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Saturday, May 5, 2012

PGT / TGT / PRT/ M. Ed Teachers Recruitment in Mahrashtra Last Date 15-May-2012


Sarkari Naukri Damad India. Latest Upadted Indian Govt Jobs - http://sarkari-damad.blogspot.com 
PGT / TGT / PRT/ M. Ed Teachers Recruitment in Mahrashtra


 Rayat Shikshan Sanstha, 
Satara , 


Maharashtra 

For all posts - Domicile of Maharashtra? (If No not eligible for post)


Application form fee - Rs.25/-
Open Category fee:- Rs.400/-
Reserved Category fee:-Rs.300/



Sr No
Detail Program
Dates
1)Date of Release of Advertisement from Rayat Shikshan Sanstha, Satara24/04/2012
2)Sale and Submission of Application forms at MKCL Centers24/04/2012
3)LAST date of Sale and Submission of Application forms at MKCL Centers15/05/2012(5:30pm





Postname
EligibilitySpecialization
A   
1Primary/Secondary Shikshan Sevak (D.Ed./DTEd Scale)-Marathi MediumSSC/HSC+DEd/DTEdDEd/DTEd - Marathi Medium
2Primary/ Secondary Shikshan Sevak -English Medium  (D.Ed./DTEd Scale)SSC/HSC+DEd/DTEdDEd/DTEd - English Medium
    
B2   
1Primary Shikshan Sevak -English Medium (Partial Unaided)SSC/HSC+DEd/DTEdDEd/DTEd - English Medium
    
C   
1Secondary Shikshan Sevak - MathsBSc+BedMaths(B.Sc level)
2Secondary Shikshan Sevak - A GroupBSc+BedPhysics/Chemistry+Maths [(B.Sc level)] - A-Group
3Secondary Shikshan Sevak - B GroupBSc+BedChemistry/Zoology/Botany/Microbiology [(B.Sc level)] - B-Group
    
D   
1Secondary Shikshan Sevak -EnglishBA+BedEnglish(BA level)
2Secondary Shikshan Sevak -MarathiBA+BedMarathi(BA level)
3Secondary Shikshan Sevak -HindiBA+BedHindi(BA level)
4Secondary Shikshan Sevak -SanskritBA+BedSanskrit(BA level)
5Secondary Shikshan Sevak - Physical EducationBA(Any)/B.Sc(Any) + B.Ped/B.Ed(Physical Education)B.Ped/B.Ed(Physical Education)
6Secondary Shikshan Sevak -Geography/HistoryBA+BedGeography(BA level) OR History(BA level)
    
E   
1Shikshan Sevak - DrawingSSC/HSC+ATDATD(Drawing)
    
EE   
1Junior College Shikshan Sevak - MarathiMA (Minimum 50% marks) + BEdMarathi(M.A level)
2Junior College Shikshan Sevak - HindiMA (Minimum 50% marks) + BEdHindi (M.A level)
3Junior College Shikshan Sevak - EnglishMA (Minimum 50% marks) + BEdEnglish(M.A level)
4Junior College Shikshan Sevak - GeographyMA (Minimum 50% marks) + BEdGeography (M.A level)
5Junior College Shikshan Sevak - HistoryMA (Minimum 50% marks) + BEdHistory (M.A level)
6Junior College Shikshan Sevak - PoliticsMA (Minimum 50% marks) + BEdPolitics (M.A level)
7Junior College Shikshan Sevak - EconomicsMA (Minimum 50% marks) + BEdEconomics (M.A level)
8Junior College Shikshan Sevak - PsychologyMA (Minimum 50% marks) + BEdPsychology (M.A level)
9Junior College Shikshan Sevak - CommerceMCom (Minimum 50% marks) + BEdCommerce (M.Com level)
10Junior College Shikshan Sevak - MathsMSc (Minimum 50% marks) + BEdMaths (M.Sc level)
11Junior College Shikshan Sevak - ChemistryMSc (Minimum 50% marks) + BEdChemistry (M.Sc level)
12Junior College Shikshan Sevak - PhysicsMSc (Minimum 50% marks) + BEdPhysics (M.Sc level)
13Junior College Shikshan Sevak - BiologyMSc (Minimum 50% marks) + BEdBotany / Zoology / Microbiology (M.Sc level)
14Junior College Shikshan Sevak - Physical EducationMA/Mcom/Msc(Minimum 50% marks) + M.PEdAny
15Junior College Shikshan Sevak - English & MarathiMA (English) + MA( Marathi)(Minimum 50% marks) + BedEnglish (M.A level) + Marathi(M.A level)
16Junior College Shikshan Sevak -Marathi & EconomicsMA (Marathi) + MA (Economics)(Minimum 50% marks) + BedEconomics (M.A level) +Marathi(M.A level)
17Junior College Shikshan Sevak - Politics & HistoryMA (Politics)+ MA(History)( Minimum 50% marks) + BedPolitics (M.A level) + History (M.A level)
    
F   
1Adhyapak College Shikshan Sevak - English & Physical EducationMA(English) (Minimum 55% marks) + MEd (Minimum 55% marks) + BPEd/BEd (Physical Education)English (M.A level)
2Adhyapak College Shikshan Sevak - MathsMSc(Minimum 55% marks) + MEd (Minimum 55% marks) + B.EdMaths (M.Sc. Level)
    
    
 For all postsAre you Domicile of Maharashtra?If No not eligible for post
    
    
 Only for DEd scale Shikshan Sevak(ENGLISH MEDIUM)  
1Have you done your 1st Standard to 12th standard education in English Medium and Ded/D.TEd in English Medium?
2Have you done your 1st Standard to 10th standard education in English Medium, 12th standard in Marathi or other medium and Ded/D.TEd in English Medium?
3Have you done your 1st Standard to 10th standard education in Marathi or other Medium, 12th standard in English medium and Ded/D.TEd in English Medium?
4Have you done your 1st Standard to 12th standard education in Marathi or other Medium and Ded/D.TEd in English Medium?
    


