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Friday, October 12, 2012

अश्लील एमएमएस भेजा तो जेल इंटरनेट पर अश्लील सामग्री डालना भी पड़ेगा महंगा


अश्लील एमएमएस भेजा तो जेल
इंटरनेट पर अश्लील सामग्री डालना भी पड़ेगा महंगा
 अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जो लोग अपने मोबाइल फोन या इंटरनेट से पोर्न क्लिप दूसरों को भेजते हैं, उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। उनका यह काम अपराध की श्रेणी में शामिल हो गया है। अश्लील एमएमएस या ईमेल भेजने पर अब न्यूनतम तीन साल की सजा हो सकती है। साथ ही भारी भरकम जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
महिलाओं की अश्लील छवि पेश करने पर रोक संबंधी कानून (महिला अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम, 1986) में संशोधन पर कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को मुहर लगा दी है। संशोधन के मुताबिक टीवी कार्यक्रम और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम भी अब इस कानून के दायरे में आएंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई। इस कानून में सरकार ने पिछले 26 वर्षों में पहली दफा
शेष व संबंधित खबर पेज 16 पर
संशोधन किया है। अब नया संशोधन बिल संसद के शीत सत्र में पेश किया जाएगा।
कानून में प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक पहली बार दोषी पाए जाने पर अपराधी को अधिकतम तीन साल की कैद और 50 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है। दूसरी बार अपराध करने वालों को 2 से 7 साल की सजा और एक से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। कानून में संशोधन के बाद इंस्पेक्टर रैंक और इसके ऊपर के अधिकारी ऐसे मामलों में तलाशी और जब्ती कर सकेंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मुताबिक इस संशोधन का उद्देश्य इंटरनेट या मैसेजिंग के जरिए महिलाओं की छवि खराब करने वालों को रोकना है। जब इस कानून को बनाया गया था तब इसके अंतर्गत केवल प्रिंट मीडिया की सामग्री आती थी। इसका मूल अधिनियम 1986 में प्रिंट मीडिया, विज्ञापन, प्रकाशन, लेख और चित्रण में महिलाओं को अभद्रता के साथ पेश किए जाने पर अंकुश लगाने के लिए तैयार किया गया था।






Source :
http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20121012a_001122007&ileft=-5&itop=593&zoomRatio=183&AN=20121012a_001122007
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Really very good step taken by the Government. Abusive / Bad content which can harm to society , Such publishers should be punished.
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Thursday, October 11, 2012

APTET : One recruitment test to hire teachers next year

APTET : One recruitment test to hire teachers next year




Teacher Eligibility and Selection Test (TEST), a single recruitment test, will be conducted for appointment of teachers from next year. At present, candidates have to appear for the DSC teacher recruitment exam and the Teacher Eligibility Test (TET) separately to secure teaching jobs in government schools. Releasing the results of DSC-2012 at the Secretariat on Sunday, the minister for secondary education, Mr K. Parthasaradhy, said the new test will save lakhs of candidates from appearing for multiple tests for the same posts.

“We have released only the DSC written test results now. The final merit list will be prepared after the announcement of TET results soon as 20 per cent weightage has to be given for DSC marks. The merit list will be sent to the respective district collectors,” the minister said. Appointment letters for nearly 30,000 selected candidates will be issued in a month as directed by the CM recently, he said. The government has notified 21,343 posts under DSC for which over 3 lakh candidates have applied. The state government also conducted a written test to fill 7,100 posts in Centre-sponsored model schools coming up in all mandals next year that offer CBSE syllabus in English medium from Class VIII to XII in residential schools. Nearly 95,000 candidates have applied for these posts.


News Source : http://www.deccanchronicle.com/channels/cities/hyderabad/one-recruitment-test-hire-teachers-next-year-229
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Teachers Selection Through - Only ONE EXAMINATION going to start in AP in next YEAR.



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बीटीसी प्रशिक्षण- 2012 हेतु आनलाइन आवेदन पत्र / BTC 2012 ONLINE APPLICATION FORM


बीटीसी प्रशिक्षण- 2012 हेतु आनलाइन आवेदन पत्र / BTC 2012 ONLINE APPLICATION FORM

UP BTC 2012 Recruitment-Application form

बीटीसी ट्रेनिंग सत्र 2012 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अभ्यर्थियों को अपने निवास के जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आवेदन करना होगा। प्रदेश के उन जिलों, जहां स्थापित डायट को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से बीटीसी सीटों की मान्यता प्राप्त नहीं है या वे नवसृजित जिले जिनमें डायट की स्थापना नहीं हो सकी है, उनमें रहने वाले अभ्यर्थी अपने निवास से संबंधित उस जिले में आवेदन करेंगे, जिस अविभाजित पूर्व/मूल जिले का वह हिस्सा है।
अधिक जानकारी के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें।

अधिक जानकारी के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें।
BTCMANUAl/VIGYAPTIBTC2012
अथवा
BTCMANUAl/Instruction
आवेदन पत्र भरने से पहले नियम तथा निर्देशों को ठीक से पढ़ लें।

ऑनलाइन फार्म जमा करने का कार्य तीन चरण में विभाजित है - 
1- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) ।
पंजीकरण के लिए यहाँ क्लिक करें
2- ई-चालान से निर्धारित शुल्क  जमा करना।रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करें एवं उसके  आधार पर केवल स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के  किसी भी शाखा में जाकर आवेदन शुल्क जमा करना।
e-चालान फार्म के लिए यहाँ क्लिक करें
3- आनलाइन आवेदन पत्र भरना।
आवेदन पत्र भरने के लिए यहाँ क्लिक करें

आवेदन पत्र भरने के बाद उसका प्रिंट निकाल लें। आवेदन पत्र,  ई-चालान तथा पंजीकरण फार्म अपने पास सुरक्षित रखें।

NOTE : Information given here is informatory in nature, And candidates are advised to contact relevant authority/ website for any details.

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RTET-2011:द्वितीय लेवल में चार प्रश्न गलत थे


RTET-2011:द्वितीय लेवल में चार प्रश्न गलत थे




जोधपुर.राजस्थान शिक्षक योग्यता परीक्षा (आरटेट-2011) में पूछे गए सवालों के सही उतर जानने के लिए अदालत के आदेश पर गठित विशेषज्ञों की समिति का निर्णय बुधवार को बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन के परीक्षा संयोजक की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट में पेश किया गया। कमेटी ने परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की आंसर की में चार प्रश्नों के उत्तर गलत अंकित होने की बात कही है। इन प्रश्नों तथा प्रश्नों के विषय को गोपनीय रखा गया है।  

रिपोर्ट के अनुसार चार में से तीन प्रश्नों में दिए गए चार ऑप्शन में से गलत उत्तर को सही माना गया। वहीं एक प्रश्न के उत्तर के रूप में चारों ऑप्शन ही गलत थे। प्रार्थी ओमप्रकाश मीणा के अधिवक्ता सुकेश भाटी के अनुसार अदालत ने रिपोर्ट के अनुसार अभ्यर्थियों की अंक तालिकाओं को संशोधित किए जाने की मंशा जताई है।

गौरतलब है कि राइट ऑफ चिल्ड्रन्स टु फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन एक्ट 2009 के तहत तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लिए योग्यता परीक्षा आरटेट-2011 का आयोजन बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन ने किया था। 

इसका परिणाम घोषित होने के बाद हाईकोर्ट में इस परीक्षा में पूछे गए सवालों के गलत ऑप्शन बाबत अनेक याचिकाएं दायर की गईं। जिसकी वजह से प्रार्थीगण की मेरिट पर असर पड़ा। इस तरह के दो सवालों के गलत जवाब बोर्ड ने भी स्वीकार किए तथा उसके अनुसार याचिकाकर्ताओं की मार्कशीट में संशोधन कर मेरिट बदली गई।

बाद में इस तरह की याचिकाओं की बाढ़ सी आ गई। अदालत ने इन सभी शिकायतों की जांच करने के उद्देश्य से बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन को निर्देश दिया कि वह प्रत्येक विषय के लिए विशेषज्ञों की कमेटियां गठित करे

News Source : Bhaskar.com (11.10.12)
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As in RTE implementation teachers vacancies are high and a minor problem invite high number writ petitions.
And it is see every where in India. In UPTET 2011 exam also there was some correction in  result. And now it is seen in RTET also.


