी प्रावधान है। इसके तहत पहले से कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। हालांकि, इस दिशा में डेढ़ साल बीतने के बाद भी उत्साहपूर्ण नतीजे नहीं मिले। छह से चौदह साल के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार कानून अमल में आने के साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद [एनसीटीई] ने शिक्षकों के लिए न्यूनतम अहर्ताएं भी तय कर दी हैं। जिनके मुताबिक कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक का बारहवीं पास और कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए स्नातक व अन्य मापदंडों के अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा [टीईटी] पास करना जरूरी होगा।
केंद्र सरकार के अधीन स्कूलों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड [सीबीएसई] ने इस साल पहली बार केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा [सीटीईटी] कराई। लेकिन उसमें बमुश्किल 14 प्रतिशत अभ्यर्थी ही पास हो पाए। राज्य सरकारों को भी इसी तर्ज पर अपने यहां शिक्षक पात्रता परीक्षा करानी है।

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जरूरी मापदंड
1- परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए 60 प्रतिशत अंक जरूरी
2- सर्टिफिकेट अधिकतम सात साल तक वैध होगा
3- निश्चित अवधि में शिक्षक न बन पाने पर फिर से पास करनी होगी परीक्षा
4- केंद्र और राज्य सरकारों को साल में कम से कम एक बार टीईटी कराना अनिवार्य
5- कोई भी अभ्यर्थी किसी भी राज्य या केंद्र के अधीन आयोजित टीईटी में शामिल हो सकता है। उत्तीर्ण अभ्यर्थी का टीईटी सर्टिफिकेट सभी राज्यों में मान्य होगा
News Source : Denik Jagra E News Paper 9 September 2011
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टीईटी में शामिल करने को आंदोलन

टीईटी में शामिल करने को आंदोलन

आगरा: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जा रही शिक्षा पात्रता परीक्षा में बीपीएड छात्रों को शामिल न किये जाने के खिलाफ एनएसयूआई आंदोलन कर रही है।

News : Jagran Epaper



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बीएड छात्रों ने किया प्रदर्शन अलीगढ़ - टीईटी की परीक्षा

बीएड छात्रों ने किया प्रदर्शन अलीगढ़ -  टीईटी की परीक्षा
TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh

कार्यालय संवाददाता, अलीगढ़ : शिक्षण सत्र-2010-11 के बीएड छात्रों ने सोमवार को नारेबाजी की और चेतावनी दी कि टीइटी की परीक्षा में बैठने की अनुमति उन्हें दी जाए, वरना पांच अक्टूबर से छात्र आगरा विश्वविद्यालय में अनशन करेंगे।
डा.बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षण सत्र-2010-11 के बीएड की फाइनल परीक्षा 28 सितम्बर से शुरू हो रही हैं, जो चार अक्टूबर तक चलेंगी। लेकिन इस सत्र के विद्यार्थियों को यूपी अध्यापक पात्रता परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके विरोध में छात्र सड़क पर आ गए। छात्रों ने मांग की 18 अक्टूबर को टीईटी की परीक्षा है, इसलिए 14 अक्टूबर तक परीक्षा परिणाम घोषित कर मार्कशीट उपलब्ध कराई जाए। बीएड छात्रों ने नारेबाजी कर निर्णय लिया कि मांग न मानी तो पांच अक्टूबर से विश्वविद्यालय जाकर आगरा में अनशन करेंगे। छात्रों ने कहा कि सीबीएसई दिल्ली द्वारा टीइटी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल रही है, तो हमें क्यों नहीं दी जा रही है। इस मौके पर छात्र संजय कुमार, अभिषेक पांडेय, इति अग्रवाल, विनोद आर्य, इति अग्रवाल, संदीप यादव आदि मौजूद थे

News Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8274404.html
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UPSC ASSISTANT NAVAL STORE OFFICER GRADE-I Result

F.1/114(28)/2010-R.VI/SPC-II
UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION (UPSC)
DHOLPUR HOUSE, SHAHJAHAN ROAD
NEW DELHI-110 069.
NOTICE OF RESULT

UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION ADVERTISED 08 POSTS OF ASSISTANT NAVAL STORE OFFICER GRADE-I (ELECTRICAL ENGINEERING) IN INTEGRATED HEADQUARTERS, MINISTRY OF DEFENCE (NAVY) VIDE SPECIAL ADVERTISEMENT NO. 09/2010 ITEM No.01 DATED 08.05.2010.)
THE FOLLOWING 08 (EIGHT) CANDIDATES HAVE BEEN RECOMMENDED FOR APPOINTMENT TO THE POST OF ASSISTANT NAVAL STORE OFFICER GRADE-I (ELECTRICAL ENGINEERING) IN INTEGRATED HEADQUARTERS, MINISTRY OF DEFENCE (NAVY) ON THE BASIS OF THE RESULT OF THE WRITTEN TEST HELD BY THE UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION ON 06TH FEBRUARY, 2011 AND INTERVIEW HELD FROM 11TH AND 12TH AUGUST, 2011.
S.NO. ROLL NO. NAME
1. 002524 KUNWAR SINGH YADAV
2. 003009 SANJAY KUMAR CHANDRAKAR
3. 002080 AMIT JOSHI
4. 002342 ELANCHERALATHAN M
5. 003108 SIKANDAR
6. 002587 MANORANJAN BEHERA
7. 002776 PRASHANT KUMAR
8. 002946 RENINATH S N

For details/verification, visit UPSC comission's website/relevent authority.
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UPSC LDC 2008 Result

UPSC - GOVERNMENT OF INDIA

COMBINED SECTION OFFICERS’/STENOGRAPHERS’ (GRADE`B’/GRADE `I’) LIMITED DEPARTMENTAL - COMPETITIVE EXAMINATION 2006, 2007 & 2008 - RESULTS

COMB. SO/STENO(GD.B/GD.I) LTD. DEPT. COMPTV. EXAM 2008
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UPSC LDC 2006 Result

UPSC - GOVERNMENT OF INDIA

COMBINED SECTION OFFICERS’/STENOGRAPHERS’ (GRADE`B’/GRADE `I’) LIMITED DEPARTMENTAL - COMPETITIVE EXAMINATION 2006, 2007 & 2008 - RESULTS

COMB. SO/STENO(GD.B/GD.I) LTD. DEPT. COMPTV. EXAM 2006
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UPSC LDC 2007 Result

UPSC - GOVERNMENT OF INDIA

COMBINED SECTION OFFICERS’/STENOGRAPHERS’ (GRADE`B’/GRADE `I’) LIMITED DEPARTMENTAL - COMPETITIVE EXAMINATION 2006, 2007 & 2008 - RESULTS

COMB. SO/STENO(GD.B/GD.I) LTD. DEPT. COMPTV. EXAM 2007
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टीईटी उत्तर प्रदेश (TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)

टीईटी  उत्तर प्रदेश (TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)

राहत: 45 फीसदी पाने वाले भी बनेंगे शिक्षक, आदेश जारी :

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 72 हजार, 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए मंगलवार को सचिव बेसिक शिक्षा अनिल संत ने शासनादेश जारी कर दिया। शासनादेश में 50 फीसदी की अनिवार्यता के स्थान पर 45 फीसदी कर दिया गया है और बीए, बीएससी व बीकॉम के स्थान पर संशोधित करते हुए स्नातक कर दिया गया है। आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। आवेदन के लिए टीईटी पास करने वाले ही पात्र होंगे। शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन टीईटी रिजल्ट आने के बाद लिए जाएंगे। आवेदन के लिए 18 से 35 वर्ष वाले पात्र होंगे।
राज्य सरकार ने 14 सितंबर को कैबिनेट की बैठक में शिक्षक भर्ती को मंजूरी दी थी। भर्ती के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक की अनिवार्यता की गई थी, लेकिन एनसीटीई की 26 जुलाई-11 को जारी हुई अधिसूचना में शिक्षक बनने के लिए स्नातक में यह अनिवार्यता 45 फीसदी कर दी गई। इस आधार पर शासनादेश में 50 फीसदी के स्थान पर 45 फीसदी की अनिवार्यता कर दी गई है। आवेदन जिला स्तर पर लिये जाएंगे