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युपी टीईटी अनिश्चितता के माहोल में अभ्यर्थी


युपी टीईटी अनिश्चितता के माहोल में अभ्यर्थी 
(UPTET : Candidates in a state of confusion )


जिस प्रकार दिन पर दिन ढलते  जा रहे हैं , अभ्यर्थीयों में निराशा बढती जा रही है | 
अब वे अपने टी ई टी नेताओं को कोस रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया  , जबकि कुछ अभ्यर्थीयों ने उनको चंदा / योगदान दिया |

में सोचती हूँ / मेने पहले भी बताया था -
संगठन में मजबूती तब आती है , जब उसका आधार मजबूत हो 

सबसे पहले अभ्यर्थी सहमति द्वारा एक एजेंडा / कार्यक्रम ( क्या करना है , कैसे करना है ) बनाते , फिर उस एजेंडे पर सब के हस्ताक्षर  लिये जाते (सहमति के लिये )

अध्यक्ष , सचिव , प्रतिनिधि ( जिलावार /प्रदेश स्तर ) , सदस्य के कार्य व रूरेखा बनाई जाती |

एक कोमन बैंक अकाउंट बनाया जाता और उसको जोइंटली ओपरेट किया जाता ३-४ अधिकृत ( संस्था के प्रतिनिधि द्वारा  ३-४ प्रमुख व्यक्तिओं को जोइंटली ओपरेट करने के लिये )
संस्था के एजेंडे  , एकाउंट, नए सदस्यों को जोड़ने हेतु  लोगों को सूचित किया जाता |
----------------------
अब देखने में आ रहा है कि  अभ्यर्थीयों   के आरोप / प्रत्यारोप जारी हैं कि उनके  संघर्ष   मोर्चा नेताओं ने उनके लिये कुछ नहीं किया , चंदा / योगदान भी लिया 

(It might be possible that TET leaders did a good job as per there efforts,
Visited Lucknow, paying fee to advocate etc.
And I don't know, People behind of contribution to pay advocate fee.
TET candidates are upset and this issue can be arise due to uncertain future.


http://rashtriyasahara.samaylive.com/newsview.aspx?eddate=5/5/2012%2012:00:00%20AM&pageno=2&edition=10&prntid=75771&bxid=25149968&pgno=2

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ShikshaMitra 2nd Batch Training Will Be Started From July 2012 and adjusted for shortage of Teachers/Jobs

समायोजित किए जाएंगे शिक्षामित्र
(ShikshaMitra 2nd Batch Training Will Be Started From July 2012 and adjusted for shortage of Teachers/Jobs)

 लखनऊ, जागरण ब्यूरो : नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लागू होने के दो वर्ष बाद भी प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 2.58 लाख शिक्षकों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को समायोजित करने की योजना है
 इस योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को दो वर्षों में दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी कराने का इरादा है। वहीं इंटर पास शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा के जरिये बीटीसी कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुमति मांगने की योजना तैयार की है। सपा ने चुनावी घोषणा पत्र में एलान किया था कि प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को दो वर्षों में समायोजित कर दिया जाएगा। सत्तारूढ़ सपा सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बेसिक शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें शिक्षकों की कमी दूर करने को यही नुस्खा सुझाया गया है। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 1.70 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1.24 लाख शिक्षामित्र स्नातक उत्तीर्ण हैं जबकि शेष 46 हजार इंटरमीडिएट उत्तीर्ण हैं। एनसीटीई ने सरकार को स्नातक शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी कराने की अनुमति जनवरी 2011 में दी थी। इसी आधार पर 62 हजार शिक्षामित्रों के पहले बैच की ट्रेनिंग जुलाई 2011 से शुरू की गई थी



 शिक्षा मित्रों के दूसरे बैच को जुलाई से ट्रेनिंग 

लखनऊ, जागरण ब्यूरो : शिक्षा मित्रों के पहले बैच का प्रशिक्षण जून 2013 में खत्म होना है। बचे हुए 62 हजार स्नातक शिक्षामित्रों के दूसरे बैच की ट्रेनिंग जुलाई 2013 से शुरू करने की योजना बनायी गई थी। दूसरे बैच की ट्रेनिंग जून 2015 में पूरी होनी थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने दूसरे बैच की ट्रेनिंग जुलाई 2012 से ही शुरू करने की मंशा जतायी है ताकि अगले दो वर्षों में 1.24 लाख स्नातक शिक्षामित्रों का बीटीसी प्रशिक्षण पूरा हो सके। वहीं इंटर पास 46 हजार शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा के जरिये ट्रेनिंग दिलाने के लिए विभाग एनसीटीई से अनुरोध करेगा। राज्य में परिषदीय स्कूलों में शिक्षक की शैक्षिक योग्यता स्नातक व बीटीसी है जबकि एनसीटीई की निर्धारित अर्हता इंटरमीडिएट और बीटीसी है। इसी आधार पर विभाग ने इंटर उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी कराने का आग्रह करने का इरादा जताया है। विभाग की मंशा है कि इंटर पास शिक्षामित्रों की ट्रेनिंग जुलाई 2013 से शुरू करा दी जाए। शिक्षामित्रों के समायोजन के बाद भी शिक्षकों के 88 हजार पद रिक्त बचेंगे। हर साल वर्ष परिषदीय स्कूलों के करीब 12 हजार शिक्षक रिटायर होते हैं। इस आधार पर विभाग को शिक्षा मित्रों के अलावा एक लाख शिक्षकों को भर्ती करने की जरूरत और पड़ेगी


News : Jagran (5.5.12)
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Friday, May 4, 2012

GTET / Gujarat TET : टेट की भी "रेट"


GTET / Gujarat TET : टेट की भी "रेट" 

सूरत। गुजरात शिक्षा विभाग ने प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तरीय शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर नियमों के बदलाव किया है। इसके तहत टेट (टीचर इलीजीब्लीटी टेस्ट) परीक्षा के अंकों का "मोल" तय किया गया है।

वहीं स्नातक एवं स्नातकोत्तर जैसी योग्यताओं के भी अलग से अंक निर्घारित किए गए हैं, जो पदोन्नति के दौरान भी लागू होंगे। आम सूचना के तहत बदलाव नियमों को विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। गुजरात में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टेट की अनिवार्यता तय की गई है।

इस हिसाब से नियमों में बदलाव किया गया है। सूची में चित्रकला शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, संगीत शिक्षक तथा क्राफ्ट एंड इन्डस्ट्री ट्रेनिंग शिक्षक की योग्यता का माप दंड आंका गया है। वहीं नियुक्ति से लेकर बर्खास्तगी तक के नियमों का उल्लेख भी किया है। नियमों में शिक्षकों के शैक्षणिक योग्यता एवं टेट परीक्षा परिणामों के अंकों को जोड़कर योग्यता तय की जाएगी। 

यह रहेगी जोड़-बाकी - 
परिवर्तित नियमों के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक के उम्मीदवार की स्नातक डिग्री के 10 अंक, पीजी डिग्री के 10, प्रोफेशनल डिग्री कोर्स के 5 अंक और प्रोफेशनल पीजी डिग्री के 5 अंक तय किए गए हैं, जो अधिकतम 30 अंकों तक होंगे। इसी तरह चित्रकला शिक्षक की योग्यता के लिए डिप्लोमा डिग्री के 15 अंक, स्नातक डिग्री के 15 अंक, व्यायाम शिक्षक की योग्यता के लिए एचएसएस के 5 अंक, सी.पी के 5 अंक, डी.पी के 5 अंक, स्नातक डिग्री के 10 अंक और डिप्लोमा के 5 अंक, तथा क्राफ्ट एंड इन्डस्ट्री शिक्षक की योग्यता के लिए एचएससी के 10 अंक, डिप्लोमा के 10 अंक और स्नातक डिग्री के 10 अंक और संगीत शिक्षक की योग्यता के लिए एचएससी के 15 अंक और स्नातक डिग्री के 15 अंक के अनुपात को मिलाकर शैक्षणिक योग्यता के 30 अंकों को मापदण्ड बनाया गया है। वहीं टेट परीक्षा में से उम्मीदवार को 70 अंक प्राप्त करने होंगे। इस आधार पर 70 एवं 30 अंकों को जोड़कर मेरिट सूची बनाई जाएगी

News : Patrika (4.5.12)

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Rajasthan Patwari Result : पटवारी परीक्षा: एक साथ जारी नहीं होगा सभी जिलों में परिणाम !