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TNTET : Selection Process Through TNTET (Tamilnadu Teachers Eligibility Test )

TNTET : Selection Process Through TNTET (Tamilnadu Teachers Eligibility Test )

 60% Weightage of TET marks in selection process -

Government Order dated 5th October 2012-

Source : http://www.tn.gov.in/gosdb/gorders/sed/sedu_e_252_2012.pdf
See-









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UPTET : अब जवाब दे रहा अभ्यर्थियों का धैर्य


UPTET : अब जवाब दे रहा अभ्यर्थियों का धैर्य



बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का मामला

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का मामला स्केलिंग पद्धति क्यों

* विभिन्न परीक्षकों द्वारा प्रदान अंकों को ही एक मापदण्ड पर परिवर्तित करना ही स्केलिंग है।

* एक पैमाने पर लाने के लिए स्केलिंगे की जाती है।

* तुलनात्मक अध्ययन करके एक पैमाना लाना।

* प्राप्तांक प्रदान करने वालों का आधार एवं मापदण्ड समान नहीं है।बी. सिंह

इलाहाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बीएड योग्यताधारी शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में शासन द्वारा कोई अन्तिम निर्णय न हो पाने के कारण लम्बे अर्से से प्रतीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है। राज्य सरकार पर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि सरकार अब कोर्ट से मिले निर्देश को ही आधार मानकर आगे की रणनीति तय करेगी। फिलहाल हाईकोर्ट ने सुनवाई न करके दूसरी तिथि तय कर दिया है

इससे अब स्पष्ट हो रहा है कि शिक्षकों की नियुक्ति का मामला कुछ समय के लिए और आगे बढ़ सकता है। फिलहाल बेसिक शिक्षा परिषद ने अब एक नया फामरूला शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भेजा है। इसमें स्केलिंग पद्धति मेरिट बनाने के लिए अपनाने को सुझाया गया है

इस फामरूले को अपनाने के पीछे यह तर्क है कि इससे कम अंक पाने वाले यूपी बोर्ड के छात्रों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा जो विश्वविालय अपनी गुणवत्ता बनाने केनाम पर परीक्षार्थियों को तृतीय तथा द्वितीय श्रेणी में अधिक उत्तीर्ण करते हैं उन विश्वविालयों के छात्रों को भी इस स्केलिंग प्रवृत्ति से लाभ होगा


News Source : http://www.dailynewsactivist.com/Details.aspx?article=True&boxid=28181068&ID=21424
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It looks advt. may come after matter is disposed in court and process will be adopted as per directions of court. And time can further extended.
Candidates are waiting from a long time and going to complete 1 Year in this recruitment process.

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UPTET : टीइटी पास बीटीसी अभ्यर्थी करेंगे आंदोलन


UPTET : टीइटी पास बीटीसी अभ्यर्थी करेंगे आंदोलन




कुरावली: कस्बा के मुहल्ला फर्दखाना स्थित युवा भाजपा नेता के आवास पर टीइटी अभ्यर्थियों की बैठक हुई। जिसमें विशिष्ट बीटीसी से होने वाली शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के बढ़ते समय पर रोष व्यक्त किया गया तथा आंदोलन की रणनीति बनाई गई

बैठक में युवा भाजपा नेता अजय सिंह कुशवाह ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा दो बार समय दिए जाने के बावजूद भी अभी तक शासन द्वारा भर्ती प्रक्रिया का कोई विज्ञापन किसी माध्यम से सार्वजनिक नहीं किया गया है। यदि शासन द्वारा ऐसी ही प्रक्रिया अपनाई जाती रही, तो अभ्यर्थी आंदोलन करेंगे। पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान शासन में न्यायालय के निर्देश केवल सूचनाओं तक सीमित रह गये हैं। जिनका अनुपालन शासन द्वारा न करने से क्षेत्र के नौजवानों को भविष्य के लिये संघर्ष करने को विवश होना पड़ रहा है। यदि आगामी बीस अक्टूबर तक शासन द्वारा भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो अभ्यर्थी भूख हड़ताल करेंगे। बैठक को मनोज कुमार, अवनीश कुमार, पंकज मिश्रा और रविप्रताप ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मनोज मिश्रा, विवेक कुमार, कौशलेंद्र शाक्य, प्रवीन यादव, दीपू यादव, अजीत सिंह, अनिल कुमार, रजनीकांत, शैलेंद्र सिंह, दिलीप सिंह सहित आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मनोज मिश्रा ने और संचालन दिलीप सिंह ने किया।



News source : Jagran ( 11.10.12)
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As recruitment matter is extended, many new issues arrive and popup daily.
Each and every candidate think about - How recruitment matter can be converted in his/her side.

Even many different view (from candidates) is going to heard about academic base selection process, and to make consensus is highly difficult.
How many type of selection process is going to heard/ expressed by candidates on blog -
1. TET Merit (procedure was decided and change in rules of game in middle of process is wrong)
2. Gunank Method ( it reduces difference between boards)
However merit and selection process suffers even in decimal points.
3. Flat Merit (HS+Inetr+Grad.+B. Ed) , Some are saying through this UP Board candidate affected heavily.
4. Scaling system , some candidates are saying , How can it possible for different universities.
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As of now, I have not seen new niyamavali/selection process on UP edu. dept. website OR on any authentic info.
If anybody have authentic information then please share on Blog.Thanks.
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UPTET Allahabad Highcourt Hearing on 27th Sept 2012

UPTET Allahabad Highcourt Hearing on 27th Sept 2012



HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

?Court No. - 53

Case :- WRIT - A No. - 39674 of 2012

Petitioner :- Akhilesh Tripathi & Others
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Siddharth Khare,Ashok Khare
Respondent Counsel :- C.S.C.,A.K. Yadav

Hon'ble Arun Tandon,J.
Heard learned counsel for the parties.
Let the matter be put up again on 09.10.2012.
Prayer made on behalf of the State for 15 days' time being granted for publication of the Advertisement is granted. 
Let the State do the needful within the time permitted.
Dated :27.09.2012 
VR/39674/12


Source : http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=2116735
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From case details it is clear a 15 days time is granted from 27th Sept. 2012. It means new advt. may arrive shortly. However advt. for BTC/VBTC candidate already arrived.

There is one more matter about SCALING PROCESS also comes in news, and delay may be possible.
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Monday, October 8, 2012

UPTET - टीईटी से शिक्षक नियुक्ति का खुलेगा पिटारा


UPTET - टीईटी से शिक्षक नियुक्ति का खुलेगा पिटारा


-जिले में 150 अध्यापकों को मिलेगी नौकरी

- 20 अक्टूबर से भरे जाएंगे ऑनलाइन आवेदन


जागरण संवाददाता, सहारनपुर : प्रदेश में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से शिक्षकों की नियुक्ति का पिटारा सोमवार को खुल जाएगा। कुल 9820 पदों में से जिले में 150 शिक्षकों की भर्ती होगी। खास बात यह है कि भर्ती को बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी व उर्दू प्रवीणताधारी ही पात्र होंगे। 20 अक्टूबर से आनलाइन आवेदन पत्र भरे जाएंगे। वर्ष 2012 के अंतिम 40 दिन आवेदकों को नौकरी की सौगात दे सकते हैं।

प्राइमरी शिक्षक की नौकरी के लिए जारी घमासान अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। टीईटी से 72, 825 शिक्षकों की नियुक्ति का मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझा है। हालांकि सरकार द्वारा दिसंबर में जारी विज्ञापन के आधार पर मांगे गए आवेदनों को निरस्त कर नए सिरे से आवेदन लेने का निर्णय लिया है। बीटीसी-2004, विशिष्ट बीटीसी-2007 व विशेष चयन-2008 के अलावा उर्दू प्रवीणताधारी शिक्षकों के लिए अलग से 9820 पद रखे गए हैं। इनमें से जिले को 150 पदों का आवंटन किया गया है।

प्रदेश में एक साथ आएंगे विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, नियुक्ति के लिए प्रदेश में एक साथ सोमवार आठ अक्टूबर को सभी बीएसए द्वारा विज्ञापन जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आनलाइन आवेदन करने होंगे। आवेदन 20 अक्टूबर से शुरू होकर 20 नवंबर तक लिए जाएंगे। पदों के आरक्षण व फीस आदि का विवरण वेबसाइट से मिलेगा।

जिले में आवेदकों की संख्या

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, बीटीसी-2004 के 87, विशिष्ट बीटीसी-2007 व विशेष चयन-2008 के तीन व उर्दू बीटीसी प्रवीणताधारी के 15 डिग्रीधारक हैं। कुल आंकड़ा 138 तक पहुंच रहा है। खास बात यह है कि भर्ती के लिए आवेदक का टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। वर्ष-2012 के अंतिम 40 दिन आवेदकों के लिए नौकरी की सौगात लेकर आ रहे हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, 138 में से टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या करीब 80 है। माना जा रहा है कि यदि अभ्यर्थियों की भर्ती जिलास्तरीय होती है तो सभी 80 आवेदकों की नौकरी पक्की होगी।

क्यों वंचित थे डिग्रीधारक?
बीटीसी-2004, विशिष्ट बीटीसी व उर्दू बीटीसी डिग्रीधारकों को प्रवेश देरी से मिलने के कारण उनका प्रशिक्षण भी देरी से पूरा हुआ, जबकि इनके बैच के 90 फीसदी अभ्यर्थियों को टीईटी लागू होने से पहले ही नौकरी मिल चुकी है

Source - Jagran
6-10-2012
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Many candidate saying that by today new advertisement for B Ed/TET qualified will come.
Where is that advertisement ??