माध्यमिक शिक्षक भी आएंगे टीईटी दायरे में
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का दायरा बढ़ने जा रहा है। अगले सत्र से इसे माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य करने की तैयारी है। शासन ने तय किया है कि अगले सत्र से माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की तरफ से होने वाली चयन परीक्षाओं के लिए टीईटी जरूरी होगा। फिलहाल इसकी घोषणा नहीं की गई है। पहली टीईटी परीक्षा के बाद ही इस बारे में अंतिम फैसला होगा। अधिकारियों का कहना है कि राज्य स्तर पर अब तक टीईटी का आयोजन नहीं किया गया। पहली परीक्षा नवंबर में प्रस्तावित है। शासन परीक्षा के दौरान होने वाली दिक्कतों, खामियों को समझना चाहता है। इस परीक्षा में जो कमियां पकड़ में आएंगी ठीक करने के बाद माध्यमिक के बारे में आखिरी फैसला होगा।
टीईटी को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक दो दिन पहले लखनऊ में हुई। वर्तमान में प्राइमरी और जूनियर के लिए चल रही टीईटी की प्रक्रिया से अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। देरी के कारण आननफानन में इसकी व्यवस्था की गई। यूपी बोर्ड परीक्षा कराने को तैयार नहीं था लेर कन सरकार की तरफ से दबाव पड़ने पर अधिकारी किसी तरह जिम्मा निभा रहे हैं। इसी के साथ बोर्ड परीक्षा की भी तैयारियां चल रही हैं। बैठक में तय किया गया कि माध्यमिक स्तर पर टीईटी का जिम्मा किसी और संस्था को दिया जा सकता है। संभव है कि प्राथमिक, जूनियर के साथ ही माध्यमिक शिक्षकों के लिए टीईटी का आयोजन किया जाए लेकिन आयोजक संस्था बोर्ड के बजाय कोई और हो। माध्यमिक शिक्षा अभियान को इसमें अहम भूमिका दी जा सकती है। बैठक में अभियान के पांच अधिकारियों को विशेष तौर पर बुलाया गया था। उन्हें राज्य स्तर पर होने जा रही पहली शिक्षक पात्रता परीक्षा के हर चरण पर नजर रखने को कहा गया है।

News source : JNI News
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Teacher Recruitment in Various States-Govt-Dept-India

Teacher Recruitment in Various States-Govt-Dept-India

During this time so many states recruiting teacher (Numbers in lakhs, if count), Have a look on advertisements -

UP Govt. going to recruit approx 80000 primary teachers through UP-TET exam.

DSSSB recruiting more than 7000 Primary teachers, see advt. -
http://sarkari-damad.blogspot.com/2011/10/dsssb-more-than-7000-teacher.html

DSSSB recruiting SPECIAL EDUCATION TEACHER in DIRECTORATE OF EDUCATION - Number of Vacancies : 858 http://sarkari-damad.blogspot.com/2011/10/sarkari-naukri-damad-india.html

Haryana Govt. going to recruit 20000 teachers through there TET Exam.

Rajasthan Govt. going to recruit thousands of teachers through TET exam.

Navodaya Vidhyalaya Samiti (NVS)  going to fill vacancies through  CTET exam.
See advt. - http://sarkari-damad.blogspot.com/2011/10/nvs-tgt-teacher-last-date-23-october.html

Therefore in coming days Teaching sector is Biggest Recruiting Sector.
We see in last 5 years Banking Sector also giving lakhs of Jobs.