Rajasthan Patwari Result  : पटवारी परीक्षा: एक साथ जारी नहीं होगा सभी जिलों में परिणाम !




अजमेर.पटवारी परीक्षा का नए सिरे से घोषित होने वाला परिणाम सभी जिलों में एक ही दिन जारी नहीं होगा। सभी जिलों को अपनी सुविधानुसार परिणाम जारी करने की छूट दी गई है। लेकिन यह निर्देश दिए हैं कि अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट का एक बार फिर गहनता से जांचकर ही परिणाम जारी किया जाए। 

पूर्व में जारी किए परिणाम के बाद हुई गलतियों से सबक लेते हुए राजस्व मंडल अब फूंक फूंक कर कदम रख रहा है। यही वजह है कि जिलावार घोषित करने के लिए परिणाम तैयार है, लेकिन राजस्व मंडल प्रशासन ने कलेक्टरों को फिर कहा है कि एक-एक अभ्यर्थी की ओएमआर शीट की गहनता से जांच करने के उपरांत ही परिणाम को अंतिम रूप से जारी करें। 

इसमें मुख्य रूप से अभ्यर्थी के जाति वर्ग श्रेणी के अनुसार परिणाम में किसी तरह की गलती नहीं रहे, इसकी पूरी तरह से पुष्टि के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व मंडल सूत्रों के अनुसार इसके चलते सभी जिलों में परीक्षा परिणाम एक साथ जारी होना संभव नहीं होगा। कुछ जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या दस हजार के करीब है तो कहीं पचास से साठ हजार हैं। ऐसे में ओएमआर शीट की जांच में उन जिलों में ज्यादा समय लगेगा जहां अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। 

उन जिलों का परीक्षा परिणाम जल्दी आ सकता है जहां अभ्यर्थियों की संख्या कम है। कुछ जिलों में ओएमआर शीट की जांच भी की जा चुकी है और वहां परिणाम कभी भी जारी किया जा सकता है। 

बनाने पड़ेंगे अस्थाई ट्रेनिंग स्कूल 

चयनित पटवारियों को नौ माह की ट्रेनिंग दी जाती है। राज्य में फिलहाल सात स्थाई ट्रेनिंग स्कूल हैं जहां यह ट्रेनिंग होती है। अब जबकि अभ्यर्थियों की संख्या 2363 है, ऐसे में लगभग 12 से 13 अस्थाई ट्रेनिंग स्कूल और बनाने होंगे। तभी इतनी बड़ी संख्या में पटवारियों को ट्रेनिंग देना संभव होगा। राजस्व मंडल प्रशासन ने इसके लिए भी कलेक्टरों को निर्देशित कर दिया है और अस्थाई ट्रेनिंग स्कूलों के लिए जगह का चयन करने को कहा गया है।

16 मई से प्रमाण पत्रों की जांच 

राजस्व मंडल के रजिस्ट्रार हेमंत शेष के अनुसार जिलावार परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद 16 मई से चयनित अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों की जांच शुरू हो जाएगी। इसके जिला स्तर पर कलेक्टरों के यहां अभ्यर्थियों के शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्र एवं संबंधित अन्य प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी।

News : Bhaskar.com ( 04.05.12)
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RPSC : Sub Inspector Recruitment Result Declared


RPSC : Sub Inspector Recruitment Result Declared
सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का परिणाम


Rajasthan Public Service Commission Declared SI Result -

Result of S.I. (After Physical) Comb. Comp- Exam 2010
Visit following link : http://rpsc.rajasthan.gov.in/Exams/Result_SI_After_Physical/search_result.aspx


अजमेर.राजस्थान लोक सेवा आयोग ने उप निरीक्षक पुलिस संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, 2010 के फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट में अस्थायी रूप से सफल घोषित अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित कर दिया है। इसके लिए लिखित परीक्षा 25 मई 2011 को आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में अस्थाई रूप से सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट) जो महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, राजस्थान जयपुर द्वारा आयोजित की गई थी।

आरपीएससी सचिव डॉ. केके पाठक के मुताबिक अस्थाई रूप से सफल घोषित अभ्यर्थियों को विस्तृत आवेदन पत्र वेबसाइट से प्राप्त कर उसे पूर्ण रूप से भरकर मय समस्त शैक्षणिक, जाति एवं अन्य वांछित प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रति 21 मई शाम 6 बजे तक आवश्यक रूप से आयोग कार्यालय में जमा करवाने होंगे।

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तृतीय श्रेणी शिक्षक: सामने आने लगी 1995 की भर्ती में हुई धांधली!


तृतीय श्रेणी शिक्षक: सामने आने लगी 1995 की भर्ती में हुई धांधली!

सीकर.तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती जिला परिषद से कराने को लेकर मचे बवाल के बीच 1995 में निकाली गई 400 शिक्षकों की भर्ती में धांधली होने की बात सामने आने लगी है। जिला परिषद ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से तय मानकों को दरकिनार कर खुद के नियम बना दिए। विभाग ने स्कूल कॉलेज एक्टिविटी के स्तर अनुसार बोनस अंक, 1, 3 व 5 तय किए थे लेकिन जिला परिषद ने अंकों का विभाजन 1, 2, 3, 4, 5 व 8 कर दिया।

यानी मर्जी से यह बोनस अंक देकर कइयों को नियुक्ति दे दी गई। अंक विभाजन में विभाग ने भी चूक की थी। एनसीसी के जिस सबसे बड़े सी सर्टिफिकेट के ज्यादा अंक होते हैं उसके 3 व सबसे छोटे नेशनल लेवल के कैंप में शामिल होने के सर्टिफिकेट के 5 अंक निर्धारित किए। इस वजह से सी सर्टिफिकेट वाले नौकरी से भी वंचित रह गए। यह खुलासा सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है

भूदोली निवासी भंवर सिंह पुत्र रूड़ सिंह तंवर के पास एनसीसी का सी सर्टिफिकेट था। उसे केवल तीन अंक दिए गए। यह तीन अंक जोड़ने से उसकी मैरिट 82.742 बनी। उसे पांच अंक मिलते तो उसकी मैरिट 84.742 होती।