It may be possible that after matter is disposed in HC advertisement may comes. 
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Sunday, October 7, 2012

RTET / 3rd Grade Teacher : ‘Less than 55% marks in TET not eligible for 3rd grade teachers’

RTET 3rd Grade Teacher : ‘Less than 55% marks in TET not eligible for 3rd grade teachers’


Jaipur: Rajasthan High Court on Saturday ordered that the aspirants who have scored less than 55 per cent marks in the Teacher Eligibility Test (TET) are not eligible for appointment in the third grade teachers’ recruitment process

The court also ordered that if a candidate has taken the benefit of reservation before the recruitment process, he can be considered as a candidate in general category, but if, a candidate has availed benefit of reservation in the recruitment process, then he cannot be considered under the general category

The court also directed the state government to follow the orders within three months. The order was passed by single-member bench of justice Manish Bhandari while hearing a petition filed by one Vikas Kumar and others. The court observed that only the NCTE can decide the eligibility criteria for appointment of third grade teachers.


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On website of UP basic Education Department - A List of Advocates also shown

On website of UP basic Education Department - A List of Advocates also shown

Huge pool of advocates ( 62 + some more) will handle Basic Education Dept. related matters in UP

http://www.upbasiceducationboard.in/(S(ymu1izqbxgc02k2ytrbb4455))/advocate_list_2012-13.docx






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UPTET : BTC / VBTC / BTC Urdu Recruitment Advertisement Merrut

UPTET : BTC / VBTC / BTC Urdu Recruitment Advertisement Merrut 


Mr Rahul Singh pasted information on Facebook wall -

Rahul Singh
नया टीईटी पास बीटीसी , वि.बीटीसी एवँ उर्दू बीटीसी वालोँ के लिए प्रथम आवेदन मेरठ से ....



As per advt., It is for those who already trained in BTC Course/VBTC Course etc. If any better interpretation you have, Please make it through comments.

Always confirm details from relevant authority/ department.

I have not seen ONLINE Advt. on website. So check and confirm details from news paper / website as well and contact to DIET Merrut.
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UPTET - यूपी में विशिष्ट बीटीसी करने के बाद भी शिक्षक बनने की गारंटी नहीं होगी

UPTET - यूपी में विशिष्ट बीटीसी करने के बाद भी शिक्षक बनने की गारंटी नहीं होगी




































यूपी में विशिष्ट बीटीसी करने के बाद भी शिक्षक बनने की गारंटी नहीं होगी। ट्रेनिंग करने वालों को विशिष्ट बीटीसी का केवल प्रमाणपत्र मिलेगा। इसके बाद उन्हें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए अलग से आवेदन करना होगा। इसमें चयनित किए जाने वालों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाएगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है और इस पर लगभग सहमति बनती दिख रही है। विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया के लिए जारी किए जाने वाले शासनादेश में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी है। बीटीसी दो वर्षीय कोर्स है और विशिष्ट बीटीसी छह माह का कोर्स है। बीटीसी करने की योग्यता स्नातक और विशिष्ट बीटीसी की बीएड है। प्रदेश में अभी तक विशिष्ट बीटीसी करने वालों को कोर्स समाप्त होने के तुरंत बाद प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाता रहा है पर इस बार विशिष्ट बीटीसी का कोर्स करने वालों को सहायक अध्यापक तुरंत नहीं बनाया जाएगा। शासन स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श के दौरान यह बात सामने आई कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण भी केवल कोर्स है और इसे करने वाला केवल आवेदन करने के लिए पात्र माना जा सकता है इसलिए सीधे शिक्षक नहीं बनाया जा सकता है।

शासन स्तर पर हुई बातचीत के बाद बेसिक शिक्षा परिषद से प्रस्ताव मांगा गया था। सूत्रों का कहना है किबेसिक शिक्षा परिषद से भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक यूपी में 72 हजार 825 शिक्षक पदों पर होने वाली भर्ती इसकी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी। टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होगी। इसके बाद वे शिक्षक पद के लिए निकलने वाली भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के लिए आवेदन इसी माह लेने के लिए शासनादेश अगले हफ्ते जारी किए जाने की तैयारी है


Source - Amar Ujala
7-10-2012
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It is really a shocking NEWS, It looks matter will be continued in court and recruitment happens after matter is finalized in court and accordingly recruitment procedure shall starts.

However training is itself a good news, At least time will be saved to make appointments. Good for  candidates, Govt., students. 
And a data bank of teachers will also generate, so that shortage of teachers can be handle through such data bank.
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Saturday, October 6, 2012

Kerala TET : Only 8,000 passed in first K-TET


Kerala TET : Only 8,000 passed in first K-TET

TET Exam Result of Kerala News -
As many as 8,000 candidates have passed in the first Kerala-Teachers Eligibility Test (K-TET) conducted by the Education Department. In the LP (category I), out of the total 43,561 candidates who registered, 3,956 passed making the pass percentage 9.48. In the UP (category II), the pass percentage is 4.19 and in the high school (category III) it is 3.17 percent.
 In the UP category, 58,375 candidates had appeared out of which 2447 passed and in the high school category, out of the 50,662 who attempted the exam, 1607 passed. The results have been uploaded by the Pareekshabhavan in the website www.results.itschool.gov.in.
 The Exam Board has decided to award the toppers, who bagged 80 percent above in the first K-TET, with a cash prize of Rs 20,000. This will be awarded to Jithinjith P A (Wayanad), Ann Mary Joy (Kottayam) and Minu G S (Thiruvananthapuram). The candidates will now have to submit their original documents in the office of the Educational officers in their respective districts for verification to ensure eligibility

Source : http://ibnlive.in.com/news/only-8000-passed-in-first-ktet/298104-60-123.html / IBNLive  ( 6.10.2012)
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In all the states , UP shows a very high pass percentage in UPTET 2011 (Approx 45% candidates passed)
Now it will be great to see - If UPTET 2012 repeat the same pass percentage OR not.

Important Points -
In the LP (category I), out of the total 43,561 candidates who registered, 3,956 passed making the pass percentage 9.48.

The Exam Board has decided to award the toppers, who bagged 80 percent above in the first K-TET, with a cash prize of Rs 20,000

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K-TET / Kerala TET : Quality of state's teachers leaves a lot to be desired

K-TET / Kerala TET : Quality of state's teachers leaves a lot to be desired

THIRUVANANTHAPURAM: Kerala's supposed educational prowess took another blow when results of the Teachers' Eligibility Test (TET), mandatory under the Right to Free and Compulsory Education Act, were announced on Thursday. The state's performance is below the already dismal national average of 7%.


Just 9.48% candidates in the lower primary category cleared the test, while 4.19% passed in the upper primary category. In the high school category it was a dismal 3.17%. The board which conducted the exams has announced a cash award of Rs 20, 000 for those who bagged over 80% marks in the TET. Jithinjith P A (Wayanad), Ann Mary Joy (Kottayam) and Minu G S (Thiruvananthapuram) are eligible for the awards. The marks bagged by each candidate have been published on http://www.results.itschool.gov.in.


Education minister P K Abdu Rabb didn't seem unduly concerned with the bad showing. "The results do not mean that the standard of candidates is poor. Numerous issues were raised regarding the test by the teachers
, including little preparation time. Those who could not clear this will have their chance again after three months when the next test will be held," he told TOI.


Source : http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-10-05/kochi/34279116_1_education-minister-teachers-eligibility-test-cash-award / Times of India ( 5.10.12)
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Result is very poor and low number of candidates passed. I felt in UP, UPTET 2011 pass pecentage is very very high compared to other states.

Cash prize of Rs. 20,000 is announced for those who got more than 80% marks in TET Exam.


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BLOG's FB PROFILE

BLOG's FB PROFILE


Blog's Facebook (FB) Profile is  - http://www.facebook.com/uptet.prt.9

More than 4000 people added.