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Saturday, October 1, 2011

75 हजार शिक्षकों की भर्तियाँ - टीईटी उत्तर प्रदेश

75 हजार शिक्षकों की भर्तियाँ  - टीईटी  उत्तर प्रदेश
(Recruitment of 75000 teachers through TET - Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)


Many news sources suggests vacancies of 75000 OR approx. 80000 teachers is to be filled by UP TET Examination 2011 in Utttar Pradesh.
See some news -
लेट सत्र के कारण बीएड छात्र टीईटी परीक्षा से वंचित -
लखनऊ : उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर है की यहाँ लगभग सवा लाख बीएड छात्र बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय में होने वाली 75 हजार शिक्षकों की भर्तियों के लिए आवेदन करने से वंचित होने वाले हैं।इस नियुक्ति के लिए टीईटी परीक्षा का आयोजन होने वाला है। सोमवार से परीक्षा के फॉर्म भी बंटने लगे हैं। गौरतलब है की 2010-11 सत्र के लिए देर तक काउंसिलिंग होती रही और बीएड सत्र भी देर से आरंभ हुआ है। इसी कारणवश अधिकांश अभी तक बीएड परीक्षा नहीं कराई जा सकी साथ ही जहां हो भी गई उनके परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए।

आप की जानकारी के लिए बता दें राष्टीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन्स के अनुसार प्रदेश में हर हाल में 1 जनवरी 2012 तक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को संपन्न कर लेना है। वहीँ शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 23 की उपधारा (1) के अनुसार शिक्षक बनने के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता के साथ टीईटी परीक्षा को 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण करना ज़रूरी हैं। टीईटी में शामिल होने के लिए मुख्य रूप से अन्य योग्यताओ के साथ स्नातक और बीएड में 45 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना भी ज़रूरी है।
और इस तरह ऐसे छात्र जो बीएड परीक्षा में बैठ चुके हैं और जो बीएड की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले हैं, उनके लिए टीईटी के सभी दरवाजे बंद हो गए हैं।अब देखने वाली बात ये होगी की इस पुरे मामले का ठीकरा किस पर फूटता

News source : http://www.pardaphash.com/hindi/news/684932/684932.html
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पहले बनेंगे टीचर, बाद में करनी होगी ट्रेनिंग