ऐसे में उससे कम मैरिट पर चयनित होने वाले 10 कर्मचारियों से ऊपर प्राथमिकता मिलती। उसने जब 17 अक्टूबर, 2011 को भ्रष्टाचार की शिकायत के क्रम में सुगम पर शिकायत पंजीकृत कराई तो उच्चाधिकारियों से मिले निर्देशानुसार जिला परिषद एसीईओ ने 13 दिसंबर को उसे चिट्ठी भेजकर सी सर्टिफिकेट की मूल कॉपी की सत्यता जांच के लिए बुलाया। 28 दिसंबर को उसने मूल कॉपी पेश कर दी। अभी मामले की जांच चल रही है।

फिर सता रही चिंता

अब जिला परिषदों के माध्यम से एक बार फिर शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा कराए जाने से अभ्यर्थियों को इसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका है। लिखित परीक्षा पहली बार होने से जिला परिषदों के सामने 11 लाख 70 हजार अभ्यर्थियों की बैठक व्यवस्था कराना मुश्किल होगा। दूसरे जिलों में परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के साथ वहां के युवा मारपीट तक कर सकते हैं। पहले भी ऐसा ही हुआ था। साथ ही कहीं 80 फीसदी अंक लाने वाला रह जाएगा तो कहीं 60 फीसदी वाले को नियुक्ति मिल सकती है।

'मामला काफी पुराना है। देखने के बाद ही कुछ कह सकता हूं। भंवरलाल की फाइल निकलवा रहे हैं। उसे किस आधार पर वंचित किया गया। नियम भी देखे जाएंगे।'

News : Bhaskar.com (4.5.12)
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HTET Haryana : पात्र अध्यापकों ने दी आत्मदाह की धमकी

HTET Haryana : पात्र अध्यापकों ने दी आत्मदाह की धमकी

भिवानी, 4 मई (हप्र)। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर लंबे समय से कार्यरत अतिथि अध्यापकों को 31 मार्च को पदमुक्त करने की बजाए उनको नई भर्ती में शामिल करने, उनके कार्यकाल को आगामी भर्ती तक बढ़ाने व शार्टसूचि को खत्म करने के विरोध में पात्र अध्यापक संघ के बैनर के नीचे प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग तीस हजार युवा कल 6 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे
पात्र अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार को अपने ये निर्णय वापस न लेने पर सरकार से सीधा संघर्ष करने की घोषणा की है।

यह बात हरियाणा पात्र अध्यापक संघ प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने केनाल विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार स्थाई भर्ती न करके कोर्ट की अवमानना के साथ-साथ पात्र शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। प्रदेश सरकार पहले तो पात्रता परीक्षा लेने से पीछे हट रही थी तो उनके आंदोलनों के चलते दबाव आया तो जानबूझ कर पात्रता परीक्षा आयोजित की लेकिन उत्तीर्ण युवाओं के लिए नई भर्तियों की घोषणा नहीं की है
उन्होंने बताया कि वे पात्र अध्यापकों की मांगों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी, केन्द्रिय शिक्षा प्रभारी मंत्री कपिल सिब्बल, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत करवाया लेकिन केवल कोरे आश्वासन ही मिल पाए हैं जिससे सरकार की शिक्षा नीति पर सवालिया निशान लग गया है
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राजकीय विद्याालयों में भाषा सहित अन्य शिक्षकों के रिक्त पदों पर वर्ष 2005-2006 में मात्र एक सत्र के लिए दिल्ली व राजस्थान की तर्ज पर डीग्रीधारी शिक्षकों की भर्ती की थी लेकिन बाद में वे सरकार पर दबाव बनाते चल गए और सरकार भी उनको पदमुक्त कर उनके स्थान पर नई भर्ती नहीं कर पाई है जिससे तीन बार एक ही विषयों में पात्रता उत्तीर्ण कर चुके पात्रता धारकों में प्रदेश सरकार की लचर प्रणाली से रोष बना हुआ है। पात्र अध्यापक संघ ने दो वर्ष पूर्व ही हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अतिथि अध्यापकों की भर्ती में बरती गई अनिमियतताओं व सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर पर रोक लगाने की मांग की।
पात्र अध्यापक संघ ने कहा कि संघ ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को वापस लेने के लिए कल 6 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करने का निर्णय लिया है जिसमें अब तक प्रदेश के लगभग तीस हजार पात्रता शिक्षकों ने पंजीकरण करवा लिया है और वे सभी पांच मई को रोहतक में पहुंच जाऐंगे। उनके साथ अनेक प्रदेश स्तरीय नेता मौजूद थे।


News : Denik Tribune ( 4.5.12)
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It is really tragic, Why Government conducted TET Exam and when qualified teachers  are available then why they are NOT recruited ?


I personally felt -
Suicide is not a good thing and alternatives should be used. In every state people are in state of confusion regarding TET exam (It is conducted to implement RTE to make qualified teachers and there are certain norms like weightage of TET marks in selection, But when it is not used to select teachers then why TET exam)
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RTET / Rajasthan Highcourt : बीएड अभ्यर्थियों को वंचित करने की कट ऑफ डेट कहां से आई ?


RTET / Rajasthan Highcourt : बीएड अभ्यर्थियों को वंचित करने की कट ऑफ डेट कहां से आई ?


हाईकोर्ट ने नेशनल कौंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) से किया जवाब तलब

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट में बीएड के साथ टैट उत्तीर्ण योग्यताधारियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रथम स्तर में शामिल नहीं करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई लगातार दूसरे रोज गुरूवार को न्यायाधीश गोविंद माथुर की पीठ में जारी रही।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए डॉ. पुष्पेंन्द्र सिंह भाटी और अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि बीएड के साथ टैट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को फरवरी माह में जारी किए गए प्रमाण पत्रों में लिखा हुआ था कि वे प्राथमिक स्तर की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए अगले सात वर्ष तक के लिए योग्य है। लेकिन अब भर्ती परीक्षा में इसके लिए कट ऑफ डेट जनवरी 2012 बताया जा रहा है

अधिवक्ताओं ने पूछा कि यह कट ऑफ डेट कहां से आई जिसने शैक्षणिक योग्य अभ्यर्थियों को सिर्फ इसलिए अयोग्य घोषित कर दिया कि उन्होंने किसी तिथि विशेष के बाद योग्यता धारण की है।


न्यायाधीश माथुर ने इस पर अदालत में मौजूद एनसीटीई के अधिवक्ता कुलदीप माथुर से मामले की अगली सुनवाई पर 11 मई तक जवाब पेश करने को कहा। न्यायालय ने कहा कि बीएड टेटधारी अभ्यर्थियों की योग्यता निर्धारण करने वाली कट ऑफ डेट का निर्धारण कैसे किया गया।