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UPTET : Allahabad Highcourt Hearing Regarding Advertisement of 72825 Posts

UPTET : Allahabad Highcourt Hearing Regarding Advertisement of 72825 Posts


Case :- WRIT - A No. - 29 of 2012

Petitioner :- Shiv Prakash Kushwaha
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- S.K. Mishra
Respondent Counsel :- C.S.C.,K.S.Kushwaha,R.A. Aktar,Rajeshwar Singh

Hon'ble Arun Tandon,J.
Counsel for the petitioner Shri S.K.Mishra submits that prayer no. 1 in the present petition has become infructuous in view of the fact that the Advertisement has already been withdrawn.
So far as the prayer no. 2 is concerned, it is submitted that the State may be asked to publish the Advertisement and at that stage petitioner if required the petitioners shall press for prayer no. 2.

On his request the case is adjourned for ten days.
List on 09.10.12.
Dated :27.09.2012
Source : http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=2118372
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From this judgement it appears that advertisement ( due to inappropriate etc. as some issues raised by petitioner Kapil Yadav) is withdrawn and therefore prayer (concerned issues)  is infructous.

Next date is 9th October 2012.

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UPTET : News About Merit / Formula / Advertisement

UPTET : News About Merit / Formula / Advertisement 
(Shared By Mr. Vikram )




I dont know news is fake OR not.
But I got email  : -
From: <vikramyadav265@gmail.com>
Date: 2012/10/2
Subject: Important UP Tet news
To: Muskan24by7@gmail.com

Chayan ka adhar 2007 and 2008 jaisa hoga by vikram yadav
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UPTET : मेरिट के आधार पर हों भर्तियां टीईटी संघर्ष मोर्चा ने भरी हुंकार


UPTET : मेरिट के आधार पर हों भर्तियां टीईटी संघर्ष मोर्चा ने भरी हुंकार




फतेहपुर। टीईटी उत्तीर्ण एकता संघर्ष मोर्चा एक बार फिर से टीईटी की मेरिट के आधार पर टीचरों की भर्ती कि ए जाने की मांग उठाई है। शुक्रवार को नहर कालोनी में हुई मार्चा की बैठक में मांग न मानी जाने पर 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा का खुलकर विरोध करने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में होने वाली 72825 टीचरों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर की जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद मोर्चा सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने के लिए मजबूर होगा। बैठक में जिला महामंत्री फूल सिंह यादव ने कहा कि टीचरों की भर्ती टीईटी के मेरिट के आधार पर होनी चाहिए। अगर प्रदेश सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो लोकसभा चुनाव में मोर्चा सपा का खुलकर विरोध करेगा। बैठक में संतोष पाल, मनीष श्रीवास्तव, अरुण गर्ग, धर्मेंद्र यादव, अनिल, संगीता परिहार, योगमाया बाजपेई, स्वाति तिवारी, माया बाजपेई, शिवशंकर गुप्ता, सत्येंद्र निषाद, जौहरी कटियार आदि मौजूद रहे


News Source : Amar Ujala (6.10.12) / http://www.amarujala.com/city/Fatehpur/Fatehpur-99723-36.html
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Selection process going to be highly complicated. Many of candidates support old advertisement and many of candidates waiting for new advertisement.

It looks if advertisement not comes by the hearing of court on 9th Oct. 2012 then hearing may be extended.

Share your opinion through comments.
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Friday, October 5, 2012

Marking of Different Boards - IIT Selection Process

Marking of Different Boards - IIT Selection Process


See - http://www.cobse.org/BOARD_2012PSCORE.pdf

Council of Boards of School Education in India (COBSE)  is engaged in selection process/pattern of IIT




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See the letter of COBOSE about selection pattern of IIT


CENTRAL BOARD OF SECONDARY EDUCATION
(An Autonomous Organisation under the Union Ministry of Human Resource Development Govt. of India)
“SHIKSHA KENDRA”, 2, COMMUNITY CENTRE, PREET VIHAR,  DELHI – 110092             


See the letter of COBOSE about selection pattern of IIT 

Dated: 14th September, 2012
Dear Sir/Madam,
Subject: Joint Entrance Examination (JEE) - 2013 for Admission to Undergraduate Engineering Programmes in IITs, NITs and other Centrally Funded Technical Institutions, etc.
This is in continuation of our detailed deliberations held in the meeting organized by the COBSE on 28th
June, 2012 and further discussion held with the Councils of IITs, NITs and IIITs. After extended deliberations, it has been decided to hold a Joint Entrance Examination (JEE) -  2013 for Admission to Undergraduate Engineering Programmes in IITs, NITs and other Centrally Funded Technical Institutions, etc. in two parts  - JEE(Main) and JEE(Advanced).
The  members of the IITs, NITs and IIITs council were of the opinion that the importance of the schooling system needs  to be revived in larger public interest by giving due weightage to the performance of students in Class XII Board examinations and at the same time maintain the credibility and integrity of admissions to higher institutes of technical education.
The revised scheme of examination is as follow:
ÿ Name of the examination shall be Joint Entrance Examination(JEE)
ÿ JEE shall be held in two parts — JEE (Main) and JEE (Advanced).
ÿ Now, AIEEE will be known as JEE(Main) and IIT-JEE as JEE(Advanced)
ÿ All candidates shall take JEE (Main). JEE (Main) shall be gateway for JEE (Advanced)
ÿ Only the top 150,000 candidates (including all categories as per reservation policy) based on
performance in JEE (Main), will qualify to appear in the JEE (Advanced) examination. Admission to IITs
will be based only on category wise All India Rank in JEE(Advanced), subject to condition that such candidates are in the top 20 percentile of successful candidates in Class XII examination conducted by 
their Boards in applicable categories.
ÿ For admission to National Institutes of Technology (NITs), Centrally Funded Technical Institutions (CFTIs) like IIIts etc. and  participating Institutions; the merit/rank list shall be prepared based on 40 per cent  weightage to school board marks and 60 per cent weightage to JEE(Main).
The weightage to school Board marks shall be considered only after normalisation of the marks awarded by different Board.
ÿ In case any State opts to admit students in the engineering colleges affiliated to State Universities where
States require separate merit list to be provided based on the relative weightages adopted by the States,
then the merit list shall be prepared with such relative weightages as may be indicated by States.
ÿ Those students who have appeared in the Class XII Board examinations in 2012 and wish to improve
upon their performances can appear in all subjects as per Scheme of Studies again for the Board
examinations in 2013.  All Boards would make appropriate arrangements to facilitate this through a
special dispensation.

Source : http://www.cobse.org/LETTER_JEE_2013.pdf

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COBSE supports the reforms in IIT JEE


COBSE supports the reforms in IIT JEE

The three day meeting of Council of Boards of School Education in India (COBSE) convened in capital today to discuss National curriculum Framework 2005 in collaboration with NCERT, examined the issue of IIT examination policy where it has been decided that only those students who get 60% or more marks at the class 12 will be eligible for competing in the entrance test of IIT.

COBSE felt that the decision will help and strengthen class 12th examination conducted by various school Boards in the country. This will give greater importance and focus to the studies at senior secondary level. Thus, the serious students with appropriate attitude and aptitude will be eligible to compete for IIT examinations. It will also dissuade many from entering into coaching institutions. At present it is not the best talent but the best coached student which achieve success in the JEE. It is resolved that this policy be implemented by the IITs in order to strengthen the studies at +2 level. The meeting is being attended by the Chairmen and the Secretaries of various school boards of the country.


Source : http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=12026 (15 Sept 2012)
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School Boards to announce percentile of top 20 students in a week


New Delhi: School Boards across the country today decided to make available the percentile of top 20 candidates within seven days to help students get a clear picture of the marks required to be eligible for IIT entrance.

Reaching a compromise formula, the IIT council had yesterday announced that admission to IITs from 2013 would be based only on rank achieved in the advance test and selected candidates would be in the top 20 percentile of successful ones of their boards.

The representatives of the school Boards assembled here today for the Council of Boards of School Education (COBSE) meet, an apex body of all the boards, councils of secondary, senior education in the country.

"It was decided that the equivalent percentage of marks for top 20 percentile students would be available (within 7 to 10 days) to students so that they are able to know the percentage of marks that will make them eligible for IIT Entrance," said a statement after the meeting.

The meeting was called to discuss operational issues arising out of the decision by the IIT Council.

In all, 20 of 29 boards? chairpersons and representatives were present during which they "wholeheartedly supported the idea of giving weightage to the Boards Examinations? Results and were of the view that this will definitely strengthen the school education," the statement added.

To ensure the new format functions smoothly, the boards decided to declare their results before June 10 and will complete the revaluation work within June 30 of the year.

The members at COBSE, who supported the new common entrance format, suggested that the joint Admission Boards (JAB) of IITs may be co-opted as member of COBSE.


It was also decided that detailed guidelines will be issued by COBSE to the Boards informing them about details of new schemes and various responsibilities expected of them.

National Informatics Centre was requested to prepare a common format based on current format of results by the different Boards so that data could be transferred by the Boards to the professional examination organizing bodies.