 लखनऊ । प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य करने के बाद राज्य सरकार ने अस्सी हजार शिक्षकों की भर्ती का रास्ता भी साफ कर दिया है । इसके साथ-साथ राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना में तय समय सीमा, एक जनवरी २०१२ तक, को देखते हुए स्कूलों में पहले नियुक्ति देने और उसके बाद छह महीने का प्रशिक्षण कराने पर विचार किया जा रहा है ।
 News source : http://www.pressnote.in/Uttar-Pradesh-News_138516.html
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उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) 13 2011 नवम्बर को आयोजित होगी| इसके तहत 76000 हजार से ज्यादा शिक्षको की भर्ती के लिए ये कवायद की जा रही है|
फॉर्म मिलने की तारीख- 26 सितम्बर 2011 से
फार्म जमा करने की अंतिम तारीख- स्पीड पोस्ट अथवा पंजीकृत डाक से- 18 अक्टूबर 2011 शाम 5 बजे तक|
आवेदन फॉर्म- सभी जनपदों की चिन्हित पंजाब नेशनल बैंक शाखा से|
आवेदन फीस-
१-सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग हेतु- 500/-
२-अनुसूचित जाति एवं जनजाति हेतु- 250/-
३- विकलांग आवेदकों हेतु- निशुल्क
परीक्षा शुल्क आवेदन पात्र के साथ ही शामिल है| विकलांग अभ्यर्थी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से अपनी विकलांगता प्रमाण पत्र दिखा कर मुफ्त प्राप्त कर सकते है|
विशेष- प्राइमरी (1 से 5 ) एवं जूनियर शिक्षको के लिए अलग अलग परीक्षा होगी| परीक्षा उसी दिन दो पालिओ में होगी| आवेदक दोनों परीक्षा दे सकता है मगर इसके लिए उसे अलग अलग आवेदन फार्म भरने होंगे|
अध्यापक पात्रता परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अध्यापक बनने के पात्र माने जायेंगे|
कोई भी अभ्यर्थी कितनी भी बार TET में बैठ सकता है|
एक बार का पास किया हुआ अभ्यर्थी ५ साल तक वैध होगा|
5 साल के बाद यदि उसे अध्यापक बनने के लिए आवेदन करना है तो दुबारा TET पास करना होगा|
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी विस्तृत नियमवाली नीचे दी गयी फ़ाइल से डाउनलोड की जा सकती है-
http://uptet2011.com/
News - JNILive
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टीईटी में अब पीजी बीएड धारकों का फंसा पेंच
(PG + B Ed Degrre holder, But Graduation < 45 % marks are not eligible for TET exam)
इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में अब स्नात्कोत्तर के आधार पर बीएड करने वाले अभ्यर्थियों का पेंच फंस गया है। शिक्षक पात्रता परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी विज्ञप्ति में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक एवं बीएड करने वालों को ही अर्ह माना गया है। ऐसे में स्नातक में जिनके 45 प्रतिशत से कम अंक हैं और जिन्होंने स्नात्कोत्तर के आधार पर बीएड किया है, ऐसे हजारों छात्र टीईटी का आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य विश्र्वविद्यालयों एवं उनसे संबद्ध, सहयुक्त तथा घटक विश्वविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सामान्य व अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम योग्यता 2008 में 45 प्रतिशत के साथ स्नातक या स्नात्कोत्तर की उपाधि रखी गई थी। 2010 में न्यूनतम योग्यता 50 प्रतिशत के साथ स्नातक या स्नात्कोत्तर उपाधि कर दी गई। ऐसे में किसी कारणवश जिन अभ्यर्थियों के स्नातक में 45 प्रतिशत से कम अंक रह गए, उन्होंने स्नात्कोत्तर में 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल कर बीएड कर लिया। समस्या यह है कि टीईटी के आवेदन पत्र में स्नातक का प्रतिशत अंकित करना है।स्नात्कोत्तर के अभ्यर्थियों के लिए कोई कॉलम ही नहीं छोड़ा गया है। यही कारण है कि प्रदेश में स्नात्कोत्तर के आधार पर बीएड करने वाले लगभग 50 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में जाता दिख रहा है। स्नात्कोत्तर के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पीजी के आधार पर बीएड करने वाले अभ्यर्थी इसे अपने साथ भेदभाव मान रहे हैं। अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के इस निर्णय को अदूरदर्शिता की श्रेणी में रखा है और कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
News source : http://educationjungal.com/?p=8994
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टीईटी के लिए पंजीकरण, डिग्री जरूरी नहीं

टीईटी के लिए पंजीकरण, डिग्री जरूरी नहीं (Degree, Employment Exchange Registration is not necessary for TET- Teacher Eligibility Test -Examination Uttar pradesh)
UP TET Revised eligibility  ( uptet 2011 latest changes in enclosure like employment exchange regis
tration )

यूपी बोर्ड ने अभ्यर्थियों को दी राहत
- आज से पीएनबी की सूबेदारगंज शाखा से मिलेंगे फार्म
इलाहाबाद। टीईटी-2011 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की दिक्कतों को देखते हुए यूपी बोर्ड ने उन्हें बड़ी राहत दी है। फार्म के साथ सेवायोजन कार्यालय से पंजीकरण और डिग्री की फोटोकापी की शर्त की बाधा का हटा दिया गया है। अब फार्म जमा करने के लिए इनकी जरूरत नहीं होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव प्रभा त्रिपाठी ने बताया कि डिग्री की जगह अंकपत्रों की प्रमाणित छाया प्रति को लगाना होगा।यूपी बोर्ड ने टीईटी के फार्म जमा करने के साथ सेवायोजन कार्यालय से पंजीकरण और बीएड की डिग्री की प्रमाणित छाया प्रतियों को अनिवार्य कर दिया था। इस शर्त की वजह से हजारों अभ्यर्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। विश्वविद्यालय में छुट्टियों की वजह अभ्यर्थियों को चक्कर लगाने पड़ रहे थे। सेवायोजन कार्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर बृहस्पतिवार को बवाल भी हुआ था।
पीएनबी की सिविल लाइंस स्थित शाखा के बजाए शनिवार से सूबेदारगंज शाखा से टीईटी के फार्म मिलेंगे। अलोपीबाग स्थित शाखा में फार्म पहले की ही तरह मिलेंगे।