News : Bhaskar.com (3.5.12)
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RTET / Rajasthan Highcourt : बीएड अभ्यर्थियों को वंचित करने की कटऑफ डेट कहां से आई

RTET / Rajasthan Highcourt : बीएड अभ्यर्थियों को वंचित करने की कटऑफ डेट कहां से आई

जोधपुर.राजस्थान हाईकोर्ट में बीएड के साथ टेट उत्तीर्ण योग्यताधारियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रथम स्तर में शामिल नहीं करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई दूसरे दिन गुरुवार को भी न्यायाधीश गोविंद माथुर की एकलपीठ में जारी रही। 


याचिकाकर्ताओं की ओर से डॉ. पुष्पेंन्द्र सिंह भाटी व अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि बीएड के साथ टेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिक स्तर की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए अगले सात वर्ष तक के लिए योग्य बताया गया था।अब भर्ती परीक्षा में इसके लिए कटऑफ डेट एक जनवरी 2012 बताई जा रही है। 
यह कटऑफ डेट कहां से आई ?

News : Bhaskar.com 
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IBPS Declare Result of CWE (Common Written Examination ) for Specialist Officer.


Sarkari Naukri Damad India. Latest Upadted Indian Govt Jobs - http://sarkari-damad.blogspot.com

Institute of Banking Personnel Selection (IBPS)
COMMON WRITTEN EXAMINATION [CWE] FOR
RECRUITMENT OF SPECIALIST OFFICERS IN 19 PUBLIC SECTOR BANKS
Email: spl@ibps.in   Website: www.ibps.in


IBPS Declare Result of CWE (Common Written Examination ) for Specialist Officer.


To See Result , Visit - http://ibpsresults.sifyitest.com/ibpsresmay12/login.php

Published at http://sarkari-damad.blogspot.com (Click on the Labels below for more similar Jobs)
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UPTET : Important Information Given By Mr. Naved regarding Allahabad High Court case on 2nd May 2012

UPTET : Important Information Given By Mr. Naved  regarding Allahabad High Court case on 2nd May 2012


From: Naved Ahmed <navedahmeds@gmail.com>
Date: 2012/5/4
Subject: USELESS DECISION BY COURT
To: muskan24by7@gmail.com

USELESS DECISION ON 2-5-12 as BTC/VBTC are already exempted from
TRAINING OF 6-MONTHS as PER MODIFIED VIGYAPTI WHICH WAS ISSUED AFTER 2
DAYS OF MAIN VIGYAPTI.

http://bed.up.nic.in/tet4.pdf

The page no.9 of that modified VIGYAPTI clears that BTC/VBTC will directly appointed as ASST. TEACHER not as APPERENTICE TEACHER

COURT's DECISION ON 02-05-2012
http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1841708


Case :- WRIT - A No. - 76039 of 2011

Petitioner :- Yadav Kapildev Lal Bahadur
 Respondent :- State Of U.P. & Others
 Petitioner Counsel :- Alok Kumar Yadav,Rajesh Yadav
 Respondent Counsel :- C.S.C.,K.S. Kushwaha

Hon'ble Arun Tandon,J.
 Matter has been heard at length.
 The issue which needs clarification is as to whether the persons like  the petitioners, who have already undergone B.T.C. Training and are  graduate and have also cleared T.E.T., would further be required to be  appointed as Teachers' Trainee in terms of the advertisement and the  corrigendum issued on 02.12.2011 or else they would be appointed directly in Parishadiya Vidyalaya as Assistant Teachers, being  possessed of all prescribed minimum qualification in terms of U.P.  Basic Education Teachers Service Rules, 1981 or not.
 Sri K.S. Kushwaha, Standing Counsel seeks time to file an affidavit of  the Secretary.
 Let him do so by the next date.
 List on 15.05.2012 along with Writ Petition No. 29 of 2012.
 Interim order to continue till then.
 Order Date :- 2.5.2012

THE already CONNECTED case:
 http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1610695

Case :- WRIT - A No. - 29 of 2012

Petitioner :- Shiv Prakash Kushwaha
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- S.K. Mishra
Respondent Counsel :- C.S.C.,R.A. Aktar,Rajeshwar Singh

Hon'ble Sudhir Agarwal,J.
 Learned counsel for petitioner submitted that advertisement dated  2.12.2011 (Annexure 7 to writ petition) is not consistent with Basic Education (Teachers) Service Rules, 1981 (hereinafter referred to as  ?
1981 Rules?) as amended from time to time and has been issued in a  wholly illegal manner inasmuch under the Rules the advertisement is to  be issued by appointing authority, but it has been issued by District
 Basic Education Officer which is wholly illegal.
 Sri Rajeshwar Singh, who has put in appearance on behalf of  respondents 2, 3 and 4 after receiving instructions from respondent  no. 2 stated that the said advertisement has been issued under the
 instructions received from Secretary, Basic Education. In the  circumstances, respondents 1 to 4 are directed to file their  affidavits within ten days explaining the provisions under which the  said advertisement has been issued. They shall also file reply to the  averments made in various paragraphs of writ petition.
 List on 19.1.2012.
 In the meantime, it is directed that the selection, if any, under 1981  Rules, may go on but no appointment shall be made unless the procedure  prescribed under 1981 Rules is strictly followed by respondents.
 Dt. 4.1.2012


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UPTET : परीक्षा का आधार बदलना टेढ़ी खीर


UPTET : परीक्षा का आधार बदलना टेढ़ी खीर

सहारनपुर : टीइटी से प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति का आधार बदलने या उसे रद करने की कोशिश सरकार को भारी पड़ेगी। बसपा सरकार ने टीइटी के पात्रता परीक्षा के आधार को बदलकर मेरिट की श्रेणी में शामिल किया था। अब सपा सरकार परीक्षा के आधार को दोबारा पात्रता परीक्षा करने की कसरत में जुटी है।

 पूरे मामले में कानूनी राय अहम होगी और इसे नजरअंदाज करना सरकार के गले की फांस बन सकता है। इन दिनों टीइटी से प्राथमिक शिक्षकों की भर्त्ती पर परीक्षा में उत्तीर्ण रहे 2.70 लाख अभ्यर्थियों की निगाहें लगी हैं।


 स्कूलों में नियुक्ति मिलेगी या फिर कानूनी जंग लड़नी होगी ?
 मामले को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ज्ञापन भेजने व विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन का क्रम जारी है। प्रदेश सरकार भी टीइटी को लेकर खासी चुस्त नजर आ रही है।


 मामले में पहले गठित बेसिक शिक्षा विभाग की एक कमेटी ने टीइटी को रद करने की सिफारिश की थी। बाद में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा टीइटी को रद्द न करने की बात कही थी। 