The COBSE meeting also agreed to provide secured and category-wise data of OBC/SC/ST and general candidates for the ensuring efficiency in the new entrance exam format.

Discussing about other issues, the meeting reiterated the earlier decision to allow improvement in all five subjects to a student who has taken the board examination this year.

"This will help the students who appeared this year\'s Board Examination but want to improve their performance in order to be able to compete well in 2013 examinations," the statement said.
(PTI)

Source : http://www.news4education.com/article.php?id=9376 
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About Scaling of marks in UPSC Selection Process

About Scaling of marks in UPSC Selection Process

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Source : http://www.rti.india.gov.in/cic_decisions/CIC_SM_A_2012_000135_M_79899.pdf

According to the UPSC, if the cutoff marks,   the   individual   marks   and   the   key   answers   to   the   questions   were disclosed, it would enable unscrupulous candidates to reverse engineer and arrive at the scaling system which was a carefully guarded secret. According to the UPSC this would undermine the very object of selecting the best candidate. It was further argued before the learned Single Judge that the disclosure of the cut off marks or the scaling method would enable short cut techniques by coaching institutes
which would  reduce the examination process to the level of mere surmising rather than  being  a test  of  substantive  knowledge.  The  UPSC  also  provided the learned Single Judge information concerning the screening methodology in a sealed cover.

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RTI Decision -

12. The Examination Process qua the RTI Applicant Ms. Shipra Sud has come to an end once the Mains Examination for 2011 has begun and she has not been found fit to continue in the 3 stage selection process. We do not agree with the UPSC that  disclosure  of the  details  of marks  and the  answer  sheet  (OMR 
sheet) could potentially stall the entire examination process.  The anticipation that candidates can, armed with such information, approach higher courts and obtain   stay   of   the   entire   examination   process   or   get   orders   to   include themselves is far­fetched.   This would amount to fearing that higher  courts
would not apply their minds when confronted with pleas from candidates and would mechanically pass orders derailing the examination process or confer benefits on undeserving candidates.
13. With these directions, the appeal is allowed. The copies of the order may be given to the parties free of cost.

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The Whole Judgment in CIC (Against RTI Application )

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UPTET - October 5 2012 An Overview of State of Affairs on Recruitment of 72825 Trainee Teachers in Uttar Pradesh (Article by Mr. Shyam Dev Mishra )

October 5 2012 An Overview of State of Affairs on Recruitment of 72825 Trainee Teachers in Uttar Pradesh  (Article by Mr. Shyam Dev Mishra )