News source : http://compact.amarujala.com/city/7-1-9686.html
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Other News Regarding TET - UP Exam/ employment exchange registration number

टीईटी फाॅर्मों के रजिस्ट्रेशन में आवेदक परेशान
उन्नाव। टीईटी फार्मों के पंजीकरण के लिए सेवायोजन कार्यालय में आवेदकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन के साथ साथ आवश्यक अभिलेखों को प्रमाणिक करवाने के लिए सुबह से ही आवेदकों की भीड़ कार्यालय में लगना शुरु हो जाती है। संख्या अधिक होने से आवेदको को कड़ी धूप में प्रपत्रों को जमा करने का इंतजार करना पड़ रहा है।
मालूम हो कि मंगलवार से कचहरी रोड स्थित पीएनबी बैंक की शाखा से फाॅर्मों का वितरण शुरु कर दिया गया था। लेकिन सैकड़ों की संख्या में आवेदकों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि फाॅर्म तभी जमा होंगे, जब जिला सेवायोजन कार्यालय में आवेदक का पंजीकरण होगा। पंजीकरण को लेकर आवेदकों में ऊहापोह की स्थितियां बनी हुई हंै। कार्यालय में फाॅर्म को पूरा करने के लिए पांच काउंटर तो बनाए गए हैं। लेकिन कार्यालय कर्मियों की संख्या कम होने के कारण सत्यापन कार्य में लेटलतीफी हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार अभी तक चार सौ आवेदकों का पंजीकरण किया जा चुका है।
न तो पेयजल की कोई व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए। आवेदकों को मजबूरी में पास की झाड़ियों का आसरा लेना पड़ रहा है। जिला सेवायोजन अधिकारी राजेंद्र कुमार कहते हैं कि अभी कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आ रही है। हालांकि भीड़भाड़ और स्टाॅफ की कमी की बात को उन्होंने स्वीकार किया।
News source : http://compact.amarujala.com/city/3-2-5733.html
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टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा - उत्तर प्रदेश

 झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य किए जाने के बाद पहली बार होने वाली इस परीक्षा के प्रारूप को लेकर बीएड डिग्रीधारकों में चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म कर दी गई है। शिक्षा विभाग द्वारा स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जून माह में आयोजित सीटीईटी परीक्षा (CTET Exam 2011)  का परिणाम बेहद निराशाजनक रहा था। परीक्षा में सात लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, परंतु सफलता एक लाख के भी हाथ नहीं लगी थी। इसकी प्रमुख वजह प्रश्न पत्र को लेकर असमंजस की स्थिति थी। लेकिन, अभ्यर्थियों को इस स्थिति का सामना यूपीटीईटी में नहीं करना होगा। यूपीटीईटी के प्रश्नपत्रों की मौलिक संरचना स्पष्ट कर दी गई है। प्राइमरी स्तर पर होने वाली टीईटी परीक्षा में 150 नंबर के 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें बाल विकास एवं अभिज्ञान, भाषा 1 (हिंदी), भाषा 2 (अंग्रेजी या उर्दू), गणित तथा पर्यावरणीय शिक्षा विषयों से तीस - तीस प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, जूनियर हाईस्कूल स्तर की परीक्षा में बाल विकास एवं अभिज्ञान, भाषा 1 (हिंदी) व भाषा 2 (अंग्रेजी या उर्दू) के तीस - तीस प्रश्न पूछे जाएंगे। जबकि, गणित तथा विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन एवं अन्य समस्त विषय में से अभ्यर्थी को कोई एक चुनना होगा। इसके साठ प्रश्न पूछे जाएंगे। दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम स्तर के होंगे। अभ्यर्थियों को 150 प्रश्नों के हल के लिए डेढ़ घंटे का समय दिया जाएगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि अभी यूपीटीईटी परीक्षा का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। लेकिन, जल्द ही इसके घोषित होने की संभावना है।

News Source : Bundelkhand Samachar Epaper - 13 September 2011
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