कमेटी ने मेरिट के आधार को बदलकर टीइटी को केवल पात्रता परीक्षा बनाने पर सहमति दी है। हालांकि इस बारे में अभी कोई अंतिम निर्णय नही हुआ है।


 जाल का नहीं कोई तोड़ : - बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का दावा है कि टीइटी परीक्षा की गाइडलाइन का कोई तोड़ नहीं है। उनका दावा है कि बसपा सरकार ने टीइटी को पात्रता की श्रेणी से हटाकर मेरिट के आधार में बदलने का जो निर्णय लिया था वह मंत्रिमंडल का सामूहिक निर्णय था। 

उनका तर्क है कि एक मामले में पूर्व में हुआ निर्णय इसमें भी मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके मुताबिक परीक्षा से एक दिन पूर्व तक ही सरकार परीक्षा/नियुक्ति को बनाए नियमों में बदलाव कर सकती है। बाद में किसी भी प्रकार का बदलाव नियुक्ति के आधार के संबंध में नहीं किया जा सकता। टीइटी प्रक्रिया में कानूनी जंग से बचने के लिए प्रदेश सरकार के लिए कानूनी राय अहम होगी।

 शिक्षा-मित्रों का 6 को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन   :
 संयुक्त शिक्षा-मित्र एसोसिएशन की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पूनम पुंडीर ने कहा कि शिक्षामित्र आपसी मतभेद एवं गुटबाजी छोड़ प्रदेश कार्यकारिणी के अनुसार 6 मई को जिला मुख्यालय पर होने वाले धरने प्रदर्शन को सफल बनाने को जुट जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश व्यापारी यह धरना प्रदर्शन के माध्यम से सभी शिक्षामित्र प्रदेश सरकार अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। गुरुवार को ब्लाक मुजफ्फराबाद के गांव मंडौरा में आयोजित बैठक में उन्होंने जनपद के सभी शिक्षामित्रों का आान कि वह 6 मई को शिक्षा भवन पर इकव+2122ा होंगे। यहां से सभी लोग अपनी मांगों को लेकर विशाल जुलूस के रुप में कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां पर मुख्यमंत्री को संबोधित का 5 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इससे पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ संगठन के संयुक्त मंत्री उग्रसेन पुंडीर आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के बेहट मुजफ्फराबाद, बरोली, बाबैल बुजुर्ग, जैतपुर, कुरड़ीखेड़ा व पुवांरका आदि में जनसंपर्क कर नुक्कड़ सभाएं की। एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते संयुक्त मंत्री ने कहा कि एक धरना प्रदर्शन एतिहासिक होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारिणी के कई पदाधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं।


News : Jagran  (4.5.12)
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UPSC Final Result CIVIL SERVICES (MAIN) EXAMINATION, 2011 for IAS / IPS/IFS Services etc.

UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION 
Dholpur House , New Delhi




Declaration of Final Result CIVIL SERVICES (MAIN) EXAMINATION, 2011  for IAS / IPS/IFS Services etc.



CIVIL SERVICES (MAIN) EXAMINATION, 2011 

Based on the results of the written part of Civil Services (Main) Examination, 2011, held by the Union Public Service Commission in October-November, 2011 and the interviews for Personality Test held in March-April, 2012, the following is the list, in order of merit, of candidates who have been recommended for appointment to –
(i) Indian Administrative Service;
(ii) Indian Foreign Service;
(iii) Indian Police Service; and
(iv) Central Services, Group ‘A’ and Group ‘B’.
A total number of 910 candidates have been recommended for appointment including 420 General (including 21 Physically Challenged candidates), 255 Other Backward Classes (including 8 Physically Challenged candidates), 157 Scheduled Castes (including 4 Physically Challenged candidate) and 78 Scheduled Tribes  candidates.
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नई दिल्ली.संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा (2011) के नतीजे घोषित  कर दिए हैं। शेना अग्रवाल ने इस बार यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया है। रुकमणी रियार दूसरे स्थान पर रही हैं। मेरिट लिस्‍ट में पहले दस में से चार लड़कियां हैं। पुरुषों में प्रिंस धवन टॉपर हैं। उनकी ओवरऑल रैंकिंग तीन है।


मेडिकल साइंस और साइकॉलजी से परीक्षा देने वाली शेना पिछली बार 305वें रैंक पर रही थीं। लेकिन वह रैंकिंग से खुश नहीं थीं। इसलिए उन्होंने फिर से परीक्षा दी और पहले स्थान पर आईं। मेडिकल बैकग्राउंड की शेना सीबीएसई पीएमटी परीक्षा में भी ऑल इंडिया टॉपर थीं।

सिविल सर्विसेज- 2010 की परीक्षा में भी लड़कियां ही टॉप पर थीं। तब चेन्नै की लॉ ग्रैजुएट एस. दिव्यदर्शिनी ने टॉप किया था, जबकि कंप्यूटर इंजिनियर स्वेता मोहंती दूसरे नंबर पर रही थीं।


ये हैं इस बार के टॉप 10 उम्‍मीदवार
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1. शेना अग्रवाल

शेना अग्रवाल मूलरूप से हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली हैं।
शेना ने साल 2004 की सीबीएसई पीएमटी परीक्षा में भी पूरे देश में टॉप किया था। यही नहीं शेना ने साल 2010 में भी सिविल सेवा परीक्षा में शेना अग्रवाल ने 305वीं रैंक हासिल की थी। शेना युमनानगर के डॉ. सीके अग्रवाल और श्रीमती पिंकी अग्रवाल की बेटी हैं।

शेना ने यमुनागर के ही संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल से 10वीं की परीक्षा 95 प्रतिशत अंकों और 12वीं की परीक्षा दयानंद पब्लिक स्कूल नाभा से 92 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी।

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रुकमणि रियार
प्रिंस धवन
मंगेश कुमार
एस गोपाल सुंदर राज
गीतांजलि ब्रांडन
हिमांशु गुप्ता
हर्षिका सिंह
डी कृष्ण भास्कर
औरंगाबादकर अमरुतेश कालिदास

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2. Appointment to the various Services will be made according to the number of vacancies available with due
consideration to the provisions contained in Rules 2 and 19 of the Rules of the Examination and subject to the final decision of  the Hon’ble Supreme Court / Hon’ble High Courts / Hon’ble C.A.Ts. on the S.L.Ps / R.As / W.Ps. / O.As. pending therein.
The number of vacancies reported by the Government for  the Indian Administrative Service is 170 (85 General, 46  Other  Backward Classes, 26 Scheduled Castes and 13 Scheduled Tribes);  for the Indian Foreign Service is 40 (23 General, 9 Other  Backward Classes, 5 Scheduled Castes and 3 Scheduled Tribes); for the Indian Police Service is 150 (78 General, 37 Other  Backward Classes, 21 Scheduled Castes and 14 Scheduled Tribes); for the Central Services Group ‘A’ is 543 (273 General, 148 Other Backward Classes, 81 Scheduled Castes and 41 Scheduled Tribes) and for Central Services Group ‘B’ is 98 (52
General, 15 Other Backward Classes, 24 Scheduled Castes and 7 Scheduled Tribes).  This includes 33 vacancies for Physically Challenged candidates.