उत्तर प्रदेश में 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती : सरकार से न निगलते बन रही न उगलते!
इस लेख के प्रारंभ में ही स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि यह लेख केवल उनके लिए है जो टी.ई.टी. मेरिट के आधार पर 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए 29 /30 नवम्बर और बाद में 2 दिसंबर 2011 को प्रकाशित संशोधित विज्ञप्ति के आधार पर भर्ती के पक्षधर है, तार्किकता और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, न्यायपालिका में पूर्ण आस्था रखते हुए मानते हैं कि अगर लड़ाई लड़ी गई तो न्याय जरूर मिलेगा और इस लड़ाई को सार्थक मानते हैं. भिन्न मत वाले, जो सार्थक और तार्किक बहस में विश्वास रखते हैं, वे भी अगर मेरी जानकारी या राय में कोई वृद्धि या संशोधन करें तो मैं उनका भी स्वागत करता हूँ पर मात्र अपने स्वार्थ या दुराग्रह के कारन अपना राग अलापने पर आमादा महानुभाव इसे पढने में अपना समय न व्यर्थ करें तो उनके लिए उपयुक्त होगा.
वास्तव में कहूं तो मेरी यह यह पोस्ट स्थिति से पूर्णतया अवगत जानकार साथियों के लिए नहीं , उन आम अभ्यर्थियों के लिए हैं जिनकी काल्स, संदेशों और चैटिंग का अपनी व्यस्तता के कारण मैं उत्तर देने में अक्षम रहता हूँ.
पिछले 8 महीने से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चल रहे 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती से सम्बंधित तमाम मुकदमों में अबतक के नतीजे अभ्यर्थियों के लिए सकारात्मक नहीं, निराशाजनक ही रहे हैं. वहां किये गए प्रयासों के गुण-दोष की समीक्षा बेमानी है क्यूंकि कोई खुद को कितना बड़ा भी कानूनी पंडित , विश्लेषक, सटीक पूर्वानुमानकर्ता या भविष्यदृष्टा क्यूँ न बताये , इलाहाबाद में आज जो स्थिति है , उसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी, फिर इसका ठीकरा कोर्ट केसेज देख रहे चंद सक्रिय साथियों पर फोड़ना उनके साथ ज्यादती होगी. वैसे भी कुछ न करने वालों , (इनमे अगर आप मुझे भी शामिल करें तो मैं आपत्ति नहीं उठाऊंगा) से गलती हो ही नहीं सकती और वे दूसरों पर ऊँगली उठाने को पूर्णतया स्वतंत्र होते हैं. परन्तु वास्तव में काम करने वाले को ही उस दबाव का अंदाज़ा होता है जो हजारो-लाखों लोगो की अपेक्षाओं से बनता है, सही इरादे से भी उठाए गए किसी कदम के भी गलत परिणाम गलते की आशंका से बनता है, स्वयंभू फेसबुकिया विद्वानों की तरह पल पल स्टैंड बदलने और जरुरत पड़ने पर उसे भूलकर अगले ही पल नया स्टैंड ले लेने की स्वतंत्रता भी इन्हें नहीं होती.
निराश हो चले साथियों से केवल इतना कहूँगा कि अगर सरकार के खिलाफ भी हमारी लड़ाई पिछले 9 महीने से जिन्दा है तो यह हमारे पक्ष की मजबूती का ही नतीजा है. दूसरा जब आपको विश्वास है कि आपके साथ अन्याय हुआ है तो उसके विरुद्ध लड़ना ही पौरुष है.
लखनऊ उच्च न्यायालय में अरविन्द सिंह जी और उनके साथियों द्वारा दायर मुक़दमे में कोर्ट में सरकार द्वारा एक हफ्ते में जवाबी हलफनामा न दाखिल करने की स्थिति में अंतरिम राहत की याचिका को निस्तारित कर देने की चेतावनी निस्संदेह जहाँ इलाहाबाद के घटनाक्रम से निराश अभ्यर्थियों के लिए संजीवनी सिद्ध हुई है, वहीं मदांध सरकार के लिए एक कडवे सच से साक्षात्कार ! शायद सरकार को अब आभास हो कि राज सरकार का नहीं, असल में कानून का होता है, जो न्याय और सत्य के लिए है न कि व्यक्तिगत और राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए.
इस याचिका में सरकार द्वारा हाल में किये गए पन्द्रहवें संशोधन के मार्फ़त टी.ई.टी. मेरिट के स्थान पर एकादेमिक प्रदर्शन के आधार पर बनाये गए गुणांक मेरिट के फार्मूले को राज्य में संचालित अलग-अलग बोर्डों, विश्व-विद्यालयों की परस्पर भिन्नता वाली मूल्याङ्कन-पद्धति का हवाला देते हुए सिरे से अतार्किक और अव्यवहारिक बताते हुए इस संशोधन को ही निरस्त करने की मांग भी की है. इस याचिका का जवाब देने में शायद सरकार को इतनी परेशानी हो रही है कि पिछले आठ महीने में पहली बार इस मामले में स्केलिंग की सम्भावना तलाशने की खबर अख़बारों में स्पष्ट तौर पे जताई गई. पर यहाँ सरकार एक और नए मकडजाल में उलझने जा रही है. असल में मुद्दा यहाँ बेहतर प्रक्रिया के निर्धारण का नहीं, टी.ई.टी. मेरिट के आधार पर चयन के लिए प्रारंभ की गई एक विधि-सम्मत , वैध और तर्कसंगत प्रक्रिया में निहित राजनैतिक स्वार्थों के लिए परिवर्तन करने की सरकार की नीयत, शक्ति, वैधता और सामर्थ्य का है. पर अगर देखा भी जाये तो अब तक अगर कही हुआ है तो स्केलिंग पद्धति का प्रयोग अभी तक अर्हता निर्धारण यानि कट-ऑफ निर्धारण के लिए होता आया है, चयन के आधार के रूप में नहीं. आप किसी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उ.प्र. बोर्ड के 60% और सी.बी.एस.ई. बोर्ड के 80% को को अर्ह मानते हैं तो सम्बंधित बोर्डों के इस से अधिक अंक पाने वाले सभी अभ्यर्थी अर्ह माने जाते हैं. पर अगर आप किसी चयन के लिए स्केलिंग को अपनाते हैं तो इस मानक के आधार पर जब यू.पी. बोर्ड का 1 प्रतिशत अंक सी.बी.ई.सी.बोर्ड के 1.33 प्रतिशत अंक के बराबर है, ऐसे में तो यू.पी. बोर्ड में 90 प्रतिशत अंक पाने वाले अभ्यर्थी को पछाड़ने के लिए बेचारे सी.बी.एस.ई. वाले अभ्यर्थी को तो 120 प्रतिशत की जरूरत होगी जो असंभव है. साथ ही बी.एड. में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के आधार पर 12, 6 और 3 गुणांक देने के लिए क्या सरकार यह फिर से तय करने की हैसियत में होगी कि फलानी युनिवेर्सिटी में 60 प्रतिशत एवं ऊपर वालों को प्रथम श्रेणी, 45 प्रतिशत एवं ऊपर वालों को द्वितीय श्रेणी और 33 प्रतिशत एवं ऊपर वालों को तृतीय श्रेणी में रखा जायेगा और फलानी यूनिवर्सिटी के ये प्रतिशत क्रमशः 80, 55 एवं 40 होंगे? फिर तो विभिन्न विश्व-विद्यालयों की उपाधियों में भेद-भाव का एक नया मामला बनेगा और जिन युनिवर्सिटियों के छात्र इस वजह से पिछड़ेंगे, वो क्या कोर्ट केसेज की झड़ी नहीं लगा देंगे? वैसे यह अभी एक सम्भावना मात्र है पर आशा है कि हमारी चुनी हुई सरकार भी इस नज़रिए से मामले को देखेगी.
हाल ही में जिस प्रकार से नियुक्ति के स्थान पर फिलहाल VBTC प्रशिक्षण के लिए विज्ञापन आने कि सम्भावना के मद्देनज़र टी.ई.टी. फेल बी.एड. धारकों ने इस में आवेदन करने का जो दावा पेश किया है, वर्तमान नियमों के हिसाब से उसमे काफी वज़न है क्यूंकि वाकई में नियमावली के अनुसार प्रशिक्षण के लिए सरकार न टी.ई.टी. अर्हता मांग सकती है न ही टी.ई.टी. फेल बी.एड. वालों को इसमें बैठने से रोक सकती है.
पर यह तो मात्र एक शुरुआत है, लड़ाई अभी बाकी है. पिछले 8 महीने में स्थितियों में नाटकीय परिवर्तन हुए है, हमें भविष्य में आ सकने वाली हर संभावित किसी अनिश्चितता, किसी भी संभावना का अंदाजा लगाना होगा, उसके संभावित दुष्परिणामों का आंकलन करना होगा और समय रहते संभावित समाधान और विकल्प तलाश कर, अवसर उत्पन्न होते ही तत्काल उसके प्रतिकार के लिए समर्थ और सन्नद्ध रहना होगा. इस स्थिति में केवल अपने विचारों पर अड़े रहने की हठधर्मिता, दूसरों के विचारों को बिना विचार किये नकार देने की वैचारिक कूपमंडूकता और व्यक्तिगत अहम् के टकराव के कारण किसी व्यक्ति को साथ न लेने वाली छुआ-छूत संगठन और एकता के लिए बहुत खतरनाक सिद्ध हो सकती है.
आज मुकदमों की स्थिति को लेकर कानूनी राय बंटी हुई है. व्यक्तिगत पसंद को परे रखकर, शुद्ध कानूनी रूप से स्थिति के आंकलन, संभावित विकल्पों की तलाश, संगठन को बचाए रखने और प्रदेश भर के अभ्यर्थियों का विश्वास और मनोबल बनाये रखने और भिन्न-भिन्न राय रखने के बावजूद इस लड़ाई से जुड़े हर साथी को साथ रखने, और इस लड़ाई के हर गंभीर मोर्चे पर लड़ रहे साथियों को हर संभव सहयोग करने के उद्देश्य से दिल्ली में पिछले महीने 16 व 17 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट के वकील श्री आनंद मिश्रा जी की मौजूदगी में हुई दो-दिवसीय खुली और पारदर्शी बैठक काफी हद तक सफल हुई, ध्यान दें कि ये मीटिंग किसी कमिटी की नहीं, इस लड़ाई से नौकरी पाने के लिए आशावान और लड़ने के लिए तैयार हर आम अभ्यर्थी की मीटिंग थी, जिसमे प्रदेश भर से 50 से अधिक साथी आये, वकील साहब की मौजूदगी में अपने विचार रखे, अपनी शंकाएं रखी और इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही की अपनी जिद पर अड़े रहने के बजाय हर आगंतुक ने स्थितियों के अनुसार अपने रुख में लचीलापन रखने और तदनुसार निर्णय लेने और बदलने पर सहमति दी. इस मीटिंग में भाई विवेक सिंह (प्रतापगढ़), रत्नेश पाल (कानपूर), देवेन्द्र सिंह (दिल्ली), एस.बी.सिंह (दिल्ली), आनंद तिवारी (दिल्ली), प्रमोद पाण्डेय (दिल्ली), कुमार नीरज (दिल्ली), शिव कुमार (गाज़ियाबाद), विजय सिंह तोमर (कानपूर), अलकेश प्रजापति (दिल्ली), विपिन तिवारी (प्रतापगढ़), अमित मिश्रा (औरैय्या), नीलेश पुरोहित (ललितपुर) के साथ साथ हरीश गंगवार (बरेली), के साथ साथ विकास कुमार. सुरेन्द्र सिंह सहित मेरठ, हापुड़ और तमाम जिलो के प्रतिनिधि थे. इस मीटिंग ने एक ऐसा समूह खड़ा करने में मदद की जो इस बड़ी लड़ाई के हर मोर्चे को मजबूती देने के प्रयास में तो रहेगा ही, आवश्यकता पड़ने पर स्वयं भी एक्शन लेने में परहेज नहीं करेगा. जरुरी हुआ तो इलाहबाद और लखनऊ या कही भी, किसी भी याची के साथ जुड़ने को तैयार है अगर जीत के लिए ऐसा करने को तैयार है, पर आवश्यकता पड़ने पर स्वयं भी एक्शन लेने में परहेज नहीं करेगा. इसकी पारदर्शिता, खुलापन और लचीलापन ही इसकी शक्ति है और इसके प्रति अल्पकाल में लोगो में इसके प्रति विश्वास और उनके समर्थन का कारण, क्यूंकि यह किसी से अलग नहीं, सबके साथ है. मीटिंग में आये साथियों के साथ साथ, तमाम साथी जो चाहकर नहीं आ पाए, उन्होंने भी इस लड़ाई में वैचारिक और आर्थिक सहयोग तक किया, (दिल्ली में मिले जिन साथियों के नाम यहाँ नहीं हैं, उनका महत्त्व किसी भी प्रकार से कम नहीं होता, पर अगर आप यह पोस्ट पढ़ रहे हैं तो कृपया एक कमेन्ट द्वारा अन्य को अवगत कराएँ) ).
इस मीटिंग से यह स्पष्ट हुआ कि यदि एक आम अभ्यर्थी को विश्वास हो जाये की उसकी लड़ाई इमानदारी से लड़ी जा रही है तो वह हर संभव सहयोग करने को तत्पर है और आर्थिक तंगी इस लड़ाई में बाधा नहीं बनेगी. इस मीटिंग के परिणाम स्वरुप न सिर्फ तत्कालीन स्थिति के अनुसार आनन्-फानन में सुप्रीम कोर्ट में सीधे विशेष अनुमति याचिका दाखिल करने के बजाय पहले हाईकोर्ट में डिविजन बेंच में स्पेशल अपील का परिणाम देखने की सहमति बनी.
19 व 20 सितम्बर को इलाहाबाद के कई वकीलों से गहन विचार-विमर्श के अलावा शीर्ष कानूनी दिग्गज आर. के. जैन साहब से इस मुद्दे पर रत्नेश पाल, पुनीत सिंह (प्रतापगढ़) शलभ तिवारी (हरदोई), विनोद सिंह व अवधेश तिवारी (इलाहाबाद), धर्मेन्द्र श्रीवास्तव (उन्नाव) व मेरी उपस्थिति में एक पारदर्शी विचार-विमर्श हुआ, जिसमे उन्होंने हाई कोर्ट में स्पेशल अपील अभी न करने और विज्ञापन आने के बाद ही कोई कदम उठाने की सलाह दी. इसी बीच देवरिया के भाई प्रियरंजन वर्मा जी ने अपने मामा जी, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता, भारत सरकार, श्री अमरेन्द्र शरण जी से इस मामले की चर्चा के बाद हम सबको बताया कि अभी विज्ञापन आने के पहले कुछ करना सही नहीं होगा. उनके मामाजी के विचार से हमें अपनी लीगल रिमेडीज यानि कानूनी उपचार के अवसर कम नहीं करने चाहिए अर्थात, सिंगल बेंच, डबल बेंच और फिर आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. पर दिल्ली के वकील द्वारा विज्ञापन निकलने के पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट आने की सलाह दी गई. ऐसी स्थिति में कोई सलाह अंतिम नहीं मानी जा सकती थी, अपने पास उपलब्ध सीमित समय, सीमित संसाधन और सीमित विकल्पों का शत-प्रतिशत प्रयोग अपरिहार्य था, साथ ही इस काम के लिए आ रहा पैसा कोई हराम का पैसा नहीं था जिसे मनमाने और हलके तरीके से बर्बाद कर दिया जाये. यहाँ पर अलग-अलग तरीकों से लड़ रहे साथियों ने भी अपने लक्ष्य को प्रमुखता देते हुए एक-दुसरे का सहयोग किया जो एक बड़ी उपलब्धि थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट में जहाँ भाई सुजीत सिंह ने भाई रत्नेश पाल की कई मुश्किलों के समाधान में सहयोग किया तो वही भाई सुजीत सिंह के द्वारा डिविजन बेंच में स्पेशल अपील के लिए धन की कमी बताये जाने पर दिल्ली में हुई उपरोक्त मीटिंग में आये सदस्यों की सहमति से अविलम्ब आनंद तिवारी जी के खाते में इकठ्ठा सहयोग राशि से उनकी जरुरत पूरी की गई. इस मीटिंग में आये साथियों ने हरदोई के साथियों द्वारा लखनऊ में दायर याचिका की जानकारी मिलने पर उनसे स्वयं संपर्क कर उनको विश्वास दिलाया और यह सुनिश्चित किया कि उनको हर संभव आवश्यक सहयोग समय पर मिले. वैसे इन साथियों का प्रयास साधुवाद का पात्र है. आनंद तिवारी के खाते में आये एक-एक पैसे का हिसाब हम सबके पास है जो कभी भी सार्वजानिक किया जा सकता है. साथ ही बताना चाहूँगा कि इस काम के लिए 3 दिन इलाहाबाद में रुके रत्नेश पाल और उनके साथियों द्वारा इलाहाबाद आने जाने, ठहरने और खाने के नाम पर एक भी रुपया इस कोष से नहीं लिया गया. आगे भी जरुरत पड़ने पर और आवश्यक होने पर हम अपने किसी मोर्चे को मजबूत करने के लिए सहयोग को प्रतिबद्ध हैं. पारदर्शिता हमारी पहली और आखिरी शर्त है. इस समूह की उपरोक्त गतिविधियों की पुष्टि सम्बंधित साथियों से कोई भी कर सकता है. यह साथी नाम के लिए नहीं, मात्र काम के लिए सक्रिय हैं . ये सुप्रीम कोर्ट में सीधे कूद पड़ने को आतुर लोगो की नहीं, स्थिति के अनुसार किसी भी हद तक अपने रूख में लचीलापन रखने को तैयार लोगो का एक गंभीर प्रयास था और एक अदृश्य कारक की तरह इस आन्दोलन को जिन्दा रखने का छोटा सा ही सही, पर ईमानदार प्रयास है.
वैसे तमाम ईमानदार प्रयासों की आड़ में या इनके साथ, रिटों का मार्केट इलाहाबाद से लेकर लखनऊ तक गरमा गया है. सबकी रिटों के अपनी-अपनी यूएसपी है, अनमैच्ड फीचर हैं, किसी में कॉम्बो ऑफर है तो किसी में अर्ली-बर्ड ऑफर. किसी ऑफर में “जो-आएगा-वोही-पायेगा” की “शर्तें लागू” हैं तो किसी में ग्रुप में आने पर “ग्रुप-डिस्काउंट” तक मिल रहा है. कुछ इतनी गोपनीय हैं कि उनके फीचर्स देखने के पहले रजिस्ट्रेशन जरुरी है. कुछ का काम तो ख़ुफ़िया ब्यूरो की याद दिलाता है . पर ठहरिये, आप सब तो सिर्फ 2 दिसंबर 2011 को सरकार द्वारा प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी करने भर के लिए लड़ रहे हैं न? फिर ये क्या है? असल में न्यायालय द्वारा केवल याचियों को लाभ दिए जाने की आशंका के मद्देनज़र जहाँ कुछ डरे हुए अभ्यर्थियों द्वारा रिटें डाली जा रही हैं वहीं कुछ लोगो द्वारा इसी भय का दोहन करके आम अभ्यर्थी को डराकर स्पोंसरशिप हासिल की जा रही है. कुछ लोग नाम के लिए रिट्स लांच कर रहे हैं तो कुछ काम के लिए, पर ये सब कुछ मनमाने तौर पर हो रहा है, सही और गलत में भेद करने का कोई पैमाना नहीं है पर निर्बाध गति से बन रहे ये छोटे-छोटे समूह क्या एकदम से हुए किसी जन-जागरण का परिणाम है या मुख्य संगठन से ख़त्म हो रहे विश्वास का?? कुछ याचिकाएं लांच हो चुकी है, कुछ होने वाली है तो कुछ प्रतीक्षासूची में हैं. यहाँ मेरा उद्देश्य किसी के प्रयासों या विचारों को कमतर दिखाना नहीं, एकदम से परिदृश्य में आई या आनेवाली याचिकाओं में से गंभीर और मजबूत याचिकाओं की पहचान में आनेवाली समस्या की और ध्यान दिलाना है. किस आधार पर अभ्यर्थी और संगठन किसी याचिका के बारे में निर्णय करें कि उसका सहयोग, समर्थन या बचाव किया जाये, अबतक जितने मोर्चे खुले, जितनी याचिकाएं पडी, उनका हश्र बताने की कोई जरूरत नहीं. प्रश्न गंभीर है, क्यूंकि अगर सारे साथी एक साथ मिलकर सागर का रूप लेते तो बड़े से बड़े पर्वत लील जाते. पर आज ये अभी कई नदियों के रूप में बंटे हुए प्रवाहमान हैं, फिर भी इनके वेग के सामने शत्रु का टिकना मुश्किल हो सकता है, अगर ये सब छोटे छोटे नालों और नालियों में बंट गए या बाँट दिए गए तो गिनती में बहुत होंगे पर परिणाम में शून्य. यह एक सामान्य टिप्पणी है जो किसी गंभीर, जानकार और जुझारू साथी द्वारा किये जाने वाले छोटे से सही, पर सही दिशा में सही तरीके से किये गए ईमानदार प्रयास पर लागू नहीं होती, और वो भी कोई चमत्कारिक परिणाम दे सकते हैं पर पिछले 8 महीने के घटनाक्रम को देखते हुए इसके भरोसे पर बैठे रहना बहुत बड़ा जुआ साबित हो सकता है.
ऐसी स्थिति में कोई अपनी राय को अंतिम सत्य बताये तो यह प्रथमदृष्टया असत्य होगा. आज हम इलाहाबाद और लखनऊ में सिंगल बेंच में जूझ रहे हैं. इलाहाबाद वाले टंडन साहब ने हमारी बात सुनकर भी सरकार को 15 दिन के अन्दर विज्ञापन निकलने की अनुमति दी है वही लखनऊ में गुप्ता साहब ने सरकार द्वारा हफ्ते भर में जवाब न दिए जाने की स्थिति में याचियों को अंतरिम राहत दे डालने की चेतावनी दे दी है. डिविजन बेंच ने हमारी स्पेशल अपील डिसमिस करते हुए मामला सिंगल बेंच के पास ही लौटा दिया है और उसके निर्देश के बावजूद भी सिंगल बेंच से हमें सकारात्मक निर्णय नहीं मिला.
आगे क्या होने वाला है, कहा नहीं जा सकता है. पर चूंकि सत्य हमारे साथ है, निराशा हमसे दूर ही रहे तो बेहतर है. विधि-विशेषज्ञों की राय में हम गलत नहीं, पीड़ित हैं, हमारा पक्ष मजबूत है. ऐसे में अब दो रास्ते हैं, पहला, विज्ञापन आने के पहले सुप्रीम कोर्ट जाना ताकि वो आ ही न पाए या सिंगल बेंच को हमारे पक्ष में कोई निर्देश दिया जाये, और दूसरा, विज्ञापन आने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाना. वैसे विज्ञापन आने के बाद कुछ न कुछ करना विकल्प नहीं, मज़बूरी है, इस से कोई इंकार नहीं कर सकता, पर शायद उस स्थिति में भी सुप्रीम कोर्ट नहीं, सिंगल बेंच में ही जाना पड़ेगा. कुल मिलाकर विज्ञापन के पहले सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना, और बाद में नए सिरे से सिंगल बेंच, डबल बेंच होते हुए सुप्रीम कोर्ट जाना, ये दो विकल्प नहीं, दो मौके हैं. दूसरा अपरिहार्य है पर पहला अगर हाथ से निकल गया तो दोबारा नहीं मिलेगा. लखनऊ के हालिया आदेश से राहत पाकर अब यह प्रयास हो रहे है कि अभ्यर्थियों में बढ़ रही बेचैन और हो सकने वाले नुकसान के मद्देनज़र शीघ्रातिशीघ्र अब वकीलों के बजाय मामले को सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विस सहायता समिति के सामने रखकर इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट जाने न जाने के मुद्दे पर, उनकी राय का अनुपालन किया जाये जहाँ के पैनल में वरिष्ठ अधिवक्ता ही होते हैं. और व्यक्तिगत सनक, दुराग्रह, विचार, राय या जिद्द के बजाय अगर सामूहिक हित के लिए कानूनी सिद्धांतों , प्रक्रियाओं और विशेषज्ञों को वरीयता दी जाये तो वर्तमान संक्रमणकाल में शायद ही किसी को आपत्ति हो.
इस लड़ाई के सभी मोर्चों में समन्वय, आपसी तालमेल, सोच-समझकर लिए जाने वाले निर्णय, कानूनी सलाह को वरीयता , संगठन की मजबूती और आम अभ्यर्थी के विश्वास व मनोबल को बनाये रखने के लिए सबको साथ लेकर चलना अपरिहार्य है, समय की आवश्यकता है. ताकि साथी न बंटे, शक्ति न बंटे और संसाधन न बंटे. और समय रहते स्थिति के वास्तविक मूल्याङ्कन करने, आवश्यक रणनीति बनाने और उसके लिए समय से तैयार हो जाने के लिए अब परस्पर विचार-विमर्श की महती आवश्यकता है. बेहतर होगा कि सबलोग मिलकर जल्द से जल्द एक तिथि, समय और स्थान आपस में तय करे एवं तदनुसार एक बैठक का आयोजन करें ताकि संभावित बिखराव को रोका जा सके और विजय के पथ पर ठोस कदम बढ़ाये जा सके. एक आम अभ्यर्थी को अपने अग्रणी साथियों से अभी बहुत आशा है.