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TNTET : Graduate teachers appointed prior to RTE notification seek exemption from TET


TNTET : Graduate teachers appointed prior to RTE notification seek exemption from TET


5,500 appointed as graduate teachers based on their employment registration seniority through the Teachers' Recruitment Board


Graduate teachers of middle, high and higher secondary schools who were appointed with effect from September 15, 2010, and are due to complete their two-year probation period, have sought exemption from writing Teacher Eligibility Test (TET).

About 5,500 teachers were appointed as graduate teachers based on their employment registration seniority through the Teachers' Recruitment Board.

However, subsequent to the publication of the Right to Education Act 2009 of the Central government and directive of NCTE (National Council of Teacher Education, New Delhi), the TET was prescribed for becoming teachers in government schools on or after August 23, 2010.

Having entered into government service after several years – most of the teachers are in late forties – the teachers reasoned out that they were already conversant with the TET syllabi that they had learnt during their under graduation and B.Ed studies followed by several years of teaching experience. Child psychology, psycho-pedagogy of children, and management and counselling of delinquent children were accustomed areas, they said.


Their argument was that the RTE Act does not specify that TET was mandatory for those teachers for whom the selection process had begun before the date of start of implementation.

In the case of these teachers, the process of their selection by the TRB commenced during December 2009, and certificate verification was carried out on May 14, 2010, following which they were appointed with effect from July 26, 2010.


On this basis, three teachers seeking exemption from TET had already obtained interim stay from the Madurai Bench of Madras High Court.

While the TRB views the TET as an eligibility test, the State Education Minister N.R. Sivapathi had described it as a competitive examination based on which merit list will be prepared for appointment of graduate teachers in future.

Competitive exams, according to teachers have depth and intensity; the intensity of difficulty level of questions was more.

The contrasting opinions have put them at a loss to understand how the top-score concept can be applicable for the 2010 appointees.

News : The Hindu (4.5.12)

Source : http://www.thehindu.com/news/cities/Tiruchirapalli/article3383372.ece

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UPTET : अब एक लाख नए शिक्षकों की भर्ती होगी


UPTET : अब एक लाख नए शिक्षकों की भर्ती होगी


एक लाख शिक्षकों की होगी भर्ती
72 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की तैयारी


•सभी शिक्षा मित्रों को अब एक साथ प्रशिक्षण
•अधिकारियों के रिक्त पदों पर भी होगी भर्ती

• अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ (ब्यूरो)। प्रदेश सरकार एक लाख नए शिक्षकों की भर्ती करेगी। इसके बाद प्रत्येक वर्ष रिटायर होने वाले शिक्षकों की रिक्तियों के आधार पर भर्ती की जाएगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली को संशोधित किया जाएगा। इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अर्हता के स्थान पर पात्रता किया जाएगा

नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले बसपा सरकार द्वारा 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए शुरू की गई प्रक्रिया निरस्त कर दी जाएगी। इसी तरह स्नातक पास 1.24 लाख शिक्षा मित्रों को 2015 तक प्रशिक्षण देने के कार्यक्रम में संशोधित किया जाएगा, अब 2014 तक सभी शिक्षा मित्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह निर्देश बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक में दिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में रिक्त अधिकारियों के पदों का ब्योरा तैयार किया जाए और इसकी भर्ती के लिए लोकसेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाए। स्कूल भवन निर्माण के कार्यों से शिक्षकों को अलग रखने का भी निर्देश दिया है।

बेसिक शिक्षा निदेशालय में मंत्री ने दो चरणों में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पहले चरण में एडी बेसिक स्तर तक के तथा इसके बाद जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों के साथ बैठक की। बेसिक शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय अधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच को तीन माह के अंदर पूरा किया जाए। स्कूलों में अच्छी पढ़ाई कराई जाए, शिक्षकों से भवन निर्माण का काम न लिया जाए। स्नातक पास 1.24 लाख शिक्षा मित्रों को ट्रेनिंग दी जानी है। मौजूदा समय 60 हजार को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, शेष बचे सभी शिक्षा मित्रों को जुलाई से प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
उन्होंने स्कूल निर्माण की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि इनको अपने आचरण में सुधार लाना चाहिए। इनकी लापरवाही से शिक्षकों पर नियंत्रण नहीं है। शिक्षकों को समय से स्कूल आना चाहिए और बच्चों को पढ़ाना चाहिए।
शिक्षकों के वेतन, पेंशन तथा जीपीएफ आदि की सूचनाएं कंप्यूटरीकृत की जाएं। स्कूलों के विद्युतीकरण का काम जहां पूरा नहीं हुआ है, वहां अभियान चलाकर इसे पूरा कराया जाए। सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से शौचालय की व्यवस्था कराई जाए। जहां अभी तक निर्माण नहीं हुआ है, वहां शौचालय बनवाए जाएं। प्राथमिक स्कूलों में साल में दो बार अभिभावकों को बुलाकर बच्चों के बारे में जानकारी दी जाए। मिड-डे-मील योजना में सुधार लाने के निर्देश दिए। डायट प्राचार्यों की बैठक में कहा कि ट्रेनिंग प्रशिक्षण और उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।



Yesterday I was reading Mr. Shyam Dev Mishra ji' view in article regarding relaxation for B. Ed candidates after 1st Jan 2012 and TET Qualification -
" पर एक बात ध्यान जरुरी है कपिल जैसे अड़ंगेबाजों द्वारा को ध्यान में रखते हुए लग रहा है कि अब न्यायालय चाहे कोई भी फैसला दे, बी.एड. डिग्री-धारकों की प्राइमरी टीचरों के रूप में नियुक्ति तभी संभव है जब केंद्र सरकार राज्य सरकार के अनुरोध पर समयसीमा बढ़ा दे. हाईकोर्ट ने भी
बी.टी.सी.+टी.ई.टी. उत्तीर्ण आवेदकों पर पहले विचार करने यानि उनसे भर्ती पूरी करने की बात कही है तो उसका कारण एन.सी.टी.ई. द्वारा बी.एड. डिग्री-धारकों की प्राइमरी टीचर के तौर पे नियुक्ति के लिए दी गई समय सीमा, 01.01.2012 तक नियुक्ति न हो पाना हो सकता है. ऐसी स्थिति में भी
राज्य-सरकार सिर्फ बी.टी.सी.+टी.ई.टी. उत्तीर्ण आवेदकों के द्वारा भर्ती पूरी करने का कदम इसलिए नहीं उठा सकती क्यूंकि सबको पता है कि राज्य में शिक्षकों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में ऐसे बी.टी.सी. उत्तीर्ण अभ्यर्थी हैं ही नहीं जिन्होंने टी.ई.टी. उत्तीर्ण किया हो. पर एन.सी.टी.ई. की ख़त्म हो चुकी समय सीमा के आधार पर एक मजबूत अडंगा लगाया जा सकता है.  "