इतनी बड़ी पोस्ट के लिए क्षमाप्रार्थना के साथ
आपका साथी
श्याम देव मिश्रा


Source : http://shyamdevmishra.jagranjunction.com/2012/10/05/october-5-2012-an-overview-of-state-of-affairs-on-recruitment-of-72825-trainee-teachers-in-uttar-pradesh/

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Scaling System in Selection Process

Scaling System in Selection Process


क्या IIT में जो स्केलिंग पैटर्न अपनाया , वह सही है (अपनी राय व्यक्त करें )
सभी बोर्ड में टॉप ट्वेंटी परसेंट छात्रों में लास्ट नंबर के छात्र के परसेंट को बराबरी का स्केल दिया
जैसे यू पी बोर्ड में टॉप ट्वेंटी परसेंट के लास्ट छात्र के ६५ % थे और सी बी एस ई में लास्ट  छात्र के 78 % थे
और उनको बराबरी के स्केल पर ला दिया |
UP Board 65% = CBSE 78%

और क्या ऐसा नहीं हो सकता की -
सभी बोर्डों के टॉप 20 % छात्र की लास्ट कट ऑफ से ऊपर को - A ग्रेड 
उससे नीचे के टॉप 20 % (अर्थात 20+ To 40 % ) को - B ग्रेड 
उससे नीचे के टॉप २०% (अर्थात 40+ To  60% ) को - C  ग्रेड 
इत्यादि में बाँट सकें 
हालाँकि जो भी नयी  चयन पद्दति है  इसका  पिछली भर्ती पर प्रभाव पडेगा या नहीं |
यह बेहद जटिल प्रश्न है और कुछ भी कहना मुश्किल है 


And what you want to say - Common Examination / Multistage Examination in Selection Process

On this Blog, Many Acad. supporters said that - Their academic marks is the result of many years study.
However in counter reply - Candidates said that if they are in good in study then should score good marks in common aptitude examination.

Common Examination supporters view is -
However classification of posts - is of Primary Level
And subject specialist  /toppers in examination have many other opportunities.
TET examination concerns with basic education and related abilities.

While Academic supporters view is - In many states academic marks are used for selection process.
And 100% TET marks in selection process is inappropriate.

Day by day new selection procedure is heard, However authentic source /news not seen. May be process is still under consideration.
If somebody of better info then please share it.

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Thursday, October 4, 2012

IIT Scaling System of Different Boards

IIT Scaling System of Different Boards


How IIT adopts its procedure of scaling system : -

In CBSE, on an average, the percentage of marks scored by the last student in the top 20 percentile in Class XII is around 78%. “Our analysis shows that the last student in this bracket in the Uttar Pradesh Board scored 65% in Class XII and in Tamil Nadu Board he scored 78%. We will soon do a data analysis of Class XII results of all 42 state boards in the country and put them on the CBSE website so students have an idea what percentage they must target to enter IITs,” CBSE chief Vineet Joshi said.

"The meeting was successful and a unanimous agreement to proceed with admission scheme as recommended by Joint Admission Board (JAB) was taken. Kanpur faculty members and other senates gave full support to this proposal. There is no compromise. It is just a single proposal with all steps clearly spelt out. All doubts have been sorted," said IIT-Kanpur Board chief M Anandkrishnan.


Reaction :
The Super 30 founder Anand Kumar said the top 20 percentile criterion would “go against the poor, who don’t have the opportunity to study in elite schools”.
“There is a huge gulf between the standard of top public schools and those run by the government. For the poor, who study in rural schools lacking even basic facilities and quality teachers, it will be a big deterrent.
“So far, they had a level-playing field, where their hard work and performance mattered…. But the 20 percentile could be killing for genuine students,” Kumar said.


Source : http://www.academics-india.com/iit.htm


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UPTET - डायटों में गैर एमएड शिक्षकों की तैनाती


UPTET - डायटों में गैर एमएड शिक्षकों की तैनाती
 
 
इटावा, कार्यालय प्रतिनिधि : प्रदेश के प्रत्येक डायट (जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान) में प्रवक्ता एवं वरिष्ठ प्रवक्ता के 18 पद सृजित हैं। इनके लिए एमएड योग्यताधारी शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन यह योग्यता न रखने वाले बेसिक शिक्षा परिषदीय शिक्षकों को डायट से संबद्ध किया गया है। प्रदेश में डायटों में प्रवक्ता के 1100 पद रिक्त हैं।
 इनको भरने के लिए एनसीटीई के अनुसार शिक्षक-प्रशिक्षक की न्यूनतम योग्यता संबंधित विषय में 55 प्रतिशत स्नातकोत्तर के साथ एमएड तथा बेसिक शिक्षक का अनुभव आवश्यक है। इसके बावजूद गैर एमएड शिक्षकों को मनमाने तरीके से डायट से संबद्ध किया जाता है। एमएड योग्यताधारी विभागीय शिक्षकों में इस मनमानी को लेकर कुंठा है। 

उन्होंने 72,825 शिक्षकों की भर्ती से पूर्व विभागीय शिक्षकों को डायट प्रवक्ता के पदों पर प्रोन्नति की मांग की है। इस संबंध में वे 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सैफई में मिलकर उनको मांग पत्र सौपेंगे। अपने अधिकार की लड़ाई मजबूती से लड़ने को बेसिक शिक्षा में कार्यरत एमएड योग्यताधारी शिक्षकों का अधिवेशन आरकेएस एकेडमी विजयनगर में हुआ। अधिवेशन में बेसिक एमएड शिक्षक संघ का गठन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि उप्र सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के प्रशिक्षण में ध्यान देने के बावजूद शिक्षक योग्य व सही तरह से प्रशिक्षित न हो पाने के कारण प्राथमिक शिक्षा का ढांचा किसी से छिपा नहीं है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। सरकार द्वारा प्रशिक्षकों की भर्ती न होने के कारण अयोग्य प्राथमिक शिक्षकों को मनमाने तरीके से डायट में संबद्ध किया गया है

Source - Jagran
4-10-2012 / http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=22&edition=2012-10-04&pageno=5 (Pag No. 5)
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News Analysis -
Eligible candidate should be appointed to teach BTC / SBTC / TET Candidates to maintain quality in education.If qualified candidates not available then alternative measures can be taken.But , In these days , It looks there is no shortage of qualified candidates (As we day by day intake in education courses increases.)

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