(He wrote many good points, but I disagree on above point )
If B. Ed Holders are eligible upto 1st Jan 2012 for recruitment in Primary Teachers, then How Rajasthan, Bihar etc. are going to recruit B. Ed holders for PRT.
Actually State Govt. have powers to provide relaxations and time limit is not a big issue.
Additionally, In UP B. Ed holders applied for PRT jobs in due time frame (i.e. before 1st Jan 2012) and they are eligible for recruitment as per NCTE Guidelines / Central Govt. RTE Act / State Govt. Order, So Candidates need not worried about relaxations.


Actually, Highcourt may suggested - BTC/VBTC candidates already takes training to become Primary Teacher, And therefore 6 months training with B. Ed candidates (Not VBTC) is not required for them.




In Haryana , A rule is made where TET qualification  is not compulsory for Guest Teachers.
(How it happened, And looks power of relaxation is applied here. But such matter can be challenged in Court)

****************
In UP previous advertisement matter is in court, And before that rule change / new advertisement for same jobs is NOT POSSIBLE.
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Thursday, May 3, 2012

HTET : हड़बड़ाहट में बना दिए थे टीचर सर्विस रूल्स !


HTET : हड़बड़ाहट में बना दिए थे टीचर सर्विस रूल्स ! 


कर्मचारी संघों के विरोध पर वापस लिए नए नियम

•सर्कुलेशन से मंत्रियों के कराए थे हस्ताक्षर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तेरह साल पुराने हरियाणा स्टेट एजूकेशन स्कूल कैडर सर्विस रूल्स खत्म कर नए नियम बनाने में हरियाणा मंत्रिमंडल ने जितनी तेजी दिखाई, उतनी ही तेजी से नियमों में बदलाव का फैसला भी करना पड़ा। नियमों को लेकर सरकार की हड़बड़ाहट का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि नए नियमों को मंजूरी दिलाने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक तक नहीं बुलाई गई, बल्कि सर्कुलेशन के जरिए मंत्रियों से एक-एक कर हस्ताक्षर कराए गए।
तेजी से बने नए नियमों में तीन मुख्य बातें पुराने नियमों से अलग थीं। पहली- चयनित टीचरों को रेगुलर नियुक्ति के बजाय कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा। एक-एक साल के कांट्रेक्ट पर पांच साल के बाद संतोषजनक सर्विस के आधार पर टीचरों को नियमित किया जाना था। कांट्रेक्ट के दौरान आधा वेतन, छुट्टियां समाप्त, प्रतिपूर्ति आदि भी कम थे। दूसरी- टीचर भरती के लिए टीचर एलिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पास की अनिवार्यता समाप्त कर चार साल का टीचिंग अनुभव जरूरी बनाया गया। तीसरी- कांट्रेक्ट की शर्तों में 12 सप्ताह से अधिक समय की गर्भवती महिला को प्रसूति के बाद ही ज्वाइन करवाना।
नए नियमों पर जब मंत्रियों के हस्ताक्षर करवा लिए गए, तब स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी टेस्ट से छूट देने के मामले की फाइल फिर से मंत्रिमंडल सचिव (मुख्य सचिव) के पास भेजी, क्योंकि केंद्र सरकार ने आरटीई के तहत टीचर नियुक्ति के लिए टेस्ट पास होना जरूरी कर दिया है। मुख्य सचिव ने यह फाइल मुख्यमंत्री के पास न भेजते हुए शिक्षा विभाग को लौटा दी और 11 अप्रैल को नए नियम अधिसूचित कर दिए गए।

अमर उजाला में जब नए नियमों के बारे में खबरें प्रकाशित हुई तो टीचर संघों ने नियमों का विरोध शुरू कर दिया। आखिर 12 दिन बाद सरकार ने रूल्स में संशोधन का फैसला कर नियमों को पलट दिया। ब सिर्फ टीईटी टेस्ट पास से छूट की शर्त बरकरार है, हालांकि इस बारे में भी प्रदेश के सवा लाख टेस्ट पास बेरोजगारों ने भी |धमकी दे रखी है कि नियम नहीं बदले जाने पर 6 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह किया जाएगा



News : Amar Ujala (3.5.12)
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Relaxation in HTET is still a problem and HTET qualified candidates candidates are heavily upset with this issue.

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HTET : ठेके पर नहीं होगी टीचरों की नियुक्ति


HTET : ठेके पर नहीं होगी टीचरों की नियुक्ति


•हरियाणा में टीचर भरती नियमों में बदलाव
•शिक्षक संघ कर रहे थे भरती नीति का विरोध


•अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीचरों की नियुक्ति अब ठेके पर न होकर नियमित आधार पर होगी। 12 हफ्ते की गर्भवती आवेदकों को भी नियुक्ति देने का फैसला कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा स्टेट एजूकेशन स्कूल कैडर सर्विस रूल्स में इन दोनों शर्तों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। प्रदेश में टीचर भरती नियमों में बदलाव के संबंध में अमर उजाला ने 21 अप्रैल को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रदेश में शिक्षक संघ नियमों में बदलाव का विरोध जताने लगे थे। शिक्षक संघों के दबाव को देखते हुए सरकार ने नियमों में संशोधन का फैसला लिया है। हालांकि टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) से दी गई छूट का फैसला अभी जस का तस है संशोधित किए गए दो नियमों को भी अभी अधिसूचित किया जाना है प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की नियुक्ति अनुबंध के बजाय नियमित तौर पर करने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 11 अप्रैल को नए नियम अधिसूचित किए थे। इसके तहत एक-एक साल करके पांच साल तक कांट्रेक्ट पर नियुक्ति करने के बाद टीचरों को नियमित किया जाना था। पांच साल तक टीचरों को केवल बेसिक पे और ग्रेड पे ही मिलने थे और छुट्टी भी सिर्फ एक महीने में एक ही मिलनी थी। अब रेगुलर नियुक्ति होने पर पहले दिन से पूरा वेतन मिलेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नियमों से उस शर्त को भी हटाने का फैसला किया है जिसमें 12 सप्ताह से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को प्रसूति से पहले कांट्रेक्ट पर नियुक्ति नहीं देना तय किया गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा में गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए जल्द ही 15 हजार टीचरों की नियुक्ति की जाएगी।


News : Amar Ujala (2.5.12)
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